Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»धार्मिक कथाये (devotional stories )»भगवान श्री कृष्ण के प्रति रुक्मणी की भक्ति…….
धार्मिक कथाये (devotional stories )

भगवान श्री कृष्ण के प्रति रुक्मणी की भक्ति…….

Updated:May 27, 2023
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

1 दिन भगवान श्री कृष्ण की पत्नी सत्यभामा के मन में एक अलग विचार आया। उन्होंने निश्चय किया कि वे भगवान श्री कृष्ण को अपने सभी गहनों से तौलेंगी। जब भगवान श्री कृष्ण को यह बात पता चली तो उन्होंने कुछ नहीं कहा सिर्फ थोड़ा सा मुस्कुराए और वहां से चले गए।

सत्यभामा भगवान श्री कृष्ण ले जाकर तराजू के पलडे़ पर बिठा दि। दूसरे पलड़े पर सत्यभामा ने अपने गहने को रखने लगीं। सत्यभामा के पास गहनों की कोई भी कमी नहीं थी सत्यभामा के पास बहुत सारे गहने थे। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण का पलड़ा भारी ही रहा। जब सत्यभामा ने अपने सभी गहने पलड़े पर रख दिया उसके बावजूद भगवान श्री कृष्ण का पलड़ा नहीं उठा तो वह थक हार कर बैठ गई।

तभी कुछ देर बाद वहां पर रुकमणी आई उसके बाद सत्यभामा ने रुक्मणी को सारी बात बताई , तभी रुकमणी तुरंत गई और पूजा की थाल ले आयी। उसके बाद रुक्मणी ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा शुरु कर दी। जिस पात्र में भगवान का चरणोदक था, उसे रुक्मणी ने उठाकर गहनों वाले पलड़ों पर रख दिया। रुकमणी के ऐसा करने के कुछ समय पश्चात ही देखते ही देखते भगवान का पलड़ा हल्का हो गया। कई सारे गहनों से जो बात नहीं बनी, वह चरणोदक के छोटे-से पात्र से रुक्मणि ने कर डाला । सत्यभामा किनारे खडे होकर यह सब आश्चर्य से देखती रहीं। सत्यभामा को समझ में नहीं आ रहा था कि ऐसा कैसे हो सकता है।

तभी वहां पर नारद मुनि आया और उन्होंने कहा कि भगवान की पूजा मे सोने चांदी का महत्व नहीं है बल्कि भावना का महत्व होता है। रुकमणी की भक्ति और पूजा भगवान के चरणोदक में समा गई। भक्ति और प्रेम से ज्यादा दुनिया में और किसी चीज का महत्व नहीं है। भगवान की पूजा भक्ति-भाव और प्रेम और श्रद्धा से की जाती है, सोने-चांदी से नही। पूजा का सही ढंग ही आपको भगवान से मिलाता है।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleगौतम बुद्ध की एक अनोखी सीख
Next Article नवाबो के शहर की अद्भुत विरासत.. [ बड़ा इमामबाड़ा के कुछ अनसुने किस्से जो शायद आपने ना सुने हो ]
लेटेस्ट स्टोरीज

JEE में असफल हुए, फिर उसी परीक्षा के चेयरमैन बने; IIT मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटी की प्रेरक कहानी

June 4, 2026

Protected: भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का गौरव

June 4, 2026

डॉ. अंबेडकर का संघर्ष: संविधान निर्माण और सामाजिक समानता का ऐतिहासिक सफर

June 4, 2026

भारत के पवित्र मंदिर: आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के महान केंद्र

June 3, 2026
उत्तर प्रदेश

Protected: भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का गौरव

June 4, 2026

भारत के पवित्र मंदिर: आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के महान केंद्र

June 3, 2026

भारत के ऐतिहासिक स्मारक: गौरवशाली अतीत की अमर पहचान

June 2, 2026

भारत के प्रसिद्ध लोक नृत्य: संस्कृति, परंपरा और उत्सव की जीवंत पहचान

June 1, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.