एक दिन अच्छी धूप में अकबर और बीरबल महल के बगीचे में आराम से टहल रहे थे। बीरबल की बुद्धिमानी का परीक्षा लेने के लिए अकबर ने सोचा क्यों न बीरबल से कोई मुश्किल सवाल पूछा जाए।
बादशाह ने बीरबल से पूछा, “हमारे राज्य में कुल कितने कौवे हैं?” बीरबल, राजा के सवाल के पीछे छिपे मजाक को समझ चुके थे और कुछ ही मिनटों में बीरबल ने जवाब देते हुए कहा, “महाराज! हमारे यहाँ अस्सी हजार नौ सौ इकहत्तर कौवे हैं।”
जवाब सुनकर राजा अकबर हैरान और आश्चर्यचकित रह गए, और फिर उन्होंने पूछा “अगर इससे ज्यादा हुए तो?” बीरबल ने जवाब दिया “तब हो सकता है वे दूसरे राज्यों से आए होंगे।”
राजा अकबर ने पूछा “अगर कम हुए तो?”
बीरबल ने मुस्कुरा कर जवाब दिया “वे दूसरे राज्यों में चले गए होंगे!” यह सुनकर अकबर, बीरबल की मजाकियापन, चतुराई और वाक्पटुता पर खुश हुए।
कहानी से सीख
शांति से सोचने से, जीवन में हर चीज का समाधान मिल सकता है।

