Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»Indain history facts»सरदार पटेल और रियासतें: 562 टुकड़ों को जोड़कर ‘एक भारत’ बनाने की महागाथा
Indain history facts

सरदार पटेल और रियासतें: 562 टुकड़ों को जोड़कर ‘एक भारत’ बनाने की महागाथा

Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

15 अगस्त 1947 को अंग्रेज भारत को आज़ादी तो दे रहे थे, लेकिन साथ ही वे देश को पूरी तरह बर्बाद करने की एक साज़िश भी छोड़ गए थे। ‘भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947’ के तहत ब्रिटिश हुकूमत ने भारत की 562 अर्ध-स्वतंत्र रियासतों (Princely States) को यह आज़ादी दे दी कि वे चाहें तो भारत में मिलें, पाकिस्तान में मिलें या खुद को स्वतंत्र देश घोषित कर लें। भारत के सामने दर्जनों छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटने का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे संकट के समय देश को मिला एक ऐसा ‘लोह पुरुष’ जिसने अपनी सूझबूझ और दृढ़ इच्छाशक्ति से आधुनिक भारत का भूगोल लिखा। Indiamitra के इस लेख में हम जानेंगे सरदार वल्लभभाई पटेल के इस महान योगदान की कहानी।

1. साम, दाम, दंड, भेद की नीति और पट्टाभिषेकम

तत्कालीन गृहमंत्री और उप-प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने सचिव वी.पी. मेनन के साथ मिलकर इस लगभग असंभव कार्य को हाथ में लिया। उन्होंने सभी राजा-महाराजाओं को दिल्ली बुलाया और देश की एकता में शामिल होने का ऐतिहासिक आह्वान किया।
देशभक्ति और कूटनीति: सरदार पटेल ने अधिकांश राजाओं को उनकी देशभक्ति का वास्ता दिया, उन्हें विशेषाधिकार (Privy Purse) देने का वादा किया और कूटनीतिक तरीकों से अधिकांश रियासतों को स्वेच्छा से भारत में शामिल होने के लिए राजी कर लिया। 15 अगस्त 1947 तक लगभग सभी रियासतें भारतीय संघ का हिस्सा बन चुकी थीं।

2. तीन बड़ी अड़चनें: जूनागढ़, हैदराबाद और कश्मीर

सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन तीन रियासतों ने भारत में विलय से साफ इनकार कर दिया:
जूनागढ़: यहाँ का नवाब पाकिस्तान में शामिल होना चाहता था, जबकि जनता भारत के साथ थी। सरदार पटेल ने वहां सेना भेजी, नवाब पाकिस्तान भाग गया और जनमत संग्रह (Plebiscite) के बाद जूनागढ़ भारत का हिस्सा बना।
हैदराबाद: यहाँ के निज़ाम उस्मान अली खान ने स्वतंत्र रहने की ज़िद पकड़ ली थी और उसकी ‘रजाकार’ सेना स्थानीय जनता पर अत्याचार कर रही थी। सितंबर 1998 में सरदार पटेल ने ‘ऑपरेशन पोलो’ (Operation Polo) के तहत सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया। मात्र 5 दिनों में निज़ाम ने घुटने टेक दिए।
जम्मू-कश्मीर: यहाँ के राजा हरि सिंह ने अंततः पाकिस्तानी कबाइलियों के आक्रमण के बाद विलय पत्र (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद भारतीय सेना ने मोर्चा संभाला।

3. ‘लोह पुरुष’ की अमर विरासत

यदि सरदार पटेल न होते, तो आज हमें एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए पासपोर्ट और वीज़ा की ज़रूरत पड़ती। उन्होंने बिना किसी बड़े खून-खराबे के दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा शांतिपूर्ण एकीकरण (Integration) कर दिखाया। यही कारण है कि उन्हें ‘आधुनिक भारत का शिल्पकार’ और ‘लोह पुरुष’ कहा जाता है। उनके इसी महान योगदान को नमन करते हुए गुजरात में नर्मदा नदी के तट पर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ (Statue of Unity) बनाई गई है, जो हमें हमेशा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की याद दिलाती है।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleभारत के ऐतिहासिक स्मारक: गौरवशाली अतीत की अमर पहचान
Next Article भारत के पवित्र मंदिर: आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के महान केंद्र

Related Posts

स्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण: जब दुनिया ने भारतीय अध्यात्म और सहिष्णुता का लोहा माना

June 2, 2026

शिवाजी महाराज की नौसेना: भारतीय नौसेना के जनक और उनकी अचूक युद्ध नीति

June 1, 2026

इसरो (ISRO) का सफर: साइकिल और बैलगाड़ी से मंगलयान और चंद्रयान तक की गौरवगाथा

May 31, 2026
लेटेस्ट स्टोरीज

भारत के पवित्र मंदिर: आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के महान केंद्र

June 3, 2026

सरदार पटेल और रियासतें: 562 टुकड़ों को जोड़कर ‘एक भारत’ बनाने की महागाथा

June 3, 2026

भारत के ऐतिहासिक स्मारक: गौरवशाली अतीत की अमर पहचान

June 2, 2026

“मिस्त्री की बेटी पूजा सिंह ने रचा इतिहास, 1.93 मीटर की छलांग से जीता गोल्ड और तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड”

June 2, 2026
उत्तर प्रदेश

भारत के पवित्र मंदिर: आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के महान केंद्र

June 3, 2026

भारत के ऐतिहासिक स्मारक: गौरवशाली अतीत की अमर पहचान

June 2, 2026

भारत के प्रसिद्ध लोक नृत्य: संस्कृति, परंपरा और उत्सव की जीवंत पहचान

June 1, 2026

उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती: आखिर क्या हैं इसके कारण और समाधान?

May 30, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.