Swami Dayanand Saraswati Quotes in Hindi | स्वामी दयानंद सरस्वती के अनमोल विचार
स्वामी दयानंद जी का जन्म 12 फरवरी 1824 को गुजरात में टंकारा नाम के गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम करशनजी लालजी तिवारी था, और उनकी मां का नाम यशोदाबाई था।
 |
| Swami Dayanand Saraswati Quotes: By Tejasvi Dwivedi |
संक्षिप्त परिचय
| नाम |
महर्षि स्वामी दयानन्द सरस्वती |
| जन्म |
12 फरवरी 1824 टंकारा, गुजरात |
| मृत्यु |
30 अक्टूबर 1883 अजमेर, राजस्थान |
| कार्य-क्षेत्र |
स्वतंत्रता सेनानी, समाज-सुधारक, धर्मगुरु |
| उपलब्धि |
आर्य समाज के संस्थापक. ‘स्वराज्य’ का नारा पहले आप ही ने दिया, जिसे बाद में लोकमान्य तिलक ने आगे बढ़ाया. समाज सुधार के अनेक कार्य किये.
|
स्वामी दयानंद जी के कुछ अनमोल विचार।
1. दुनिया को अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए और आपके पास सर्वश्रेष्ठ लौटकर आएगा।
2.अज्ञानी होना गलत नहीं है ,,”अज्ञानी बने रहना गलत है” ।
3. काम करने से पहले सोचना – बुद्धिमानी है ।
काम करते समय सोचना – सतर्कता है।
काम करने के बाद सोचना – मूर्खता है।
4. संयम और ब्रह्मचर्य से, कुछ भी असंभव नहीं है।
5.” जिस इंसान में अहंकार निवास किया है । उस इंसान का “विनाश “होना निश्चित है।
6. दुनिया में सबसे बढ़िया “संगीत यंत्र” इंसान की आवाज है।
7. जो लोग दूसरों की मदद करते हैं, एक तरह से वह “भगवान” की मदद करते हैं।
8. “माफ कर देना” यह किसी व्यक्ति की बस की बात नहीं , क्योंकि यह “विवेकशील” लोगों का काम होता है।
9. मानव जीवन में “तृष्णा “और “लालसा ” यह दोनों दुख के मूल कारण है।
10. “आत्मा अपने स्वरूप में एक है ,लेकिन उसके अस्तित्व अनेक है।
If you like Swami Dayanand Saraswati Quotes in
Hindi then please comment to your express view.
Like this:
Like Loading...
Related