उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में कड़ाके की ठंड का असर अब साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। ५ जनवरी २०२६ को उत्तर प्रदेश का बहराइच सबसे ठंडा स्थान रहा, जहाँ तापमान ३ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा, पंजाब के हिसार में ३.६ डिग्री और मध्य प्रदेश के दतिया में ४.४ डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) की स्थिति बनी हुई है, जिससे दिन के समय भी ठिठुरन महसूस की जा रही है।
कोहरे का ऑरेंज अलर्ट और बादलों की आवाजाही जारी

मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और ओडिशा के लिए कोहरे का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। हालांकि, दोपहर के बाद धूप निकलने से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के कारण शाम तक फिर से बादल छा सकते हैं। बिहार में शीतलहर और कोहरे की स्थिति बनी रहेगी, जबकि झारखंड और पूर्वोत्तर राज्यों में भी कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और पाला गिरने की बढ़ी आशंका
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में तापमान शून्य से ८.८ डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है, जिससे वहां भीषण ठंड पड़ रही है। श्रीनगर और काजीगुंड में भी पारा शून्य से नीचे बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई ऊंचाई वाले इलाकों में आज रात हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना है। उत्तराखंड के लिए ‘पाले’ (Ground Frost) का अलर्ट जारी किया गया है, जिसका अर्थ है कि फसलों और घास पर ओस की बूंदें जम सकती हैं, जो खेती के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
दक्षिण भारत में बारिश की संभावना बढ़ी
उत्तर भारत में जहां ठंड का कहर है, वहीं दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटीय इलाकों में अगले २४ से ४८ घंटों के दौरान बारिश हो सकती है। कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ आंतरिक हिस्सों में भी बादलों की आवाजाही रहेगी और छिटपुट बारिश देखी जा सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात में फिलहाल तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर बना हुआ है, लेकिन विदर्भ और मराठवाड़ा में आने वाले दिनों में गिरावट की संभावना है

