नोबेल पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक है। यह उन व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने विज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। वर्ष 2026 के नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक की गई। इस वर्ष चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य, शांति और आर्थिक विज्ञान की छह श्रेणियों में पुरस्कार विजेताओं का चयन किया गया। 1. चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार 2026 इस वर्ष चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार कार्ल डाइसेरोथ (Karl Deisseroth), पीटर हेगेमैन (Peter Hegemann) और जॉर्ज नागेल (Georg Nagel) को संयुक्त रूप से दिया गया।…
Author: Archana Dwivedi
नवरात्रि का चौथा दिन माँ कूष्मांडा को समर्पित है। माँ दुर्गा का यह स्वरूप अपनी दिव्य मुस्कान से संपूर्ण ब्रह्मांड की रचना करने वाली आदिशक्ति के रूप में पूजनीय है। मान्यता है कि माँ कूष्मांडा अपने भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। नवरात्रि के इस पावन दिन माता रानी की पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और मंत्रों के जाप से वातावरण भक्तिमय हो जाता है। माँ कूष्मांडा का दिव्य स्वरूप और महिमा माँ कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। उनके आठ हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और अमृत कलश सुशोभित हैं। उनका स्वरूप हमें…
भारत में छह राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जानिए किन राज्यों को मिले नए राज्यपाल, कौन हैं महिला राज्यपाल और क्या हैं इन नियुक्तियों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें। पढ़ें पूरी खबर और जानें आज के प्रमुख करंट अफेयर्स।
धर्म में नवरात्रि का प्रत्येक दिन माँ दुर्गा के एक दिव्य स्वरूप को समर्पित होता है। माँ दुर्गा का दूसरा स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी तपस्या, त्याग, संयम, धैर्य और अटूट संकल्प का प्रतीक माना जाता है। उनकी आराधना से जुड़ी मान्यताएँ भक्तों को कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती हैं। 🌼 माँ ब्रह्मचारिणी का स्वरूप और धार्मिक महत्व माँ ब्रह्मचारिणी के एक हाथ में जप की माला और दूसरे हाथ में कमंडल सुशोभित है। उनका स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और तेजस्वी है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप…
नवरात्रि के प्रथम दिन माँ दुर्गा के प्रथम स्वरूप माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। माँ शैलपुत्री को पर्वतराज हिमालय की पुत्री माना जाता है। ‘शैल’ का अर्थ पर्वत और ‘पुत्री’ का अर्थ बेटी होता है। इसी कारण माता रानी को शैलपुत्री कहा जाता है। माँ शैलपुत्री शक्ति, शांति, साहस और प्रकृति की प्रतीक हैं। माँ शैलपुत्री का स्वरूप माँ शैलपुत्री का वाहन वृषभ अर्थात बैल है। उनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल सुशोभित है। उनका स्वरूप अत्यंत दिव्य, शांत और मनमोहक है। माँ अपने भक्तों को धैर्य, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने…
अंतरराष्ट्रीय शांति, मानवाधिकार और न्याय के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए नावी पिल्लै को वर्ष 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कौन हैं नावी पिल्लै? नवानेथम ‘नावी’ पिल्लै दक्षिण अफ्रीका में जन्मी एक प्रसिद्ध न्यायविद् और मानवाधिकार विशेषज्ञ हैं। उनका जन्म भारतीय तमिल मूल के परिवार में हुआ था। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में मानवाधिकारों की रक्षा, अंतरराष्ट्रीय न्याय और कानून के शासन को मजबूत करने के लिए कार्य किया है। नावी पिल्लै अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) की न्यायाधीश रह चुकी हैं। उन्होंने वर्ष 2008 से 2014 तक संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त के…
सोने की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली के स्थानीय सर्राफा बाजार में बुधवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 700 रुपये गिरकर 1,48,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे पहले मंगलवार को सोना 1,49,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। सोने की कीमतों में आई इस गिरावट से उन लोगों को राहत मिली है, जो आने वाले दिनों में शादी, त्योहार या किसी अन्य अवसर के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। लगातार दूसरे दिन गिरा सोने का भाव स्थानीय बाजार में सोने की कीमत में यह…
बहुत समय पहले मुगल बादशाह अकबर का दरबार अपनी भव्यता और विद्वान लोगों के लिए प्रसिद्ध था। बादशाह अकबर के दरबार में कई बुद्धिमान मंत्री थे, लेकिन बीरबल की बात ही कुछ अलग थी। उनकी समझदारी, तर्क और हाजिरजवाबी के किस्से दूर-दूर तक मशहूर थे। एक दिन सुबह बादशाह अकबर के दरबार में एक अमीर व्यापारी बहुत परेशान हालत में पहुँचा। उसके चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी। अकबर ने पूछा, “व्यापारी, तुम इतने परेशान क्यों हो? क्या कोई बड़ी समस्या हो गई है?” व्यापारी ने हाथ जोड़कर कहा, “जहाँपनाह! मेरे घर से सोने के आभूषणों से भरी…
हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। आश्विन कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली इंदिरा एकादशी विशेष रूप से पितरों को समर्पित मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित होती है और परिवार में सुख-शांति की कामना की जाती है। कब है इंदिरा एकादशी? इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। यह आश्विन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। अगले दिन द्वादशी तिथि में व्रत का पारण किया जाता है। 🌿 इंदिरा एकादशी का महत्व इंदिरा एकादशी को…
एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान समाप्त हो गया है। जापान के आइची-नागोया में हुए इन खेलों में भारत ने कुल 85 पदक जीते—जिसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। हालांकि भारत का कुल पदक प्रदर्शन पिछले एशियाई खेलों की तुलना में कम रहा, लेकिन इस बार कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं। खासतौर पर महिलाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। 🥇 महिलाओं ने दिखाया दम भारत के 21 स्वर्ण पदकों में महिलाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा। क्रिकेट,…
