Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»Indain history facts»भारतीय तिरंगे का गौरवशाली सफर:
Indain history facts

भारतीय तिरंगे का गौरवशाली सफर:

Updated:May 31, 2026
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

1906 से आज तक
भारतीय ध्वज केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की अस्मिता, त्याग और अखंडता का प्रतीक है। आज हम जिस ‘तिरंगे’ को शान से लहराते हुए देखते हैं, वह रातों-रात अस्तित्व में नहीं आया। 1906 से लेकर 1947 तक इसके स्वरूप में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए, जो भारत के बदलते राजनैतिक और क्रांतिकारी परिवेश को दर्शाते हैं।
1. प्रथम ध्वज: 1906 (पारसी बागान चौक, कोलकाता)
भारत के पहले गैर-आधिकारिक ध्वज का अनावरण 7 अगस्त 1906 को कोलकाता में हुआ था। इस ध्वज में तीन क्षैतिज पट्टियाँ थीं— हरा, पीला और लाल।
सबसे ऊपर की हरी पट्टी में आठ आधे खिले हुए कमल के फूल थे।
बीच की पीली पट्टी पर नीले रंग में ‘वन्दे मातरम्’ लिखा था।
सबसे नीचे की लाल पट्टी पर सूर्य और अर्धचंद्र के चित्र अंकित थे।
2. मैडम कामा का ध्वज:

1907 (पेरिस और जर्मनी)
दूसरा ध्वज क्रांतिकारी मैडम भीखाजी कामा द्वारा 1907 में जर्मनी के स्टटगार्ट में फहराया गया। यह पहले ध्वज जैसा ही था, लेकिन इसमें ऊपरी पट्टी पर केवल सात सितारे (सप्तऋषि) थे। यह विदेशी धरती पर फहराया जाने वाला पहला भारतीय ध्वज था।
3. होम रूल आंदोलन ध्वज: 1917
एनी बेसेंट और लोकमान्य तिलक ने होम रूल आंदोलन के दौरान एक नया ध्वज अपनाया। इसमें 5 लाल और 4 हरी क्षैतिज पट्टियाँ थीं और एक कोने में ‘यूनियन जैक’ भी था। हालांकि, यह ध्वज जनता के बीच बहुत लोकप्रिय नहीं हुआ क्योंकि इसमें ब्रिटिश प्रभाव दिखाई देता था।

4. पिंगली वेंकैया का ध्वज और गांधीजी का चरखा:


1921 में विजयवाड़ा में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सत्र के दौरान, पिंगली वेंकैया ने एक ध्वज गांधीजी को प्रस्तुत किया। इसमें शुरू में लाल और हरा रंग था (हिंदू और मुस्लिम समुदायों के प्रतीक)। गांधीजी के सुझाव पर इसमें शांति और अन्य समुदायों के लिए सफेद पट्टी और प्रगति के प्रतीक के रूप में ‘चरखा’ जोड़ा गया।

5. स्वराज ध्वज: 1931 (ऐतिहासिक मोड़)

साल 1931 तिरंगे के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर तिरंगे को अपना ध्वज स्वीकार किया। इसमें रंगों का क्रम बदलकर केसरिया, सफेद और हरा कर दिया गया और बीच में गांधीजी का चरखा रखा गया। यह ध्वज सांप्रदायिकता से ऊपर उठकर राष्ट्रवाद का प्रतीक बना।

6. वर्तमान तिरंगा: 1947

जब भारत आजाद होने वाला था, तब डॉ. राजेंद्र प्रसाद की अध्यक्षता वाली समिति ने राष्ट्रीय ध्वज का चयन किया। 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने इसे अपनाया। इसमें चरखे की जगह सम्राट अशोक के ‘धर्म चक्र’ (नीले रंग का पहिया जिसमें 24 तीलियाँ हैं) को स्थान दिया गया।
निष्कर्ष
केसरिया रंग साहस और बलिदान का, सफेद शांति और सच्चाई का, और हरा रंग उर्वरता और प्रगति का प्रतीक है। चक्र हमें निरंतर गतिमान रहने की प्रेरणा देता है। 1906 के कमल के फूलों से लेकर 1947 के अशोक चक्र तक का यह सफर भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता की वह कहानी है, जिसे हर भारतीय को गर्व के साथ याद रखना चाहिए।

​निष्कर्ष

​केसरिया रंग साहस और बलिदान का, सफेद शांति और सच्चाई का, और हरा रंग उर्वरता और प्रगति का प्रतीक है। चक्र हमें निरंतर गतिमान रहने की प्रेरणा देता है। 1906 के कमल के फूलों से लेकर 1947 के अशोक चक्र तक का यह सफर भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता की वह कहानी है, जिसे हर भारतीय को गर्व के साथ याद रखना चाहिए।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleदुनिया के सबसे कम उम्र के रेटेड शतरंज खिलाड़ी – एक प्रेरणादायक कहानी
Next Article जन गण मन: गुरुदेव टैगोर की कालजयी रचना और इसके राष्ट्रगान बनने की अनकही कहानी

Related Posts

उत्तर प्रदेश पुलिस का ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’: साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी पहल

July 24, 2026

उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ शुरू किया

July 18, 2026

उत्तर प्रदेश के 15 लाख से अधिक शिक्षकों को बड़ी सौगात! अब ₹5 लाख तक मुफ्त कैशलेस इलाज

July 17, 2026
लेटेस्ट स्टोरीज

🐘 विश्व हाथी दिवस 2026: हाथियों के संरक्षण का संदेश

August 12, 2026

भारत ने 11 और बंदरगाहों को e-Visa Entry के लिए अधिसूचित किया

August 11, 2026

BRICS 2026: भारत की अध्यक्षता से वैश्विक मंच पर बढ़ेगा देश का प्रभाव

August 10, 2026

🇮🇳 हर घर तिरंगा अभियान 2026 की शुरुआत, देशभर में गूंजा राष्ट्रभक्ति का संदेश

August 9, 2026
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश पुलिस का ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’: साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी पहल

July 24, 2026

उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ शुरू किया

July 18, 2026

उत्तर प्रदेश के 15 लाख से अधिक शिक्षकों को बड़ी सौगात! अब ₹5 लाख तक मुफ्त कैशलेस इलाज

July 17, 2026

भारत की शान: अनु रानी – संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल

June 30, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.