प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2025 से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 4,543 चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र जारी करने पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह मामला लिखित परीक्षा की अंतिम उत्तर कुंजी में कुछ प्रश्नों के उत्तर बदले जाने और अभ्यर्थियों की आपत्तियों से जुड़ा हुआ है। मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को होगी।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने उत्तर प्रदेश सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के लिए 12 अगस्त 2025 को विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती के लिए लगभग 15.75 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को दो-दो पालियों में आयोजित की गई, जिसमें करीब 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए। लिखित परीक्षा का परिणाम 7 मई 2026 को घोषित किया गया।
भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद 14 जुलाई 2026 को अंतिम परिणाम जारी किया गया और कुल 4,543 पदों के लिए चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी। इसी बीच कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी।
उत्तर कुंजी को लेकर क्यों उठे सवाल?
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में यह मुद्दा उठाया गया कि भर्ती परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। बाद में अंतिम उत्तर कुंजी में कुछ प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इन बदलावों का कुछ अभ्यर्थियों के अंकों और अंतिम चयन पर प्रभाव पड़ा। उनका आरोप है कि उनके द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों पर अपेक्षित तरीके से विचार नहीं किया गया।
चूंकि परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न के अंक महत्वपूर्ण थे, इसलिए उत्तरों में बदलाव से कुछ अभ्यर्थियों के परिणाम में अंतर आने का दावा किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर अभ्यर्थियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए फिलहाल नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। इसका अर्थ है कि 4,543 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी।
यह रोक भर्ती को रद्द करने का आदेश नहीं है। अभी अदालत के सामने मुख्य मुद्दा उत्तर कुंजी में किए गए बदलाव और उनसे संबंधित अभ्यर्थियों की आपत्तियां हैं। आगे की सुनवाई में अदालत इन मुद्दों पर विचार करेगी।
5 अक्टूबर को क्या होगा?
इस मामले में 5 अक्टूबर 2026 को अगली सुनवाई निर्धारित की गई है। उस सुनवाई में उत्तर कुंजी में बदलाव, अभ्यर्थियों की आपत्तियों और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े कानूनी पक्षों पर आगे सुनवाई होगी।
इसलिए फिलहाल चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र के संबंध में अगले न्यायालयी आदेश का इंतजार करना होगा।
अभ्यर्थियों के लिए इसका क्या मतलब है?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार:
4,543 चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र पर रोक है।
भर्ती प्रक्रिया का विवाद अंतिम उत्तर कुंजी में बदलाव से जुड़ा है।
कुछ अभ्यर्थियों ने बदले गए उत्तरों और अपनी आपत्तियों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
5 अक्टूबर 2026 को मामले की अगली सुनवाई होगी।
अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अंतिम रूप से अदालत का फैसला क्या होगा।
इसलिए अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों के बजाय अदालत के आदेश और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।

