लखनऊ। हिंदी सिनेमा के जाने-माने लेखक, गीतकार और पत्रकार नीलेश मिसरा अब फिल्म निर्माण के क्षेत्र में उतर चुके हैं। उन्होंने अपनी पहली मिनी फीचर फिल्म ‘कूद’ रिलीज कर दी है, जो उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।

‘स्लो मोशन पिक्चर्स’ के जरिए दिखाएंगे छोटी जगहों की कहानियां
यह फिल्म नीलेश मिसरा के ‘Neelesh Misra Word’ के कंटेंट वर्टिकल “Slow Motion Pictures” के तहत तैयार की गई है। इस प्रोडक्शन हाउस का मुख्य उद्देश्य भारत के छोटे शहरों, कस्बों और गांवों की उन सरल और संवेदनशील कहानियों को पर्दे पर लाना है, जो सीधे दर्शकों की भावनाओं से जुड़ सकें।

क्या है फिल्म ‘कूद’ की कहानी?
फिल्म ‘कूद’ दो अजनबियों के इर्द-गिर्द घूमती है। ये दोनों ही पात्र जीवन से निराश होकर एक ही दिन और एक ही समय पर, खुदकुशी करने के इरादे से एक ही पुल पर पहुँच जाते हैं। फिल्म की भावनात्मक गहराई को बढ़ाने के लिए इसमें दो ओरिजिनल गीतों को भी शामिल किया गया है।
गीतकार के रूप में एक लंबा सफर
नीलेश मिसरा पिछले दो दशकों से भारतीय सिनेमा को कई यादगार गीत दे चुके हैं। ‘जिस्म’ (2003) के “जादू है नशा है” से लेकर ‘एक था टाइगर’ के “बंजारा”, ‘बर्फी’ के “क्यों” और हाल ही में ‘महानगर… इन दिनों’ (2025) के गीतों तक, उन्होंने हमेशा अपनी लेखनी में संवेदनशीलता बनाए रखी है।
अब फिल्म निर्माण के जरिए वे कहानियों को एक नया आयाम देने जा रहे हैं।

