Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»Indain history facts»भारतीय संविधान का इतिहास: प्रेम बिहारी नारायण रायजादा के हाथों लिखी गई दुनिया की सबसे खूबसूरत मूल प्रति
Indain history facts

भारतीय संविधान का इतिहास: प्रेम बिहारी नारायण रायजादा के हाथों लिखी गई दुनिया की सबसे खूबसूरत मूल प्रति

Updated:May 31, 2026
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email


भारत का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। जब भी संविधान की बात होती है, तो बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम सबसे पहले आता है, जिन्होंने इसे तैयार किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस मूल प्रति (Original Copy) को हम देखते हैं, उसे किसी मशीन या टाइपराइटर से नहीं, बल्कि एक व्यक्ति ने अपनी सुंदर लिखावट (Calligraphy) से हाथ से लिखा था? उस महान कलाकार का नाम था— प्रेम बिहारी नारायण रायजादा। आइए, संविधान के इस अनकहे इतिहास को करीब से जानते हैं।

1. कौन थे प्रेम बिहारी नारायण रायजादा?

प्रेम बिहारी नारायण रायजादा का जन्म दिल्ली के एक नामी कैलीग्राफर परिवार में हुआ था। उन्होंने कैलीग्राफी की कला अपने दादाजी से सीखी थी। जब भारत का संविधान तैयार हो गया, तब देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू चाहते थे कि इसे हाथ से लिखा जाए ताकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक कलात्मक विरासत बने।

2. जब नेहरू जी ने पूछी ‘फीस‘

इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि जब नेहरू जी ने रायजादा से संविधान लिखने का अनुरोध किया और उनसे उनकी मेहनत की ‘फीस’ पूछी, तो रायजादा का जवाब सुनकर नेहरू जी दंग रह गए। रायजादा ने कहा— “मुझे एक भी पैसा नहीं चाहिए। भगवान की कृपा से मेरे पास सब कुछ है। मेरी बस एक शर्त है कि संविधान के हर पन्ने पर मेरा नाम हो और आखिरी पन्ने पर मेरे नाम के साथ मेरे दादाजी का नाम हो।” सरकार ने उनकी यह सम्मानजनक शर्त मान ली।

3. छह महीने की कड़ी मेहनत और 303 पेन की निब

संविधान को लिखने का कार्य संविधान सभा के एक विशेष कमरे में शुरू हुआ। रायजादा ने इस विशाल कार्य के लिए 303 नंबर की पेन निब का उपयोग किया और 254 होल्डर पेन का सहारा लिया। उन्होंने पूरे संविधान को ‘इटैलिक स्टाइल’ (Italic Style) में लिखा। इस महान कार्य को पूरा करने में उन्हें लगभग 6 महीने का समय लगा। इस दौरान उन्होंने एक भी गलती नहीं की, जो उनकी एकाग्रता का प्रमाण है।

4. कला और सौंदर्य का अद्भुत संगम: शांतिनिकेतन के कलाकार

संविधान की मूल प्रति केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह कला का भी उत्कृष्ट नमूना है। जहाँ रायजादा ने इसे अपनी लेखनी से सजाया, वहीं इसके हर पन्ने पर बॉर्डर और चित्रकारी करने का कार्य नंदलाल बोस के नेतृत्व में शांतिनिकेतन के कलाकारों ने किया। उन्होंने संविधान में मोहनजोदड़ो, वैदिक काल, रामायण, महाभारत और बुद्ध के जीवन से जुड़े चित्रों को उकेरा, जो भारत की सांस्कृतिक यात्रा को दर्शाते हैं।

5. आज कहाँ सुरक्षित है मूल प्रति?

संविधान की यह मूल हस्तलिखित प्रति 22 इंच लंबी और 16 इंच चौड़ी है। इसका वजन लगभग 3.75 किलोग्राम है। आज यह मूल प्रति भारतीय संसद के पुस्तकालय (Library) में हीलियम से भरे एक विशेष कांच के केस में सुरक्षित रखी गई है, ताकि कागज़ और स्याही खराब न हो।

निष्कर्ष
प्रेम बिहारी नारायण रायजादा जैसे निस्वार्थ कलाकारों के योगदान के बिना हमारा संविधान अधूरा होता। उन्होंने अपनी कला को राष्ट्र को समर्पित कर दिया। आपकी अपनी वेबसाइट Indiamitra का उद्देश्य ऐसे ही गुमनाम नायकों और उनके महान कार्यों को दुनिया के सामने लाना है।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleअपरा एकादशी क्यों है इतनी खास? जानिए व्रत का महत्व और पूजा नियम
Next Article सारे जहाँ से अच्छा: अल्लामा इक़बाल की वह अमर रचना जिसने देश को एक सूत्र में पिरो दिया

Related Posts

डॉ. अंबेडकर का संघर्ष: संविधान निर्माण और सामाजिक समानता का ऐतिहासिक सफर

June 4, 2026

सरदार पटेल और रियासतें: 562 टुकड़ों को जोड़कर ‘एक भारत’ बनाने की महागाथा

June 3, 2026

स्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण: जब दुनिया ने भारतीय अध्यात्म और सहिष्णुता का लोहा माना

June 2, 2026
लेटेस्ट स्टोरीज

🚀 10वीं की छात्रा ने कर दिखाया कमाल! ‘ShakthiSAT’ स्पेस मिशन में बनाई जगह

June 28, 2026

पहली महिला NDA टॉपर बनीं हरियाणा की शनन ढाका, अब बनीं सेना में लेफ्टिनेंट

June 27, 2026

निर्जला एकादशी 2026: पुण्य, व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त

June 25, 2026

🏅 पद्म पुरस्कार 2026: देश के अनमोल रत्नों को मिला सम्मान

June 24, 2026
उत्तर प्रदेश

🚀 10वीं की छात्रा ने कर दिखाया कमाल! ‘ShakthiSAT’ स्पेस मिशन में बनाई जगह

June 28, 2026

पहली महिला NDA टॉपर बनीं हरियाणा की शनन ढाका, अब बनीं सेना में लेफ्टिनेंट

June 27, 2026

निर्जला एकादशी 2026: पुण्य, व्रत का महत्व और शुभ मुहूर्त

June 25, 2026

कोचिंग सेंटर खोलने से पहले जान लें ये जरूरी मानक, वरना हो सकती है बड़ी परेशानी

June 23, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.