सड़क किनारे या खाली जगहों पर अक्सर दिखने वाली कुछ घास/शाक ऐसी हैं जिनका पारंपरिक आयुर्वेदिक या लोक-चिकित्सा में औषधीय उपयोग बताया गया है:
दूब घास (Cynodon dactylon) — पारंपरिक रूप से रक्तस्राव और घाव आदि में उपयोग।
नागदौन (Artemisia spp.) — पारंपरिक चिकित्सा में विभिन्न उपयोग।
भृंगराज (Eclipta prostrata) — बालों और त्वचा से जुड़े पारंपरिक उपयोगों के लिए प्रसिद्ध।
पुनर्नवा (Boerhavia diffusa) — आयुर्वेद में मूत्रवर्धक आदि पारंपरिक उपयोग।
कास घास (Saccharum spontaneum) — जड़ का पारंपरिक औषधीय उपयोग बताया जाता है।
कुश घास (Desmostachya bipinnata) — आयुर्वेदिक परंपरा में उपयोग।
सत्यानाशी (Argemone mexicana) — लोक चिकित्सा में उपयोग का उल्लेख मिलता है, लेकिन यह विषैला भी हो सकता है, इसलिए स्वयं सेवन नहीं करना चाहिए।
चिरचिटा/अपामार्ग (Achyranthes aspera) — आयुर्वेद में पारंपरिक रूप से कई उपयोगों के लिए जाना जाता है।
⚠️ महत्वपूर्ण: सड़क किनारे उगने वाले पौधे धूल, प्रदूषण, कीटनाशक या अन्य रसायनों से दूषित हो सकते हैं। केवल पहचान के आधार पर इन्हें औषधि की तरह खाना/लगाना सुरक्षित नहीं है।

