Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»Religion (dharmik)»नहाए खाए के साथ शुरू हुआ सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा
Religion (dharmik)

नहाए खाए के साथ शुरू हुआ सूर्य उपासना का महापर्व छठ पूजा

Updated:November 19, 2023
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

भगवान सूर्य की उपासना का महापर्व छठ शुक्रवार को शुरू हो गया है इस नहाए खाए छठ पूजा में सूर्य भगवान के उदय और अस्त दोनों रूपों में उनकी पूजा की जाती है उन्हें अर्घ्य दिया जाता है। इस पूजा में महिलाएं सात्विक भोजन करती है और घाटों पर जाकर पूजा वेदी बनाती हैं ।

लखनऊ स्थित लक्ष्मण मेला मैदान , सांझिया घाट, पंचमुखी घाट ,कुड़िया घाट समेत कई घाटों पर सफाई जारी कर दी गई है क्योंकि यहां पर भारी संख्या में लकर पूजा करने के लिए आते हैं। यह छठ पूजा शुक्रवार को प्रारंभ होकर सोमवार तक चलेगी। जिसमें रविवार को अस्ताचलगामी (सूर्य अस्त) को और सोमवार को उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। नहाए खाए के साथ शुरू होने वाला यह पर सोमवार सुबह संपन्न होगा। सूर्य उपासना के पर्व सप्तमी तिथि को होते हैं लेकिन छठ पर ही ऐसा पर्व है जिसमें छठी तिथि पर भी छठ मनाई जाती है । जिसमें सूर्य देव की पूजा की जाती है। मान्यता यह है कि छठ मैया खरना से ढाई दिन के लिए अपने मायके आई हैं

क्या है खरना से निर्जला व्रत रखने का तरीका?

खरना को छोटी छठ भी कहते हैं इसी दिन मटर का केराव भी बनता है ।यही वह दिन है जिस दिन से महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं एवं व्रत रखने वाली महिलाएं रात को पुआल या कुश की चटाई पर सोती हैं। दूसरे दिन अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसमें गन्ना, सिंघाड़ा, अनार, नारियल, कद्दू ,केला,नींबू, सुपारी ,मूली, लौकी,पेड़ लगी अदरक और हल्दी , सुथनी सब समेत कई मौसमी फल चढ़ाए जाते हैं लेकिन पांच फल जरूरी होते हैं।

चार दिन का होता है यह महापर्व

यह त्योहार कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को नहाए खाए से छठ व्रत की शुरुआत होती है। पंचमी पर खरना होता है एवं छठे दिन यह अस्ताचलगामी तो सप्तमी पर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस व्रत को पूरा किया जाता है।

सात्विकता है जरूरी

छठ के इस व्रत में सात्विक भोजन बनाना बहुत जरूरी है क्योंकि यही सात्विक भोजन ग्रहण भी करना होता है ।इसमें लहसुन ,प्याज समेत कई चीज डालना वर्जित होती है इस दिन लौकी मिलकर चने की दाल चावल खाया जाता है ,दूसरे दिन खरना होता है। इस दिन व्रत रखने वाली महिलाएं साठी के चावल के साथ गुड़ और दूध मिलाकर खीर व घी लगी रोटी खाते हैं। इसे भी शाम को ही ग्रहण किया जाता है इस व्रत में नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है।

कार्तिक मास आते ही शुरू हो जाती है इसकी तैयारी

कहते हैं कि छठ मैया का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं जो भी व्यक्ति माता का यह व्रत रहता है उसकी माता सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। इसके साथ ही पति व स्वास्थ्य, समृद्धि की कामना के लिए भी लोग यह व्रत रखते हैं ।भोजपुरी समाज की इस पर्व में बड़ी आस्था है विवाहित महिलाओं के अलावा पुरुष भी या व्रत रखते हैं।

छठ पूजा की तैयारी कार्तिक मास आते ही प्रारंभ हो जाती है। पूरी प्रक्रिया में पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। हम आपको बता दें कि पहले इसमें गेहूं को धोकर धूप में सुखाया जाता है वह भी इस तरीके से सिखाया जाता है कि इसमें कीड़ा मकोड़ा या पक्षी जाकर चोंच ना मार दी इसलिए वहीं बैठकर ही उसे सूखने का प्रावधान माना गया है। फिर हाथ की चक्की से गेहूं पीसकर बनाया जाता है ना कि बाहर पिसे हुए आटे का प्रयोग कर सकते हैं । इसके अलावा अरवा चावल भी सुखाकर पीस लिया जाता है पूरे घर की पूरी तरह सफाई भी की जाती है। जो कि व्रत में विशेष तौर पर जरूरी है।

ऐसे बनाया जाता है छठ माता का प्रसाद

छठ माता की व्रत में प्रसाद का भी अत्यंत महत्व है इसे भी बेहतर ढंग से बनाना चाहिए। आइए जानते हैं कि छठ माता के व्रत में किस चीज का भोग लगता है –

इसमें खरना पर सुबह घरों में मिट्टी का चूल्हा और पूजा की वेदी बनाई जाती है । सुबह गुड़ ,देसी, घी और आटे का ठेकुआ और भीगा चना इस त्यौहार का मुख्य प्रसाद है । दूसरे दिन भोर में उदय होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस दौरान सारा प्रसाद बांस के बने डाला में रखा जाता है। महिलाएं सूप में प्रसाद लेकर नदी के जल में खड़ी होती हैं। सूप में पान के पत्ते पर बड़ी इलायची सुपारी और लॉन्ग होना जरूरी होता है।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleक्या होता है डीपफेक… जाने इसके बारे में..
Next Article जाने छठ पूजा की पौराणिक कथा एवं पूजा में इन छह फलों का विशेष महत्व…

Related Posts

तुलसी माता की पूजन कथा

November 28, 2023

आज जागेंगे भगवान, शुरू होंगे मांगलिक कार्य

November 23, 2023

जाने छठ पूजा की पौराणिक कथा एवं पूजा में इन छह फलों का विशेष महत्व…

November 20, 2023
लेटेस्ट स्टोरीज

JEE में असफल हुए, फिर उसी परीक्षा के चेयरमैन बने; IIT मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटी की प्रेरक कहानी

June 4, 2026

Protected: भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का गौरव

June 4, 2026

डॉ. अंबेडकर का संघर्ष: संविधान निर्माण और सामाजिक समानता का ऐतिहासिक सफर

June 4, 2026

भारत के पवित्र मंदिर: आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के महान केंद्र

June 3, 2026
उत्तर प्रदेश

Protected: भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का गौरव

June 4, 2026

भारत के पवित्र मंदिर: आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के महान केंद्र

June 3, 2026

भारत के ऐतिहासिक स्मारक: गौरवशाली अतीत की अमर पहचान

June 2, 2026

भारत के प्रसिद्ध लोक नृत्य: संस्कृति, परंपरा और उत्सव की जीवंत पहचान

June 1, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.