Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»धर्म»षट्तिला एकादशी आज ,25 जनवरी 2025… जाने क्या है पूजा विधि और शुभ मुहूर्त…
धर्म

षट्तिला एकादशी आज ,25 जनवरी 2025… जाने क्या है पूजा विधि और शुभ मुहूर्त…

Updated:January 25, 2025
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

षटतिला एकादशी , जो 25 जनवरी, 2025 को माघ महीने में मनाई जाती है, में व्रत, दान और भगवान विष्णु की भक्ति शामिल है। ऐसा माना जाता है कि इस त्यौहार को मनाने से मन और आत्मा शुद्ध होती है, आध्यात्मिक लाभ मिलता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

एक महीने में दो पक्ष होने के कारण दो एकादशी होती हैं, एक शुक्ल पक्ष मे तथा दूसरी कृष्ण पक्ष मे। इस प्रकार वर्ष मे कम से कम 24 एकादशी हो सकती हैं, परन्तु अधिक मास की स्थति मे यह संख्या 26 भी हो सकती है।

एकादशी का व्रत रखने का सही तरीका

एकादशी के व्रत का सम्वन्ध तीन दिनों की दिनचर्या से है। भक्त उपवास के दिन, से एक दिन पहले दोपहर में भोजन लेने के उपरांत शाम का भोजन नहीं ग्रहण करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अगले दिन पेट में कोई अवशिष्ट भोजन न बचा रहे। भक्त एकादशी के दिन उपवास के नियमों का कड़ाई से पालन करते हैं। तथा अगले दिन सूर्योदय के बाद ही उपवास समापन करते हैं। एकादशी व्रत के दौरान सभी प्रकार के अनाज का सेवन वर्जित होता है।

एकादशी की शुभ तिथि एवं पारण समय

एकादशी तिथि : शनिवार, जनवरी 25, 2025
व्रत तोड़ने(पारण) का समय – 26 जनवरी, 7:12 AM से 9:21 AM

षटतिला एकादशी का मुहूर्त
एकादशी तिथि – 24 जनवरी, 7:25 PM – 25 जनवरी 8:31 PM

षट्तिला  एकादशी में इन चीजों का करें प्रयोग

तिल स्नान, 2. तिल का उबटन, 3. तिल का हवन, 4. तिल का तर्पण, 5 तिल का भोजन और 6. तिलों का ‍दान- ये तिल के 6 प्रकार हैं । इनके प्रयोग के कारण यह षटतिला एकादशी कहलाती है। इस व्रत के करने से अनेक प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं। इतना कहकर पुलस्त्य ऋषि कहने लगे कि अब मैं तुमसे इस एकादशी की कथा कहता हूँ।

एकादशी की व्रत कथा

एक समय नारदजी ने भगवान श्रीविष्णु से यही प्रश्न किया था और भगवान ने जो षटतिला एकादशी का माहात्म्य नारदजी से कहा- सो मैं तुमसे कहता हूँ। भगवान ने नारदजी से कहा कि हे नारद! मैं तुमसे सत्य घटना कहता हूँ। ध्यानपूर्वक सुनो।

प्राचीनकाल में मृत्युलोक में एक ब्राह्मणी रहती थी। वह सदैव व्रत किया करती थी। एक समय वह एक मास तक व्रत करती रही। इससे उसका शरीर अत्यंत दुर्बल हो गया। यद्यपि वह अत्यंत बुद्धिमान थी तथापि उसने कभी देवताओं या ब्राह्मणों के निमित्त अन्न या धन का दान नहीं किया था। इससे मैंने सोचा कि ब्राह्मणी ने व्रत आदि से अपना शरीर शुद्ध कर लिया है, अब इसे विष्णुलोक तो मिल ही जाएगा परंतु इसने कभी अन्न का दान नहीं किया, इससे इसकी तृप्ति होना कठिन है।

भगवान ने आगे कहा- ऐसा सोचकर मैं भिखारी के वेश में मृत्युलोक में उस ब्राह्मणी के पास गया और उससे भिक्षा माँगी। वह ब्राह्मणी बोली- महाराज किसलिए आए हो? मैंने कहा- मुझे भिक्षा चाहिए। इस पर उसने एक मिट्टी का ढेला मेरे भिक्षापात्र में डाल दिया। मैं उसे लेकर स्वर्ग में लौट आया। कुछ समय बाद ब्राह्मणी भी शरीर त्याग कर स्वर्ग में आ गई। उस ब्राह्मणी को मिट्टी का दान करने से स्वर्ग में सुंदर महल मिला, परंतु उसने अपने घर को अन्नादि सब सामग्रियों से शून्य पाया।

घबराकर वह मेरे पास आई और कहने लगी कि भगवन् मैंने अनेक व्रत आदि से आपकी पूजा की परंतु फिर भी मेरा घर अन्नादि सब वस्तुओं से शून्य है। इसका क्या कारण है? इस पर मैंने कहा- पहले तुम अपने घर जाओ। देवस्त्रियाँ आएँगी तुम्हें देखने के लिए। पहले उनसे षटतिला एकादशी का पुण्य और विधि सुन लो, तब द्वार खोलना। मेरे ऐसे वचन सुनकर वह अपने घर गई। जब देवस्त्रियाँ आईं और द्वार खोलने को कहा तो ब्राह्मणी बोली- आप मुझे देखने आई हैं तो षटतिला एकादशी का माहात्म्य मुझसे कहो।

उनमें से एक देवस्त्री कहने लगी कि मैं कहती हूँ। जब ब्राह्मणी ने षटतिला एकादशी का माहात्म्य सुना तब द्वार खोल दिया। देवांगनाओं ने उसको देखा कि न तो वह गांधर्वी है और न आसुरी है वरन पहले जैसी मानुषी है। उस ब्राह्मणी ने उनके कथनानुसार षटतिला एकादशी का व्रत किया। इसके प्रभाव से वह सुंदर और रूपवती हो गई तथा उसका घर अन्नादि समस्त सामग्रियों से युक्त हो गया।

अत: मनुष्यों को मूर्खता त्यागकर, षटतिला एकादशी का व्रत  करे और लोभ न करके तिलादि का दान करना चाहिए। इससे दुर्भाग्य, दरिद्रता तथा अनेक प्रकार के कष्ट दूर होकर मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleजाने कब , किस दिन और कैसे हुई उत्तर प्रदेश की स्थापना: 24 जनवरी 2025 …
Next Article मेडिसिन कीज बनी ऑस्ट्रेलियाई ओपन 2025 की विजेता

Related Posts

🕌 12 वफात क्या है? जानिए इसका धार्मिक महत्व

August 26, 2026

🌸 पुत्रदा एकादशी व्रत कथा🌸

August 23, 2026

देवशयनी एकादशी 2026: भक्ति, आत्मसंयम और आध्यात्मिक जागरण का पावन पर्व

July 25, 2026
लेटेस्ट स्टोरीज

🇮🇳 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला उज़्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान

August 30, 2026

🇮🇳 राष्ट्रीय खेल दिवस — 29 अगस्त, इसको बनाने का कारण व महत्व

August 29, 2026

🪢 रक्षाबंधन क्यों मनाया जाता है? जानिए इस पवित्र त्योहार का महत्व

August 28, 2026

🌧️ मानसून में त्वचा की देखभाल कैसे करें? जानें आसान और जरूरी उपाय

August 27, 2026
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश पुलिस का ‘ऑपरेशन साइ-वज्र’: साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी पहल

July 24, 2026

उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ शुरू किया

July 18, 2026

उत्तर प्रदेश के 15 लाख से अधिक शिक्षकों को बड़ी सौगात! अब ₹5 लाख तक मुफ्त कैशलेस इलाज

July 17, 2026

भारत की शान: अनु रानी – संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल

June 30, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.