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आपदा के इस दौर में किसने क्या झेला और किसने क्या किया ये दो बातें हमेशा याद रहेंगी, एक तरफ आपदा और त्रासदी के दौर में बहुत से प्रभावशाली लोगों ने सिर्फ अपनी जान बचाने को प्राथमिकता दी, वही प्रदेश और देश की राजनीति में ऐसे भी चेहरे है जो इस मुसीबत के समय में संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रतीक बन गये है।

ये कहना है उत्तर प्रदेश के राजधानी लखनऊ के अंतर्गत आने वाले अलीगंज निवासी 40 वर्षीय मानवी द्विवेदी का, वो आगे बताती है “ ये दिक्कतों का दौर है, इस दौर में बीमारी के साथ साथ आर्थिक तंगी भी लोगों के लिए बड़ी समस्या है और कहीं न कही समाज का हर तबका इससे प्रभावित हुआ हैI

सर पर गमछा बांधे और काँधे पर सैनीटाइजर मशीन टांगे या टैंकर के पीछे पाइप लेकर चलते हुए लोगों को आग्रह और हल्के फुल्के हंसी मजाक के लखनऊ के उत्तर विधानसभा के फैजुल्लागंज वार्ड के अंतर्गत आने वाले प्रीती नगर, गायत्री नगर, प्रभात पुरम में कोई लड़का दिखे तो आप जान लीजिये कि शख्श समाजसेवक जे.पी द्विवेदी है।

कोरोना की दूसरी लहर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में न भूलने वाले अनुभव दुख और तकलीफे दे गई है।