Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»inspirationl»महात्मा गांधी की सीख
inspirationl

महात्मा गांधी की सीख

Updated:October 2, 2023
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

बात है अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में 27 जनवरी 1928 की । उस दिन आश्रम में एक शादी होने वाली थी पर ना तो कोई बैंड बाजा था और न ही स्वादिष्ट पकवानों का इंतजाम। दुल्हन के लिए आभूषण और सजावट की दूसरी चीज भी कहीं नजर नहीं आ रही थी। यह एक ऐसी मां के बेटे की शादी थी जिसने पति की पढ़ाई के लिए अपने सारे आभूषण बेच दिए थे। उपहार में मिले आभूषण भी उनसे यह कह कर दे दिए कि सार्वजनिक कार्य करने वाले को बाहर मिलने वाली कीमती चीज निजी जीवन में इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए।

वह मां कोई और नहीं बल्कि महात्मा गांधी जी की धर्मपत्नी कस्तूरबा गांधी थी उनके तीसरे बेटे रामदास गांधी की। दक्षिण अफ्रीका में ग्रोव विला से शादी करते समय वहां के लोगों ने उन्हें चांदी और हीरे के उपहार दिए थे। इनमें 400 ग्राम का सोने का हार भी था जिसे कस्तूरबा भविष्य में अपनी बहू के लिए रखना चाहती थी पर ऐसा महात्मा गांधी ने नहीं होने दिया यह अक्टूबर 1902 की बात थी। आज बेटे की शादी के मौके पर भी उन्हें यह कह कर सादगी के लिए तैयार कर दिया गया कि हम जीवन में जो कहते हैं उसे लोग नहीं सुनते जो हम जीते हैं वहीं हर कोई देखता – सीखता है।

महात्मा गांधी के इन मूल्यों को जीने में कस्तूरबा ने कोई हिचक नहीं दिखाई। 27 जनवरी को महात्मा गांधी व कस्तूरबा गांधी के पुत्र रामदास का विवाह था परंतु उनके पास धन की कमी थी जिसके वजह से भी बेहतर इंतजार नहीं कर पाते थे हालांकि उनकी इंतजाम के लिए बहुत से लोग मदद के लिए आगे आए हैं ताकि वह बैंड बाजा बारात और खाने पीने की बंदोबस्त कर सके परंतु महात्मा गांधी जी ने इसके लिए साफ मना कर दिया था महात्मा गांधी जी ने कहा कि अपने पुत्र का विवाह में पूर्ण सादगी से करूंगा क्योंकि ईश्वर ने जो मुझे दिया है मै उसमें खुश हूं। महात्मा गांधी और उनके साथ खड़ी कस्तूरबा गांधी ने अपने बेटे की शादी के जरिए पूरे आश्रम को सदा जीवन उच्च विचार का संदेश दिया। वह संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और बताता है कि हम श्रेष्ठता पाना चाहते है तो पहले अपने उसूलों को जीवन में उतरना होगा। इस प्रकार महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी जी ने पूरा जीवन बड़ी सादगी के साथ बिताया और एक मिसाल कायम की ।

शिक्षा

इस कहानी से मैं यह शिक्षा मिलती है कि व्यक्ति को ईश्वर जितना दे उसे उतने में खुश रहना चाहिए क्योंकि आपको खुशी आपकी चीजों से मिल सकती है किसी अन्य व्यक्ति की चीजों से नहीं। इसलिए किसी से आशाएं ना रखते हुए अपनी ही चीजों में खुश रहना सीखें और संतोष रखें।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleधरती से 9.2 लाख किलोमीटर दूर पहुंच पहला सौर्य मिशन :आदित्य – L 1
Next Article चर्चित राष्ट्रीय महिलाएं

Related Posts

“असली वारिस कौन? एक बेटी की मिसाल”

April 24, 2026

मेंटल मंकी कहकर चिढ़ाते थे गांव वाले, आज दे रहे है सलामी: दीप्ति जीवनजी

September 5, 2024

परिवार में बच्चों के साथ कैसे बनाएं दोस्ताना रिश्ता…

October 13, 2023
लेटेस्ट स्टोरीज

भारत की प्रमुख नदियाँ: सभ्यता, संस्कृति और विकास की जीवनरेखा

June 5, 2026

JEE में असफल हुए, फिर उसी परीक्षा के चेयरमैन बने; IIT मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटी की प्रेरक कहानी

June 4, 2026

Protected: भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का गौरव

June 4, 2026

डॉ. अंबेडकर का संघर्ष: संविधान निर्माण और सामाजिक समानता का ऐतिहासिक सफर

June 4, 2026
उत्तर प्रदेश

Protected: भारत के यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का गौरव

June 4, 2026

भारत के पवित्र मंदिर: आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के महान केंद्र

June 3, 2026

भारत के ऐतिहासिक स्मारक: गौरवशाली अतीत की अमर पहचान

June 2, 2026

भारत के प्रसिद्ध लोक नृत्य: संस्कृति, परंपरा और उत्सव की जीवंत पहचान

June 1, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.