Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»धर्म»बुद्ध पूर्णिमा( Buddh Purnima) 2024..
धर्म

बुद्ध पूर्णिमा( Buddh Purnima) 2024..

Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

हिंदू कैलेंडर अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा को गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था और इसी दिन उन्हें ज्ञान भी प्राप्त हुआ था। बुद्ध जयंती को हिन्दू और बौद्ध दोनों ही धर्मों के अनुयायी मनाते हैं। भारत और विश्व में ऐसे कई संयुक्त मंदिर है जो भगवान बुद्ध और विष्णु को समर्पित हैं। विश्‍वभर में बुद्ध पूर्णिमा मनाने के अलग अलग तरीके हैं। आओ जानते हैं उत्सव की सामान्य परंपरा।

बुद्ध पूर्णिमा में पूजा करने की विधि

बुद्ध पूर्णिमा में सूर्योदय होने से पहले पूजा स्थल पर इकट्ठा होकर प्रार्थना और नृत्य किया जाता है। कुछ जगह पर परेड और शारीरिक व्यायाम करके भी बुद्ध पूर्णिमा का उत्सव मनाया जाता है। इसके अलावा बुद्धि पूर्णिमा के दिन सूर्योदय के बाद मंदिर और धार्मिक स्थलों पर बौद्ध झंडा फहराया जाता है। यह झंडा नीले, लाल, सफ़ेद, पीले और नारंगी रंग का होता है। लाल रंग आशीर्वाद, सफेद रंग धर्म की शुद्धता का, नारंगी रंग को बुद्धिमत्ता का, और पीले रंग को कठिन स्थितियों से बचने का प्रतीक माना जाता है।

बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर दान देने का भी विशेष महत्व है। कई बौद्ध मंदिर इस उत्सव का आयोजन लोगों को मुफ्त सुविधा प्रदान करके मनाते हैं। ऐसा माना जाता है की बुद्ध पूर्णिमा के दिन व्यक्ति को दान करना चाहिए और यह दान व्यक्ति  के  समर्थ के अनुसार होना चाहिए क्योंकि बुद्ध पूर्णिमा के दिन दान देने की जो प्रथा  है वह अपनी श्रद्धा के अनुसार है किसी से जोर जबरदस्ती करके दान नहीं कराना चाहिए।

श्रीलंकाई इस दिन को ‘वेसाक‘ उत्सव के रूप में मनाते हैं जो ‘वैशाख‘ शब्द का अपभ्रंश है।इस दिन बौद्ध घरों में दीपक जलाए जाते हैं और फूलों से घरों को सजाया जाता है। समस्त विश्व भर में बुद्ध पूर्णिमा को विशेष त्यौहार के तौर पर मनाया जाता है विश्व के कुछ ऐसे देश हैं जहां पर भगवान महात्मा बुद्ध को भगवान के रूप में पूजा जाता है जैसे तिब्बत, श्रीलंका,चीन आदि ।इस दिन किए गए अच्छे कार्यों से पुण्य की प्राप्ति होती है। अत: लोग अपने अपने तरीके से कोई भी एक पुण्य कार्य करते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन लोगों द्वारा गया के बोधिवृक्ष की पूजा की जाती है। उसकी शाखाओं पर हार व रंगीन पताकाएं सजाई जाती हैं। जड़ों में दूध व सुगंधित पानी डाला जाता है। वृक्ष के आसपास दीपक जलाए जाते हैं।इस दिन मांसाहार का परहेज होता है क्योंकि बुद्ध पशु हिंसा के विरोधी थे।

बुद्ध पूर्णिमा की पूजा करने से लाभ

महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का नवा अवतार माना जाता है। इसलिए इस दिन आराधना और दान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। चंद्रमा मजबूत होता है और जीवन की तमाम समस्याएं दूर होती हैं।

भगवान बुद्ध को इस चीज का लगाते है भोग

बुद्ध पूर्णिमा पर, लोग सफेद कपड़े पहनते हैं और खीर बांटते हैं। किंवदंती के अनुसार, सुजाता नाम की एक महिला ने एक बार गौतम बुद्ध को उनके जन्मदिन पर खीर पेश की थी और तब से यह एक प्रथा बन गई है। भगवान बुद्ध को फिर अत्यंत प्रिय है।

इस दिन घर में मांस-मछली या तामसिक भोजन का सेवन न करें। अगर आप सेवन करते हैं तो तुलसी से दूर ही रहें। इस दिन मांस-मदिरा से दूर रहने को इसीलिए कहा जाता है क्योंकि गौतम बुद्ध पशु हिंसा के विरोधी थे। इसीलिए इस दिन किए गए अच्छे कामों से पुण्य की प्राप्ति होती है।

बुद्ध पूर्णिमा के अन्य नाम

बुद्ध पूर्णिमा, जिसे वेसाक या बुद्ध जयंती के नाम से भी जाना जाता है, बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और मृत्यु (या परिनिर्वाण) का स्मरण करती है।

बुद्ध का अष्टांगिक मार्ग

बुद्ध महात्मा बुद्ध ने अष्टांगी मार्ग के बारे में बताया है जिसके द्वारा मोक्ष की प्राप्ति की जा सकती है आईए जानते हैं कि क्या है महात्मा बुद्ध के अष्टांगिक मार्ग-

सम्यक्‌ दृष्टि, सम्यक्‌ संकल्प, सम्यक्‌ वचन, सम्यक्‌ कर्म, सम्यक्‌ आजीविका, सम्यक्‌ व्यायाम, सम्यक्‌ स्मृति और सम्यक्‌ समाधि। इस मार्ग के प्रथम दो अंग प्रज्ञा के और अंतिम तीन समाधि के हैं। बीच के तीन शील के हैं। इस तरह शील, समाधि और प्रज्ञा इन्हीं तीन में आठों अंगों का सन्निवेश हो जाता है।

बुद्ध धर्म अपनाने का मूल मंत्र

बुद्धं शरणं गच्छामि” बौद्ध धर्म को जानने वालों के लिए मूलमंत्र है। इसकी दो और पंक्तियों में “संघं शरणं गच्छामि” और “धम्मं शरणं गच्छामि” भी है। बौद्ध धर्म की मूल भावना को बताने वाले ये तीन शब्द गौतम बुद्ध की शरण में जाने का अर्थ रखते हैं। बुद्ध को जानने के लिए उनकी शिक्षाओं की शरण लेना जरूरी है।

पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है। इसलिए भगवान भगवान विष्णु की विधिवत पूजा और चंद्रदेव को अर्घ्य देने से जीवन की हर बाधा को दूर किया जा सकता है।

बुद्ध पूर्णिमा के सिद्ध उपाय

अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अशुभ या कमजोर है तो बुद्ध पूर्णिमा पर इसे एक सरल उपाय से दूर किया जा सकता है।चन्द्रमा को मजबूत बनाने के लिए भगवान शिव की उपासना सबसे ज्यादा फलदायी होती है इसलिए बुद्ध पूर्णिमा पर शिव मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें। चाहें तो पूर्णिमा का उपवास भी रख सकते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा पर सुबह विष्णु पूजन के बाद पानी से भरा घड़ा और पकवान आदि का दान करें। कहते हैं कि इस दिन मिट्टी के घड़े का दान गौदान के समान होता है। इस दिन पीले वस्त्र, पंखा, चप्पल, छतरी, अनाज या फल का दान करने से पितृगण प्रसन्न होते हैं।

बुद्ध पूर्णिमा पर चमत्कारी मंत्रों का जाप

– ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
– ॐ सोम सोमाय नमः
– ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः 
– ॐ चन्द्रशेखराय नमः

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleगर्मियों में पेट की समस्या से हैं परेशान तो अपना ही है तरीका
Next Article रोजाना नीम की 4-5 पत्ती खाएं होगा यह लाभ…

Related Posts

अपरा एकादशी क्यों है इतनी खास? जानिए व्रत का महत्व और पूजा नियम

May 14, 2026

जाने क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल क्या है इसका महत्व

May 5, 2026

🌸गुरु पूर्णिमा: जीवन बदल देने वाला पर्व

May 1, 2026
लेटेस्ट स्टोरीज

कोचिंग सेंटर खोलने से पहले जान लें ये जरूरी मानक, वरना हो सकती है बड़ी परेशानी

June 23, 2026

लखनऊ अग्निकांड: अलीगंज की इमारत में आग लगने से 15 बच्चों की मौत, 5 घायल

June 22, 2026

चेहरे पर नेचुरल ग्लो बढ़ाने के लिए करें ये 5 योगासन

June 21, 2026

5 आदतें बदल सकती हैं स्किन का रंग, साफ और सेहतमंद त्वचा पाने के लिए अपनाएं

June 20, 2026
उत्तर प्रदेश

कोचिंग सेंटर खोलने से पहले जान लें ये जरूरी मानक, वरना हो सकती है बड़ी परेशानी

June 23, 2026

5 आदतें बदल सकती हैं स्किन का रंग, साफ और सेहतमंद त्वचा पाने के लिए अपनाएं

June 20, 2026

भारत के बड़े एयरपोर्ट्स: आधुनिक हवाई परिवहन और विकास के प्रतीक

June 13, 2026

भारत के डिजिटल गांव: तकनीक के माध्यम से ग्रामीण विकास की नई क्रांति

June 12, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.