उत्तर भारत, खासकर लखनऊ में बड़ा मंगल भगवान हनुमान जी को समर्पित एक विशेष पर्व है। यह ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस समय भीषण गर्मी में हनुमान जी की कृपा से भक्तों को शक्ति, धैर्य और संकटों से मुक्ति मिलती है।
बड़ा मंगल का महत्व
संकट मोचन दिवस: हनुमान जी को संकट हरने वाला माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा से बाधाएँ दूर होती हैं।
सेवा और दान का महत्व: इस दिन भंडारे, पानी पिलाना (जल सेवा), गरीबों को भोजन कराना बहुत पुण्यकारी माना जाता है।
मनोकामना पूर्ति: सच्चे मन से पूजा करने पर इच्छाएँ पूरी होने की मान्यता है।
शक्ति और साहस: विद्यार्थियों और युवाओं के लिए यह दिन आत्मविश्वास और ऊर्जा पाने का प्रतीक माना जाता है।
杖 पूजा करने की सरल विधि (विधान)
प्रातः स्नान करें और साफ कपड़े पहनें (लाल/केसरिया शुभ माना जाता है)।
घर या मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें।
चोला चढ़ाएँ (सिंदूर और चमेली के तेल से) – यह विशेष पूजा मानी जाती है।
फूल, रोली, अक्षत, गुड़-चना या बूंदी का प्रसाद अर्पित करें।
दीपक जलाएँ (सरसों के तेल का दीपक शुभ होता है)।
हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ करें।
अंत में आरती करें और प्रसाद बाँटें।
संभव हो तो दान-पुण्य या भंडारा करें—जैसे पानी, शरबत, खाना बाँटना।
जिंदगी की सीख
इस दिन अगर आप थोड़ी भी सेवा (जैसे राहगीरों को पानी पिलाना) करते हैं, तो उसे बहुत बड़ा पुण्य माना जाता है।

