बहुत समय पहले की बात है, एक छोटे से गाँव में एक बुजुर्ग चाचा रहते थे। वह हमेशा गाँव के बच्चों को सीख देने के लिए नई-नई बातें बताते रहते थे।
एक दिन उन्होंने अपने पोते और गाँव के बच्चों को इकट्ठा किया और कहा,
“आज मैं तुम्हें लौंग के बारे में एक बहुत बड़ा सबक दूँगा।”
उन्होंने एक मुट्ठी में लौंग लेकर बच्चों को दिखाई और पूछा,
“यदि मैं यह मुट्ठी जोर से दबाऊँ, तो क्या होगा?”
बच्चों ने कहा, “चाचा, लौंग टूट जाएगी।”
बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है, इसे छोड़ो, अब देखो।”
उन्होंने अब एक गिलास पानी में लौंग डाल दिया। बच्चों ने पूछा,
“चाचा, अब क्या होगा?”
बुजुर्ग ने कहा, “बस कुछ ही देर में यह पानी अद्भुत खुशबू और स्वाद से भर जाएगा।”
कुछ देर बाद, सभी ने पानी का स्वाद लिया और खुश हो गए। बुजुर्ग ने समझाया,
“बच्चों, यह लौंग तुम्हें जीवन का बड़ा पाठ सिखाता है।
जब तुम कठिन परिस्थिति में दबाए जाते हो, तो तुम्हें डरना नहीं चाहिए।
जैसे लौंग दबने पर टूट जाती है, कुछ लोग कठिनाइयों में हार मान लेते हैं।
लेकिन जैसे लौंग पानी में डालने पर खुशबू और स्वाद फैलाती है, कुछ लोग मुश्किलों में भी धैर्य और बुद्धिमानी दिखाते हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं।
याद रखो, असली ताकत कठिनाइयों में झेलने और सही दिशा में उपयोग करने में है।
कहानी से सीख
कठिनाइयाँ हमारे लिए लौंग जैसी हैं — अगर हम हार मान लें, तो टूट जाएंगे। लेकिन अगर हम समझदारी से सामना करें, तो हम अपने जीवन और दूसरों के जीवन में खुशबू और मिठास फैला सकते हैं।
