Browsing: Motivational story

प्राचीन समय में विद्यार्थी गुरुकुल में रहकर ही पढ़ा करते थे। बच्चे को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरुकुल में भेजा जाता था। बच्चे गुरुकुल में गुरु के सानिध्य में आश्रम की देखभाल किया करते थे और अध्ययन भी किया करते थे।

अभ्यास की शक्ति का तो कहना ही क्या हैं।. यह आपके हर सपने को पूरा करेगी। अभ्यास बहुत जरूरी है चाहे वो खेल मे हो या पढ़ाई में या किसी ओर चीज़ में। बिना अभ्यास के आप सफल नहीं हो सकते हो। अगर आप बिना अभ्यास के केवल किस्मत के भरोसे बैठे रहोगे, तो आखिर मैं आपको पछतावे के सिवा और कुछ हाथ नहीं लगेगा।

एक महिला थी जिनका नाम रखमाबाई था। इनका विवाह 11 साल की उम्र में दादा जी भीकाजी नाम के व्यक्ति के साथ कर दिया गया क्योंकि उस समय इसकी उम्र बहुत कम थी जिसके कारण इन्होंने अपने पति के साथ जाने से मना कर दिया और वह बोली कि मुझे अपने घर पर ही रहना है। आगे चलकर इसी महिला ने चिकित्सा की पढ़ाई की और भारत की प्रथम महिला डॉक्टर बनकर दिखाया। और महिलाओं के बीच एक आदर्श स्थापित किया।

दीपा मलिक अब तक करीब 68 गोल्ड मेडल जीत लिए हैं। उन्होंने 13 इंटरनेशनल और 55 नेशनल और स्टेट लेवल की प्रतियोगिताओं में भी कई पुरस्कार हासिल किये हैं।

दलित समाज को शोषण से मुक्ति दिलाने के लिए तथा उनके लिए अपना सर्वस्व समर्पण करने वाले हमारे देश में कई महानायक हुए हैं, जिसमें से सबसे प्रमुख है डॉक्टर भीमराव अंबेडकर है । जिन्हें भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है। परंतु आज हम आपसे बात करने वाले हैं कि ऐसे महानायक के बारे में जिन्होंने दलितों के सम्मान और उनकी सत्ता के लिए अपना सर्वस्व निछावर कर दिया आइए जानते हैं कौन है वह व्यक्ति