केंद्र सरकार ने आम लोगों और पर्यावरण — दोनों को राहत देने वाला एक अहम फैसला लिया है। केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने बायो-मिक्स CNG को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए इस पर कर राहत देने की घोषणा की है। इस फैसले को स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
क्या है बायो-मिक्स CNG?
बायो-मिक्स CNG दरअसल पारंपरिक CNG और बायोगैस (Compressed Bio Gas – CBG) का मिश्रण होता है। बायोगैस गोबर, कृषि अपशिष्ट और जैविक कचरे से तैयार की जाती है, जिससे यह ईंधन पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल बन जाता है।
बजट में क्या बदला?

अब तक जब CNG में बायोगैस मिलाई जाती थी, तो पूरे ईंधन पर कर लगाया जाता था।
लेकिन नए बजट प्रावधान के अनुसार —
बायो-मिक्स CNG में मौजूद बायोगैस हिस्से पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं लगेगी
केवल शुद्ध CNG वाले हिस्से पर ही कर लगाया जाएगा
इससे बायो-मिक्स CNG की कुल लागत घटेगी, जिसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा।
आम लोगों को क्या फायदा?
इस फैसले से —
* CNG वाहन चलाना और किफायती होगा
* ईंधन की कीमतों पर दबाव कम होगा
* प्रदूषण में कमी आएगी
* पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटेगी
* किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
बायोगैस का उत्पादन सीधे तौर पर किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ा होता है। इस फैसले से —

गोबर और कृषि अपशिष्ट का बेहतर उपयोग होगा
ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए अवसर बनेंगे
स्थानीय स्तर पर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा
आत्मनिर्भर और हरित भारत की ओर कदम
सरकार का यह निर्णय ग्रीन एनर्जी, आत्मनिर्भर भारत और कार्बन उत्सर्जन घटाने की नीति से जुड़ा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में बायो-मिक्स CNG भारत के ईंधन क्षेत्र में एक मजबूत विकल्प बन सकता है।
निष्कर्ष
बजट में बायो-मिक्स CNG को दी गई राहत न केवल आम उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय और स्वच्छ भारत की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

