भारत सरकार ने देश की न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा फैसला लिया है। अब Supreme Court of India में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है। राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सहित कुल 38 जज कार्य कर सकेंगे।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश को मिलाकर कुल 34 जजों की व्यवस्था थी। बढ़ते मामलों और लंबित केसों की संख्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने जजों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया। सरकार का मानना है कि इससे न्याय प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को जल्दी न्याय मिल सकेगा
क्यों बढ़ाई गई जजों की संख्या?
भारत में सुप्रीम कोर्ट पर लगातार मामलों का दबाव बढ़ता जा रहा है। लाखों मामले वर्षों से लंबित हैं। ऐसे में कम जज होने के कारण सुनवाई में देरी होती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
जजों की संख्या बढ़ने से—
* लंबित मामलों में कमी आएगी
* सुनवाई की गति तेज होगी
* संवैधानिक मामलों पर जल्दी फैसला हो सकेगा
* आम जनता को समय पर न्याय मिलेगा
* न्यायपालिका की कार्यक्षमता बढ़ेगी
2019 के बाद पहली बड़ी बढ़ोतरी
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या इससे पहले वर्ष 2019 में बढ़ाई गई थी। तब संख्या 31 से बढ़ाकर 34 की गई थी। अब 2026 में फिर चार नए पद बढ़ाकर कुल संख्या 38 कर दी गई है।
सरकार ने क्या कहा?
केंद्र सरकार के अनुसार यह फैसला देश की न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लिया गया है। बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट को अधिक सक्षम बनाना जरूरी था। कानून मंत्रालय ने भी कहा कि इससे अदालतों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी।

