“सहकार से समृद्धि, सहयोग से विकास” — यही संदेश लेकर हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस लोगों को सहयोग, एकता और सामूहिक प्रयास की शक्ति का महत्व समझाने के लिए समर्पित है। जब लोग मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज और देश दोनों का विकास तेज़ी से होता है।हर वर्ष जुलाई के पहले शनिवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 5 जुलाई 2026 को यह दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं के योगदान को सम्मान देना और लोगों को सहकारिता के प्रति जागरूक करना है।सहकारी संस्थाएँ किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और छोटे व्यापारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। भारत में दुग्ध उत्पादन, कृषि, बैंकिंग, आवास और उपभोक्ता सेवाओं के क्षेत्र में सहकारी समितियों ने लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इन संस्थाओं का मूल सिद्धांत है— “एक सबके लिए और सब एक के लिए।”आज के समय में सहकारिता केवल आर्थिक विकास का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, रोजगार सृजन, महिलाओं के सशक्तिकरण और सतत विकास का भी महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। यह लोगों को आत्मनिर्भर बनने और सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस हमें यह संदेश देता है कि यदि समाज के लोग मिलकर ईमानदारी, विश्वास और सहयोग की भावना से कार्य करें, तो किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। आइए, इस अवसर पर हम सभी सहयोग, एकता और भाईचारे की भावना को अपनाने का संकल्प लें तथा एक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।
Previous Articleअकबर बीरबल की कहानी: सबसे अनमोल धन
Next Article ग्लोबल फॉरगिवनेस डे (Global Forgiveness Day)
