एक बार की बात है, बादशाह अकबर के दरबार में एक बहुत ही घमंडी व्यक्ति आया। वह अपने आप को बहुत बड़ा विद्वान समझता था। उसने दरबार में सबके सामने अकबर से कहा-
“जहाँपनाह! आपके दरबार में सब लोग मूर्ख हैं, कोई भी मुझसे बुद्धिमान नहीं है।”
अकबर मुस्कराए और बोले,
“हमारे दरबार में बीरबल हैं। अगर तुम उन्हें हरा सको, तो हम मान लेंगे कि तुम सबसे बुद्धिमान हो।”
उस व्यक्ति ने चुनौती स्वीकार कर ली।
अकबर ने बीरबल से कहा,
“बीरबल, इस व्यक्ति का घमंड दूर करो।”
बीरबल ने उस व्यक्ति से कहा,
“ठीक है, मैं तुमसे एक सरल प्रश्न पूछता हूँ—
1.दुनिया में सबसे मीठी चीज़ क्या है?”
वह व्यक्ति सोचने लगा और बोला,
“शहद।”
बीरबल मुस्कराए और बोले,
“गलत! दुनिया में सबसे मीठी चीज़ वाणी (बोलचाल) है। अगर वाणी मीठी हो, तो दुश्मन भी मित्र बन जाता है।”
2.अब बीरबल ने दूसरा प्रश्न पूछा—
“दुनिया में सबसे कड़वी चीज़ क्या है?”
उस व्यक्ति ने कहा,
“नीम।”
बीरबल बोले,
“नहीं! सबसे कड़वी चीज़ भी कटु वाणी है। इससे अपने भी पराए हो जाते हैं।”
यह सुनकर वह व्यक्ति शर्मिंदा हो गया और बोला,
“मैं मानता हूँ कि मैं घमंडी था। बीरबल सच में बहुत बुद्धिमान हैं।”
अकबर बहुत प्रसन्न हुए और बीरबल की प्रशंसा की।
कहानी से शिक्षा
मीठी वाणी और बुद्धि से बड़ी से बड़ी समस्या हल हो जाती है।
घमंड इंसान को छोटा बना देता है।

