एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा,
“बीरबल! बताओ, इस दुनिया में सबसे कीमती चीज़ क्या है?”
बीरबल ने तुरंत उत्तर नहीं दिया। उसने कहा,
“जहाँपनाह, मुझे एक दिन का समय दीजिए।”
अगले दिन बीरबल बादशाह को एक सूखे कुएँ के पास ले गया।
उसने कहा,
“जहाँपनाह, यह कुआँ आज से आपकी संपत्ति है।”
अकबर हैरान हुए—
“सूखा कुआँ? इसमें क्या कीमती है?”
बीरबल मुस्कराया और बोला,
“जहाँपनाह, अभी इसमें कुछ नहीं है, इसलिए कोई इसकी क़ीमत नहीं समझ रहा।
लेकिन जिस दिन इसमें पानी आ जाएगा, तब यही कुआँ सबसे कीमती बन जाएगा।”
फिर बीरबल ने कहा—
“जिस चीज़ की कमी होती है, वही सबसे मूल्यवान होती है।
पानी, समय, धैर्य और बुद्धि—
इनकी क़दर हमें तभी समझ आती है जब ये हमारे पास नहीं होते।”
अकबर बीरबल की बात समझ गए और बहुत प्रसन्न हुए।
कहानी से सीख (Motivation):
जो चीज़ आज साधारण लगती है, वही कल सबसे कीमती हो सकती है
धैर्य और समझदारी से हर समस्या का हल निकलता है
समय और अवसर की क़दर करना ही सच्ची बुद्धिमानी है
कठिन परिस्थिति में सोचने की शक्ति सबसे बड़ा धन है

