Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»Indain history facts»भूमिका: प्रतिरोध का एक नया अध्याय
Indain history facts

भूमिका: प्रतिरोध का एक नया अध्याय

Updated:May 31, 2026
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email


1920 का वह दौर, जब प्रथम विश्व युद्ध के बाद भारतीयों को लगा था कि उन्हें कुछ रियायतें मिलेंगी, लेकिन बदले में मिले रौलट एक्ट और जलियांवाला बाग जैसे घाव। इन्हीं जख्मों ने महात्मा गांधी को मजबूर किया कि वे एक ऐसा आंदोलन शुरू करें जो पूरी तरह अहिंसक हो, लेकिन उसकी ताकत परमाणु बम से भी अधिक हो। Indiamitra के इस लेख में हम गहराई से समझेंगे कि ‘असहयोग’ कैसे भारतीयों का सबसे बड़ा हथियार बना।

1. आंदोलन की शुरुआत और गांधी जी का विजन

सितंबर 1920 में कलकत्ता (अब कोलकाता) के विशेष कांग्रेस सत्र में असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव रखा गया। गांधी जी का तर्क सीधा और सटीक था: “अंग्रेज भारत में इसलिए टिके हैं क्योंकि हम उन्हें सहयोग (Cooperation) दे रहे हैं। जिस दिन हमने सहयोग बंद कर दिया, ब्रिटिश साम्राज्य एक साल के भीतर ढह जाएगा।”

2. आंदोलन के मुख्य स्तंभ: बहिष्कार की नीति

यह आंदोलन केवल विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि यह ब्रिटिश अर्थव्यवथा की जड़ों पर प्रहार था। इसके प्रमुख चरण थे:
विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार: विदेशी कपड़ों की होली जलाई गई। गांधी जी ने ‘खादी’ और ‘चरखे’ को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनाया।
सरकारी संस्थानों का त्याग: वकीलों ने कचहरी छोड़ी, छात्रों ने सरकारी स्कूल-कॉलेज त्याग दिए। सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों ने सरकारी नौकरियों से इस्तीफा दे दिया।
उपाधियों की वापसी: गांधी जी ने अपनी ‘कैसर-ए-हिंद’ की उपाधि लौटा दी। रविंद्रनाथ टैगोर पहले ही ‘नाइटहुड’ लौटा चुके थे।
शराब की दुकानों पर पिकेटिंग: सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी यह एक बड़ा अभियान बना।

3. ‘स्वराज’ का सपना और जनता की भागीदारी

यह भारत का पहला सही मायने में ‘जन-आंदोलन’ (Mass Movement) था। इसमें शहरों के पढ़े-लिखे वर्ग से लेकर गांवों के किसानों और मजदूरों तक ने हिस्सा लिया।
हिंदू-मुस्लिम एकता: इस आंदोलन ने खिलाफत आंदोलन के साथ हाथ मिलाया, जिससे देश में हिंदू-मुस्लिम एकता का एक ऐसा संगम दिखा जो पहले कभी नहीं देखा गया था।
तिलक स्वराज फंड: बाल गंगाधर तिलक की याद में एक करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया, जिसे जनता ने कुछ ही समय में पूरा कर दिया।

4. चौरी-चौरा कांड: एक दुखद मोड़

जब आंदोलन अपने चरम पर था और लग रहा था कि आज़ादी बहुत करीब है, तभी 4 फरवरी 1922 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के चौरी-चौरा में एक हिंसक घटना हुई। एक गुस्साई भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मी मारे गए।
गांधी जी का फैसला: गांधी जी ने तुरंत आंदोलन वापस ले लिया। उन्होंने कहा, “मैं अहिंसा के रास्ते पर ही आज़ादी चाहता हूँ, चाहे इसके लिए मुझे और इंतज़ार करना पड़े।” इस फैसले ने कई युवा क्रांतिकारियों (जैसे भगत सिंह और बिस्मिल) को निराश किया, जिन्होंने बाद में सशस्त्र क्रांति का रास्ता चुना।

5. आंदोलन का परिणाम और महत्व

भले ही आंदोलन अचानक रुक गया, लेकिन इसने भारत को हमेशा के लिए बदल दिया:
डर का अंत: भारतीयों के मन से ब्रिटिश पुलिस और जेल का डर खत्म हो गया।
कांग्रेस की पहचान: कांग्रेस अब केवल संभ्रांत लोगों की पार्टी नहीं रही, बल्कि आम जनता की आवाज बन गई।
आने वाले आंदोलनों की नींव: इसी अनुभव ने 1930 के सविनय अवज्ञा आंदोलन और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन का आधार तैयार किया।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleभूमिका: क्रांति का शंखनाद
Next Article रायबरेली में खुलेगी सोलर प्रोडक्ट असेंबलिंग यूनिट, 10 हजार महिलाओं को मिलेगा रोजगार

Related Posts

डॉ. अंबेडकर का संघर्ष: संविधान निर्माण और सामाजिक समानता का ऐतिहासिक सफर

June 4, 2026

सरदार पटेल और रियासतें: 562 टुकड़ों को जोड़कर ‘एक भारत’ बनाने की महागाथा

June 3, 2026

स्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण: जब दुनिया ने भारतीय अध्यात्म और सहिष्णुता का लोहा माना

June 2, 2026
लेटेस्ट स्टोरीज

कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट, सतर्क रहने की जरूरत देश के कई राज्यों में मानसून ने जोर पकड़ लिया

July 13, 2026

निशान नहीं, पहचान बनाओ

July 12, 2026

बरसात के मौसम में त्वचा की देखभाल: जानिए कैसे रखें अपनी स्किन को स्वस्थ, चमकदार और दाग-धब्बों से मुक्त

July 10, 2026

बारिश के मौसम में बालों की देखभाल कैसे करें? जानिए आसान और असरदार उपाय

July 9, 2026
उत्तर प्रदेश

भारत की शान: अनु रानी – संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल

June 30, 2026

UPTET 2026: 16 लाख अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर, 2 से 4 जुलाई तक होगी परीक्षा, इस बार नकल पर रहेगा सबसे कड़ा पहरा

June 29, 2026

🚀 10वीं की छात्रा ने कर दिखाया कमाल! ‘ShakthiSAT’ स्पेस मिशन में बनाई जगह

June 28, 2026

पहली महिला NDA टॉपर बनीं हरियाणा की शनन ढाका, अब बनीं सेना में लेफ्टिनेंट

June 27, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.