एक समय की बात है, समुद्र के किनारे बसे एक छोटे-से गाँव में आरव नाम का एक लड़का रहता था। उसके पिता मछुआरे थे और माँ घर का काम करती थीं। परिवार बहुत अमीर नहीं था, लेकिन आरव के सपने बहुत बड़े थे। वह हमेशा कहता था—
“एक दिन मैं अपने माता-पिता को गर्व महसूस कराऊंगा।”
लेकिन समस्या यह थी कि आरव को पढ़ाई जरा कठिन लगती थी। वह कोशिश तो करता था, पर अक्सर हार मान लेता। एक दिन परीक्षाओं से एक सप्ताह पहले वह उदास बैठा था। तभी उसके दादाजी उसके पास आए और बोले—
“चलो, आज तुम्हें एक कहानी सुनाता हूँ… एक मोती की कहानी।”
दादाजी की कहानी
बहुत समय पहले, एक गोताखोर था—नाम था विहान। उसका सपना था दुनिया का सबसे कीमती मोती ढूँढकर अपने पिता की बीमारी का इलाज करवाना।
विहान हर दिन समुद्र में जाता, गहराई तक तैरता, सीपियाँ ढूँढता, लेकिन हर बार खाली हाथ लौट आता। गाँव वाले उसका मज़ाक उड़ाते—
“कितना भी डूब ले, उसे मोती नहीं मिलना!”
लेकिन विहान हार मानने वालों में से नहीं था। वह रोज़ खुद से कहता—
“अगर एक कदम और बढ़ा, तो शायद आज मेरा दिन हो।”
एक दिन, समुद्र में तूफ़ान आने वाला था, पर विहान फिर भी गया। पानी उथल-पुथल कर रहा था, पर उसके दिल में उम्मीद की रोशनी जल रही थी। वह पहले से ज्यादा गहराई में डूबा। नीचे अँधेरा था… डर था… लेकिन वह आगे बढ़ता गया।
अचानक उसे एक चमक दिखाई दी। वह और गहरा उतरा, तो देखा—एक बड़ी-सी सीपी चट्टान के नीचे फंसी हुई थी। बड़ी मुश्किल से उसने उसे बाहर निकाला, अपनी सारी ताकत लगाकर ऊपर आया और किनारे पर पहुँचा।
जब उसने सीपी खोली—
उसमें दुनिया का सबसे कीमती, सबसे चमकीला, विशाल मोती था।
विहान खुशी से रो पड़ा।
लेकिन उसने यह मोती किसी को दिखाया नहीं। वह सीधा अपने पिता के पास गया और बोला—
“पिता जी! मैं यह मोती बेचकर आपका इलाज करवाऊंगा।”
उसके पिता भी रो पड़े—
“बेटा, असली मोती यह नहीं… तुम हो। तुम्हारा साहस… तुम्हारी मेहनत… यही मेरा मोती है।”
कहानी समाप्त… पर सीख शुरू
दादाजी ने आरव से कहा—
“बेटा, जीवन में सबसे कीमती मोती आसानी से नहीं मिलता।
मोती पाने के लिए गहराई में उतरना पड़ता है,
डर से लड़ना पड़ता है,
हर दिन कोशिश करनी पड़ती है।”
आरव ने उस दिन तय किया कि वह अब हार नहीं मानेगा।
उसने मेहनत की, दोहराया, प्रश्न पूछे, गलतियों से सीखा… और परीक्षा में टॉप कर गया। जब वह रिज़ल्ट लेकर दादाजी के पास पहुँचा, दादाजी मुस्कुराए—
“देखा? तुमने अपना मोती ढूँढ लिया।”
सीख
सपनों के मोती केवल कोशिश करने वालों को मिलते हैं।
हार मानना आसान है, पर जीत उन्हीं की होती है जो आखिरी सांस तक कोशिश करते हैं।
मेहनत, धैर्य और विश्वास—ये तीन मोती हर इंसान को चमकाते हैं।

