Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»धर्म»जाने क्या है जैन धर्म का 10 लक्षण पर्व जो बात करता है विश्व कल्याण की 
धर्म

जाने क्या है जैन धर्म का 10 लक्षण पर्व जो बात करता है विश्व कल्याण की 

Updated:August 29, 2025
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

जैन धर्म अनादि अनंत और शाश्वत धर्म है यह बात आज की युग में सभी जानते हैं इस युग में इसके प्रथम प्रवर्तक अर्थात तीर्थंकर भगवान आदि देव माने जाते हैं। जैन धर्म में तीन बड़े त्यौहार विशेष तौर पर मनाया जाते हैं।

जैन परंपरा में पर्युषण और दशलक्षण महापर्व त्याग, संयम और आत्मचिंतन का पर्व है। यह ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के सिद्धांत पर आधारित है, जो हमें ‘जियो और जीने दो’ का संदेश देता है।

पर्व का नाम आते ही हमारे मन में रंग-बिरंगे उत्सव, मिठाइयों और मेलों का चित्र उभर आता है। लेकिन जैन परंपरा में पर्युषण और दशलक्षण महापर्व का अर्थ कुछ और ही है। यह पर्व भोग-विलास नहीं, बल्कि त्याग, संयम और आत्मचिंतन का अवसर है। पर्युषण शब्द का अर्थ है करीब आना। यानी आत्मा के अलंकार अहिंसा, सत्य और विनम्रता जैसे गुणों के करीब आने का सुअवसर। यह पर्व ‘अहिंसा परमो धर्मः’ के सिद्धांत को जीने का अवसर है और हमें ‘जियो और जीने दो’ का संदेश देता है।

इन दिनों साधक अपने मन के नकारात्मक विचारों का नाश करने का संकल्प लेते हैं, ताकि विकारों और दुष्प्रभावों पर नियंत्रण पा सकें। इससे जीवन में शांति और पवित्रता का संचार होता है। दशलक्षण पर्व के दौरान 10 धर्मों- उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव (कोमलता), उत्तम आर्जव (सरलता), उत्तम शौच (स्वच्छता), उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन (अपरिग्रह) और उत्तम ब्रह्मचर्य का पालन किया जाता है। यही कारण है कि इस पर्व का जुड़ाव किसी व्यक्ति विशेष से न होकर आत्मा के गुणों से है।

यह पर्व हमें सिखाता है कि बाहरी दुनिया के मोहजाल में उलझने के बजाय हम भीतर की ओर झांकें। भौतिकवादी जीवन में इच्छाओं को सीमित करना, कुंठाओं से निपटना और चिंताओं का शमन करना ही सुखी और शांत जीवन का मार्ग है। धर्म क्षमा से शुरू होता है। चाहे कैसी भी परिस्थिति हो, मन को स्थिर रखकर क्रोध न करना ही क्षमा है। क्रोध के शमन होते ही अहंकार दम तोड़ देता है। जैसे ही क्रोध और अहंकार मिटते हैं, मनुष्य सरल और निश्छल हो जाता है। परिणामस्वरूप उसके स्वभाव में विनम्रता, प्रेम और कोमलता का प्रवाह होने लगता है।

जब हृदय इन आत्मिक गुना से भर उठता है तो लोग की जगह शौच धर्म यानी पवित्रता का वास हो जाता है।

इच्छाओं और वासनाओं के क्षय के बाद सांसारिक मोह घटता है और त्याग की प्रवृत्ति जन्म लेती है। यही त्याग आगे आकिंचन यानी सहजता और निर्लिप्तता का मार्ग प्रशस्त करता है। पहले के चार धर्म – क्षमा, मार्दव, आर्जव और शौच हमारे भीतर क्रोध, मान, माया और लोभ को शांत करते हैं। सत्य धर्म आत्मबल को बढ़ाता है और संयम अनुशासन सिखाता है। तप धर्म इंद्रियों और मन पर नियंत्रण देता है, जबकि त्याग जीवन में सहिष्णुता और उदारता बढ़ाता है। आकिंचन आसक्ति और मोह का शमन करता है, वहीं ब्रह्मचर्य आत्मबल और आत्मनिर्भरता प्रदान करता है।

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleमहिलाओं के लिए क्यों आवश्यक है ऋषि पंचमी का व्रत… इस व्यक्ति करने से किन पापों से मिलती है मुक्ति… जाने के बारे में
Next Article 🦅 “चिड़िया का हौसला” 🦅

Related Posts

अपरा एकादशी क्यों है इतनी खास? जानिए व्रत का महत्व और पूजा नियम

May 14, 2026

जाने क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल क्या है इसका महत्व

May 5, 2026

🌸गुरु पूर्णिमा: जीवन बदल देने वाला पर्व

May 1, 2026
लेटेस्ट स्टोरीज

भारत के ऐतिहासिक स्मारक: गौरवशाली अतीत की अमर पहचान

June 2, 2026

“मिस्त्री की बेटी पूजा सिंह ने रचा इतिहास, 1.93 मीटर की छलांग से जीता गोल्ड और तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड”

June 2, 2026

स्वामी विवेकानंद का शिकागो भाषण: जब दुनिया ने भारतीय अध्यात्म और सहिष्णुता का लोहा माना

June 2, 2026

1 जून से मानसून की दस्तक, गर्मी से राहत की उम्मीद, लेकिन चुनौतियां भी बरकरार

June 1, 2026
उत्तर प्रदेश

भारत के ऐतिहासिक स्मारक: गौरवशाली अतीत की अमर पहचान

June 2, 2026

भारत के प्रसिद्ध लोक नृत्य: संस्कृति, परंपरा और उत्सव की जीवंत पहचान

June 1, 2026

उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती: आखिर क्या हैं इसके कारण और समाधान?

May 30, 2026

🚨 मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी, खराब मौसम को लेकर चेतावनी

May 25, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.