चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी अपने आसपास की छाया को चंद्रमा पर डालती है। यह तभी हो सकता है जब चंद्रमा पूर्णिमा (Full Moon) की स्थिति में हो तथा सूर्य–पृथ्वी–चंद्रमा सीधी रेखा में हों।
इसका मतलब:
पृथ्वी सूरज और चंद्रमा के बीच आ जाती है, और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से ग्रहण दिखाई देता है।
चंद्र ग्रहण के प्रकार
पूर्ण चंद्र ग्रहण – चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आता है।
आंशिक चंद्र ग्रहण – चंद्रमा का कुछ हिस्सा छाया में होता है।
उपच्छाया चंद्र ग्रहण – चंद्रमा की हल्की छाया से गुजरता है
敖 चंद्र ग्रहण क्यों होता है?
वैज्ञानिक कारण:
धुरी पर घूमती पृथ्वी की छाया जब चंद्रमा के ऊपर आती है, तो ग्रहण लगता है।
पौराणिक कथा (भारतीय मान्यता):
समुद्र मंथन के समय राहु (छाया ग्रह) ने अमृत पी लिया था। भगवान विष्णु ने उसका सिर अलग कर दिया। सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु कहलाया। माना जाता है कि ये दोनों सूर्य या चंद्रमा को कभी-कभी निगलने की कोशिश करते हैं, जिससे ग्रहण आते हैं।
चंद्र ग्रहण का प्रभाव क्या होता है?

वैज्ञानिक दृष्टि से
यह एक खगोलीय घटना है — इसका स्वास्थ्य पर कोई वैज्ञानिक प्रमाणित असर नहीं होता।
इसे नंगी आँखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है।
ज्योतिषीय/धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म में ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है।
कुछ लोग ग्रहण काल को मनोवैज्ञानिक रूप से तनाव, मानसिक बेचैनी आदि से जोड़ते हैं। हालांकि यह वैज्ञानिक आधार पर सिद्ध नहीं है।
कुछ लोगों के अनुसार घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है — यह मान्यताएँ सांस्कृतिक हैं।
ग्रहण के दौरान क्या कर सकते हैं और क्या नहीं?
आम धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
✔️ शांत व सकारात्मक विचार रखें।
✔️ ध्यान, प्रार्थना या आत्म-चिंतन कर सकते हैं।
✖️ ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाना (कुछ मान्यताओं के अनुसार)।
✖️ आंखों से सूरज की ओर न देखें (यह सूर्य ग्रहण से संबंधित सावधानी है)।
वैज्ञानिक दृष्टि से, चंद्र ग्रहण को देखना सुरक्षित है और इससे खाने-पीने या सोने का कोई प्रत्यक्ष हानिकारक असर नहीं होता। यह मान्यताएँ परंपरा और धर्म पर आधारित हैं, न कि वैज्ञानिक प्रमाण पर।
३ मार्च २०२६ — चंद्र ग्रहण का समय (भारत में)
आज का चंद्र ग्रहण ३ मार्च २०२६ को होगा।
समय (IST):
ग्रहण शुरू: ३:२० pm
पूर्ण समाधान/Total Eclipse: ४:३४ pm – ५:३३ pm
ग्रहण समाप्त: ६:४७ pm
यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है — चंद्रमा थोड़ा लाल-साया यानी “Blood Moon” जैसा दिखाई देगा।�
The Times of India +1
भारत में दृश्यता — शहर अनुसार
दुनियाभर में यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, और महाराष्ट्र समेत भारत के कई हिस्सों में यह रात तक दिखेगा।�
लखनऊ में दिखने का समय:
☾ चंद्र ग्रहण शाम को लगभग ६:०२ बजे के आसपास दिखाई देगा और लगभग ४५ मिनट तक दिखाई दे सकता है
ध्यान दें कि ग्रहण का मुख्य हिस्सा पहले भी शुरू हो चुका होगा जब चंद्रमा ऊँचाई पर आयेगा, इसलिए लखनऊ में दृश्यता थोड़ा अलग से शुरू होती है।
✨खास बातें
✨ *यह ग्रहण भारत सहित पूरी दुनिया में दिखने वाला है।*
✨ यह बहुत खास है क्योंकि इसमें चंद्रमा लाल-भूरा रंग लेता है, जिसे लोग “Blood Moon” कहते हैं।
✨ ग्रहण को बिना किसी विशेष सुरक्षा चश्मे के देखा जा सकता है (यह चंद्र ग्रहण है।)

