Browsing: Tenali Raman story in Hindi PDF download

सम्राट कृष्ण देव राय का दरबार लगा था ,महाराज दरबारियों के साथ हल्की फुल्की चर्चा में व्यस्त थे कि अचानक चतुर और चतुराई पर चर्चा जब पड़ी। महाराज के अधिकांश मंत्री और यहां तक कि राजगुरु भी तेनाली राम से जलते थे महाराज के समक्ष अपने दिल की बात रखने का मौका अच्छा था, अतः एक मंत्री बोले-

एक बार एक पड़ोसी राजा ने विजयनगर पर आक्रमण कर दिया। महाराज कृष्ण देव राय और दरबारियों की सूझ-बूझ से कृष्ण देवराय ने वह युद्ध जीत लिया। और विजय उत्सव की घोषणा की।

तेनालीराम किसी कारणवश उचित समय पर उत्सव में ना आ सका। उत्सव की समाप्ति पर महाराज ने कहा,