यह कहानी गौतम बुद्ध पर आधारित है आईए जानते हैं इस कहानी में गौतम बुद्ध जी ने आने वाली पीढ़ी को क्या शिक्षा दी है……
Author: Archana Dwivedi
एक बार की बात है भगवान बुद्ध एक नगर में पधारे उसे नगर का मंत्री बहुत ही नेक,ईमानदार और अच्छे दिल का था। वह महल के अंदर अपने महाराज के पास गया और उसने बोला “महाराज हमारे नगर में भगवान बुद्ध पधारे हैं।
26 जनवरी के प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस मनाया जाता है इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस दिन प्रत्येक देशवासी 26 जनवरी (26 January) को पूरे जोश के साथ गणतंत्र दिवस मनाता है। इस साल देश अपना 74वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) मनाएगा। इस खास मौके पर हर साल इंडिया गेट से लेकर राष्ट्रपति भवन तक राजपथ पर भव्य परेड भी होती है।
गौतम बौद्ध का जन्म 563 ई.पूर्व में नेपाल में हुआ था। गौतम बुद्ध का बचपन में सिद्धार्थ नाम रखा गया था। गौतम के पिता का नाम नरेश सुद्धोधन और उनकी माता का नाम महादेवी था।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने मंगलवार को राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा-2023 का अंतिम चयन परिणाम जारी किया।माधव मौजूदा समय में प्रयागराज में समीक्षा अधिकारी के पद पर तैनात हैं।उत्तर प्रदेश की सूची में माधव का 10वां नंबर आया है। माधव अपनी सफलता के लिए अपने पिता हरिओम उपाध्याय और मां आशा देवी व शिक्षकों को श्रेय देते हैं।
4.स्तंभों की कहानी: मंदिर में कुल 366 खंभे हैं, जिन पर देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां बनी हैं। ये मूर्तियां शिव के अवतार, विष्णु के दशावतार, 64 योगिनियों और देवी सरस्वती के 12 अवतारों को दर्शाती हैं।
मंदिर का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है। यह मंदिर भारत-नेपाली वास्तुकला की शैली में बन रहा है। मंदिर 161 फीट ऊंचा, 380 फीट लंबा और 250 फीट चौड़ा होगा। इसमें तीन गुंबद होंगे, जो भगवान
राजा के बंदरों ने भूरी श्रम और संघर्ष के बावजूद आखिरकार संजीवनी बूटी प्राप्त की और राजा के बाग में लाई। इसे खोजने में जो दुर्बलताएं आईं, वे उनके
बेंत की टोकरिया लेकर सभी नदी के तट पर पहुंच गए। जैसे ही वे सब नदी का पानी टोकरी में भरते पूरा पानी टोकरियों के छेद से निकल जाता और बह जाता। सभी शिष्य परेशान हो चुके थे और थक्कर गुरुकुल वापस लौट आए। किंतु उन सभी शिष्य में से एक शिष्य वही नदी के तट पर रुक रहा। क्योंकि उसे अपने गुरु पर
सभी विद्यार्थियों के मन में काफी उत्सुकता होती है कि हमें अपनी पढ़ाई को किस तरह से तैयारी करनी चाहिए, जिससे कि बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों के सफलता मिल सके।
