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बजट 2026: 75 साल पुरानी परंपरा टूटने के संकेत, ‘पार्ट-बी’ में दिखेगा भारत के आर्थिक भविष्य का रोडमैप
केंद्रीय बजट 2026 को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव सामने आ सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट प्रस्तुति की 75 साल पुरानी परंपरा को तोड़ने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार, बजट भाषण के ‘पार्ट-बी’ में अब केवल टैक्स से जुड़ी घोषणाएं नहीं होंगी, बल्कि इसमें भारत के आर्थिक भविष्य का विस्तृत विज़न पेश किया जाएगा।
अब तक की परंपरा के अनुसार, बजट भाषण का पार्ट-ए सरकार की नीतियों, योजनाओं और आर्थिक दिशा पर केंद्रित होता था, जबकि पार्ट-बी को सिर्फ कर (टैक्स) प्रस्तावों तक सीमित रखा जाता था। यह व्यवस्था आज़ादी के बाद से लगातार चली आ रही थी। लेकिन बजट 2026 में यह ढांचा बदल सकता है।
पार्ट-बी में क्या होगा खास?
इस बार पार्ट-बी में:
देश की दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति
विकास का भविष्य का रोडमैप
वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका
निवेश, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जुड़े लक्ष्य
जैसे विषयों को शामिल किए जाने की संभावना है। यानी पार्ट-बी अब केवल तकनीकी टैक्स घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह नीति और विज़न आधारित हिस्सा बन सकता है।
क्यों अहम है यह बदलाव?
इस बदलाव को सरकार की लॉन्ग-टर्म सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार अब बजट को सिर्फ सालाना आय-व्यय का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला मंच बनाना चाहती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे बजट ज्यादा रणनीतिक, पारदर्शी और उद्देश्यपूर्ण हो सकता है।
2047 के विज़न से जुड़ सकता है बजट
यह भी माना जा रहा है कि बजट 2026 में ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए नीतियों की रूपरेखा पेश की जा सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इकोनॉमी, MSME और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रह सकता है।
निष्कर्ष
अगर यह बदलाव लागू होता है, तो बजट प्रस्तुति के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। पार्ट-बी का यह नया स्वरूप न केवल बजट की संरचना बदलेगा, बल्कि यह भी दिखाएगा कि सरकार भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर लंबी और स्पष्ट योजना के साथ आगे बढ़ रही है।

