Close Menu
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
Facebook X (Twitter) Instagram
  • About
  • Contact
  • Disclaimer
  • Privacy Policy
Facebook X (Twitter) Instagram
India MitraIndia Mitra
Download Our App
  • 🏠 होम
  • देश
  • धर्म
  • प्रेरणादायक
  • रोचक तथ्य
  • लाइफस्टाइल
  • वीमेन डायरी
  • हेल्थ एंड ब्यूटी
    • योग
    • होम्योपैथी
  • इंडिया मित्र सीरीज
    • लॉकडाउन के सितारे
    • गुदड़ी के लाल
India MitraIndia Mitra
Home»धर्म»चंद्र ग्रहण 2026: समय, प्रभाव और मान्यताएँ”
धर्म

चंद्र ग्रहण 2026: समय, प्रभाव और मान्यताएँ”

Updated:March 24, 2026
Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Share
Facebook WhatsApp Twitter Telegram LinkedIn Pinterest Email

चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी अपने आसपास की छाया को चंद्रमा पर डालती है। यह तभी हो सकता है जब चंद्रमा पूर्णिमा (Full Moon) की स्थिति में हो तथा सूर्य–पृथ्वी–चंद्रमा सीधी रेखा में हों।

इसका मतलब:

पृथ्वी सूरज और चंद्रमा के बीच आ जाती है, और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से ग्रहण दिखाई देता है।

चंद्र ग्रहण के प्रकार

पूर्ण चंद्र ग्रहण – चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आता है।
आंशिक चंद्र ग्रहण – चंद्रमा का कुछ हिस्सा छाया में होता है।
उपच्छाया चंद्र ग्रहण – चंद्रमा की हल्की छाया से गुजरता है

敖 चंद्र ग्रहण क्यों होता है?


 वैज्ञानिक कारण:
धुरी पर घूमती पृथ्वी की छाया जब चंद्रमा के ऊपर आती है, तो ग्रहण लगता है।

पौराणिक कथा (भारतीय मान्यता):

समुद्र मंथन के समय राहु (छाया ग्रह) ने अमृत पी लिया था। भगवान विष्णु ने उसका सिर अलग कर दिया। सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु कहलाया। माना जाता है कि ये दोनों सूर्य या चंद्रमा को कभी-कभी निगलने की कोशिश करते हैं, जिससे ग्रहण आते हैं।

 चंद्र ग्रहण का प्रभाव क्या होता है?

वैज्ञानिक दृष्टि से
यह एक खगोलीय घटना है — इसका स्वास्थ्य पर कोई वैज्ञानिक प्रमाणित असर नहीं होता।
इसे नंगी आँखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है।
ज्योतिषीय/धार्मिक मान्यता
हिंदू धर्म में ग्रहण को अशुभ समय माना जाता है।
कुछ लोग ग्रहण काल को मनोवैज्ञानिक रूप से तनाव, मानसिक बेचैनी आदि से जोड़ते हैं। हालांकि यह वैज्ञानिक आधार पर सिद्ध नहीं है।
कुछ लोगों के अनुसार घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है — यह मान्यताएँ सांस्कृतिक हैं।

ग्रहण के दौरान क्या कर सकते हैं और क्या नहीं?

आम धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
✔️ शांत व सकारात्मक विचार रखें।
✔️ ध्यान, प्रार्थना या आत्म-चिंतन कर सकते हैं।
✖️ ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाना (कुछ मान्यताओं के अनुसार)।
✖️ आंखों से सूरज की ओर न देखें (यह सूर्य ग्रहण से संबंधित सावधानी है)।


 वैज्ञानिक दृष्टि से, चंद्र ग्रहण को देखना सुरक्षित है और इससे खाने-पीने या सोने का कोई प्रत्यक्ष हानिकारक असर नहीं होता। यह मान्यताएँ परंपरा और धर्म पर आधारित हैं, न कि वैज्ञानिक प्रमाण पर।
३ मार्च २०२६ — चंद्र ग्रहण का समय (भारत में)
आज का चंद्र ग्रहण ३ मार्च २०२६ को होगा।
समय (IST):
ग्रहण शुरू: ३:२० pm
पूर्ण समाधान/Total Eclipse: ४:३४ pm – ५:३३ pm
ग्रहण समाप्त: ६:४७ pm
यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है — चंद्रमा थोड़ा लाल-साया यानी “Blood Moon” जैसा दिखाई देगा।�
The Times of India +1
भारत में दृश्यता — शहर अनुसार
दुनियाभर में यह चंद्र ग्रहण दिखाई देगा, और महाराष्ट्र समेत भारत के कई हिस्सों में यह रात तक दिखेगा।�

 लखनऊ में दिखने का समय:
☾ चंद्र ग्रहण शाम को लगभग ६:०२ बजे के आसपास दिखाई देगा और लगभग ४५ मिनट तक दिखाई दे सकता है
 ध्यान दें कि ग्रहण का मुख्य हिस्सा पहले भी शुरू हो चुका होगा जब चंद्रमा ऊँचाई पर आयेगा, इसलिए लखनऊ में दृश्यता थोड़ा अलग से शुरू होती है।


✨खास बातें


✨ *यह ग्रहण भारत सहित पूरी दुनिया में दिखने वाला है।*
✨ यह बहुत खास है क्योंकि इसमें चंद्रमा लाल-भूरा रंग लेता है, जिसे लोग “Blood Moon” कहते हैं।
✨ ग्रहण को बिना किसी विशेष सुरक्षा चश्मे के देखा जा सकता है (यह चंद्र ग्रहण है।)

Like this:

Like Loading…

Related

Share. Facebook WhatsApp Twitter Telegram Pinterest LinkedIn Email
Previous Articleहोलिका दहन 2026: बुराई पर अच्छाई की जीत का पावन पर्व 🔥
Next Article 5 मिनट में उबले आलू का बनाये ऐसा नाश्ता जिसे बच्चे मांग मांग कर खाएंगे

Related Posts

अपरा एकादशी क्यों है इतनी खास? जानिए व्रत का महत्व और पूजा नियम

May 14, 2026

जाने क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल क्या है इसका महत्व

May 5, 2026

🌸गुरु पूर्णिमा: जीवन बदल देने वाला पर्व

May 1, 2026
लेटेस्ट स्टोरीज

इसरो (ISRO) का सफर: साइकिल और बैलगाड़ी से मंगलयान और चंद्रयान तक की गौरवगाथा

May 31, 2026

उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती: आखिर क्या हैं इसके कारण और समाधान?

May 30, 2026

पोखरण परमाणु परीक्षण: ‘बुद्ध फिर मुस्कुराए’ – भारत की परमाणु शक्ति का उदय।

May 30, 2026

लाल किले पर पहला तिरंगा – 15 अगस्त 1947 की वह सुबह जब भारत ने सदियों बाद अपनी आज़ादी का सूरज देखा

May 29, 2026
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली कटौती: आखिर क्या हैं इसके कारण और समाधान?

May 30, 2026

🚨 मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी, खराब मौसम को लेकर चेतावनी

May 25, 2026

पीएम मोदी की अपील के बाद बदलेगा सरकारी काफिलों का तरीका

May 12, 2026

शपथ प्रक्रिया में विलंब पर हाई कोर्ट सख्त, प्रशासन से मांगा स्पष्टीकरण

May 12, 2026
सरकारी योजनाये

उत्तर प्रदेश सरकार की पहल: UPSI अभ्यर्थियों के लिए फ्री बस सेवा

March 12, 2026

आयुष्मान भारत मिशन क्या है, आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाये

August 24, 2023

क्या आप जानते हैं?.. क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की ” परिवार कल्याण कार्ड योजना”

August 25, 2022

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज व आवेदन की प्रक्रिया

May 4, 2022

News

  • World
  • US Politics
  • EU Politics
  • Business
  • Opinions
  • Connections
  • Science

Company

  • Information
  • Advertising
  • Classified Ads
  • Contact Info
  • Do Not Sell Data
  • GDPR Policy
  • Media Kits

Services

  • Subscriptions
  • Customer Support
  • Bulk Packages
  • Newsletters
  • Sponsored News
  • Work With Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

© 2026 India Mitra | All Rights Reserved. Designed by RG Marketing.
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Contact

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

%d