“कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की, तू कौम पे लुटाए जा।” ये पंक्तियाँ सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं और रगों में देशभक्ति का लहू दौड़ने लगता है। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि उन जांबाज सिपाहियों का जोश था जिन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में भारत की आजादी के लिए अपनी जान हथेली पर रख ली थी। आइए, Indiamitra के इस लेख में जानते हैं इस अमर तराने का गौरवशाली इतिहास।
1. गीत की रचना और संगीत
इस ऐतिहासिक गीत को 1942 में आज़ाद हिंद फ़ौज (INA) के लिए लिखा गया था। इसके रचयिता पंडित वंशीधर शुक्ल थे, जबकि इसकी अमर धुन कैप्टन राम सिंह ठाकुरी ने तैयार की थी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस चाहते थे कि आज़ाद हिंद फ़ौज के पास एक ऐसा ‘मार्चिंग सॉन्ग’ हो, जिसे गाते हुए सैनिक मीलों का सफर तय कर सकें और थकान की जगह उनके मन में उत्साह भरा रहे।
2. नेताजी का विजन और कैप्टन राम सिंह
कैप्टन राम सिंह ठाकुरी, जो खुद एक बेहतरीन संगीतकार और सिपाही थे, ने इस गीत की धुन को इतना प्रभावशाली बनाया कि यह सीधे दिल पर चोट करती है। जब आज़ाद हिंद फ़ौज के सिपाही सिंगापुर और म्यांमार (बर्मा) के जंगलों में अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे, तब यह गीत उनकी सबसे बड़ी ताकत बना। नेताजी का मानना था कि एक गीत हज़ारों भाषणों से ज़्यादा प्रभाव डाल सकता है।
3. ‘ये जिंदगी है कौम की’: बलिदान का संदेश
इस गीत के बोल वीरता और त्याग की पराकाष्ठा हैं।
“तू शेर-ए-हिंद आगे बढ़, मरने से तू कभी न डर”: यह पंक्ति सिपाहियों को मौत के डर से ऊपर उठकर मातृभूमि के लिए लड़ने की प्रेरणा देती थी।
“चलो दिल्ली पुकार के”: यह आज़ाद हिंद फ़ौज के मुख्य नारे ‘दिल्ली चलो’ का ही संगीतमय रूप था, जो आज़ादी के अंतिम लक्ष्य को दर्शाता था।
4. आज़ादी के बाद का गौरव
भारत की आज़ादी के बाद, इस गीत की लोकप्रियता कम नहीं हुई। आज भी भारतीय थल सेना (Indian Army) द्वारा इस गीत को ‘क्विक मार्च’ (Quick March) की धुन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। जब भी भारतीय सैनिक परेड करते हैं, ‘कदम कदम बढ़ाए जा’ की धुन उनके अनुशासन और जज्बे को प्रदर्शित करती है।
5. एक रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं? आज़ादी के समय ब्रिटिश सरकार ने इस गीत पर पाबंदी लगाने की कोशिश की थी क्योंकि यह गीत भारतीय युवाओं में विद्रोह की ज्वाला भड़का रहा था। लेकिन पाबंदी ने इसे और भी ज़्यादा प्रसिद्ध बना दिया और यह घर-घर में गाया जाने लगा।

