आज 25 फ़रवरी 2026 को दुनिया ने एक इतिहासिक और अनुकरणीय क्षण देखा जब इज़रायल की संसद — नेसेट (Knesset) — को **भारतीय राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के रंगों में रोशन किया गया। यह अभिनव कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वि-दिवसीय राजकीय दौरे के अवसर पर सम्मान स्वरूप किया गया है, और इसे दोनों देशों के गहरे मित्रता-बंधन और साझेदारी का प्रतीक माना जा रहा है।
इज़रायली संसद का प्रमुख भवन दिन में सामान्य दिखता है, लेकिन रात होते ही वह केसरी, सफ़ेद और हरे रंगों में चमक उठा — ठीक वैसे ही जैसे किसी महान संदेश को दुनिया के सामने रखा गया हो। यह रंग भारतीय तिरंगे के अनुरूप हैं, और इस सुंदर प्रकाश ने यरुशलम शहर को गर्व से भरा हुआ दिखाया।
क्यों है यह पल खास?
ऐतिहासिक दौरा – 9 वर्षों के बाद यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इज़रायल की दूसरी राज्य-भरी यात्रा है।
पहला भारतीय पीएम भाषण देंगे नेसेट में – मोदी पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे जो इज़रायली संसद को संबोधित करेंगे।
गहरा दोस्ती-बंधन – विपक्ष के नेता और सांसद दोनों ने पीएम मोदी को “सच्चा मित्र” बताया और कहा है कि भारत-इज़रायल रिश्ता सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि गहरी दोस्ती का प्रतीक है।
विशेष स्वागत – नेतन्याहू ने रेड कार्पेट स्वागत और एक निजी डिनर भी रखा है।
दोनों देशों के बीच रिश्तों की गहराई
भारत और इज़रायल के बीच रणनीतिक साझेदारी कई क्षेत्रों में विकसित हो चुकी है — जैसे:
रक्षा सहयोग
सेक्योरिटी और तकनीकी साझेदारी
कृषि नवाचार
अंतरिक्ष, जल प्रबंधन और विज्ञान-प्रौद्योगिकी
व्यापार और निवेश
यह यात्रा इन सभी सहयोगों को और मजबूत करने का लक्ष्य रखती है, जिससे दोनों देश भविष्य में और भी घनिष्ठ रणनीति तय कर सकें।
बिज़नेस स्टैंडर्ड
विश्व मीडिया में भी रहा जोरदार स्वागत
इरज़रायल के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार The Jerusalem Post ने भी अपने पहले पन्ने पर “Welcome, Modi” शीर्षक के साथ इस दौरे को बड़े गर्व से प्रकाशित किया।
संसद के तिरंगे रंगों में सजने की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं, जिसमें संसद की रोशन दीवारें भारतीय तिरंगे की चमक बिखेरती दिख रही हैं।
⭐ एक प्रतीकात्मक संदेश
इज़रायल में संसद भवन का भारतीय तिरंगे के रंगों से रोशन होना सिर्फ एक स्वागत संकेत नहीं है — यह दो लोकतांत्रिक देशों की बढ़ती साझेदारी, विश्वास और सम्मान का प्रतीक है। यह तस्वीरें और रोशन दृश्य सम्पूर्ण विश्व को एक संदेश देती हैं कि भारत और इज़रायल का रिश्ता आज नई ऊँचाइयों पर पहुँचा है।

