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जगदीप धनखड़ भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के लिए उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे ।उन्हें उपराष्ट्रपति के पद पर नियुक्ति के पश्चात 11 अगस्त को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 69 के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू द्वारा शपथ दिलाई गई ।इन्होंने मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की जगह लिया।

संविधान के तहत भारतीय गणराज्यका सर्वोच्च न्यायालय है। भारत का सर्वोच्च न्यायालय भारत का सर्वोच्च न्यायिक निकाय है और  यह सबसे वरिष्ठ संवैधानिक न्यायालय है, और इसके पास अनुच्छेद 137 के अनुसार न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति है।

भारत के उच्चतम न्यायालय से संबंधित महत्वपूर्ण अनुच्छेद इस प्रकार हैं

Faster का फुल फॉर्म फॉर्म फास्ट एंड सिक्योर ट्रांसमिशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड(fast and secure transmission of electronic records

उच्चतम न्यायालय भारत का सर्वोच्च न्यायालय न्यायिक समीक्षा की शक्ति के साथ देश का शीर्ष न्यायालय है एवं यह भारत के संविधान के तहत न्याय की अपील हेतु अंतिम न्यायालय है। भारत एक संघीय राज्य है एवं इसकी एकल तथा एकीकृत न्यायिक प्रणाली है

भारतीय  संविधान के पांचवे भाग के अंतर्गत अनुच्छेद 79 से 122 में संसद के गठन, संरचना, अवधि, अधिकारियों, प्रक्रिया, विशेषाधिकार और शक्तियों के बारे में बताया गया है| 

राष्ट्रपति को भारत का प्रथम नागरिक कहा जाता है। हालांकि भारत के संविधान द्वारा इन शक्तियों के साथ निहित है, स्थिति काफी हद तक एक औपचारिक है और कार्यकारी शक्तियों का प्रयोग वास्तव में प्रधानमंत्री  द्वारा किया जाता है । भारत का राष्ट्रपति भारतीय राष्ट्र का प्रमुख और भारतीय सशस्त्र बलों का सर्वोच्च कमांडर  होता है

मौलिक अधिकार, वे अधिकार है जो नागरिकों के व्यक्तित्त्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसका वर्णन भारतीय संविधान के भाग 3 में है. और नीति निर्देशक तत्व संविधान के भाग 4 में वर्णित है। नीति निर्देशक तत्व से आशय संविधान द्वारा राज्य को दिया गया निर्देश है। राज्य किस प्रकार के तत्वों पर अपनी नीतियों का निर्धारण करेगा, इसका वर्णन नीति निर्देशक सिद्धांत में है। तो आज हम आपसे मौलिक अधिकार और नीति निदेशक तत्वों के बीच अंतर  के बारे में बात करेंगे.

राज्य के नीति निर्देशक तत्वों को संविधान के भाग-4 में अनुच्छेद 36 से 51 तक में शामिल किया गया है।

नीति निर्देशक तत्व बाध्यकारी नहीं हैं अर्थात यदि राज्य इन्हें लागू करने में असफल रहता है तो कोई भी इसके विरुद्ध न्यायालय नहीं जा सकता है। नीति निर्देशक तत्वों की स्वीकृति राजनीतिक जो ठोस संवैधानिक और नैतिक दायित्वों पर आधारित है।

मौलिक अधिकार  भारतीय संविधान के भाग 3 में वर्णित भारतीय नागरिकों को प्रदान किए गए वे अधिकार हैं जो सामान्य स्थिति में सरकार द्वारा सीमित नहीं किए जा सकते हैं और जिनकी सुरक्षा का प्रहरी सर्वोच्च न्यायालय है।

जब संविधान बना था तब उस समय संविधान में  कुल 22 भाग और 8 अनुसूचियां थीं  | संविधान में संवैधानिक संशोधनों के पश्चात अनुसूचियों की संख्या 8 से बढ़कर 12 हो गई है । संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत क्रमशः संविधान के 73वें और 74वें संशोधन द्वारा 11वीं एवं 12वीं अनुसूची को संविधान में सम्मिलित किया गया हैं ।