Browsing: धर्म

मां कूष्मांडा को अष्टभुजा देवी कहा जाता है। उनकी आठ भुजाएं हैं। मां कूष्मांडा के हाथों में धनुष, बाण, कमल पुष्प, चक्र, गदा, कमंडल, जप माला और अमृकपूर्ण कलश कहता है। मां कुष्मांडा सिंह की सवारी करती है।

देवी चंद्रघंटा को प्रसन्न करने के लिए श्रद्धालुओं को भूरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। मां चंद्रघंटा को अपना वाहन सिंह बहुत प्रिय है और इसीलिए गोल्डन रंग के कपड़े पहनना भी शुभ है। 

आज नवरात्रि का दूसरा दिन है। आज के दिन नवो  देवी माताओ में मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है।आज के दिन  मां ब्रह्मचारिणी की विधि विधान से पूजा की जाएगी। उनकी आरती की जाएगी और मां का पसंदीदा भोग लगाया जाएगा। मां का यह स्‍वरूप श्‍वेत वर्ण का है।

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा ने स्वर्ग और पृथ्वी की रचना की थी। उन्होंने देवताओं के लिए कई अद्भुत वस्तुएँ बनाईं, जिनमें से एक थी भगवान इंद्र का वज्र। भगवान विश्वकर्मा ने ही भगवान शिव के लिए कैलाश पर्वत की रचना की थी।

इस साल परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 14 सितंबर शनिवार को रखा जाएगा। मान्‍यता है कि इस दिन भगवान विष्‍णु की विधि विधान से पूजा करने और व्रत करने से आपको सभी पापों से मुक्ति मिलने के साथ ही मोक्ष की भी प्राप्ति होती है

किशोरी जी श्रीकृष्ण जी की प्राणप्रिया मानी जाती है। प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को राधा अष्टमी (Radha Ashtami 2024) का पर्व मनाया जाता है।

प्राचीन काल में एक ब्राह्मण था जिसका नाम उत्तंक था। वह बहुत ही धार्मिक और वेदों के ज्ञाता थे। एक दिन, वह अपनी पत्नी के साथ एक यज्ञ में भाग लेने के लिए गया। वहाँ, उन्होंने देखा कि यज्ञ के लिए एक गाय की बलि दी जा रही है। उत्तंक को यह देखकर बहुत दुःख हुआ और उन्होंने सोचा कि यह कैसे धर्म हो सकता है।

गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र व कर्नाटक में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था।गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है।

सनातन धर्म में कुंवारी लड़कियों और सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का विशेष महत्व है। यह व्रत निर्जला किया जाता है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है।