बहुत गरीब होने के कारण बेगम हजरत महल को राजशाही घरों में डांस करने पर मजबूर होना पड़ा । जहां पर इनको शाही हरम के एक परी समूह में शामिल कर लिया गया था । उसके बाद उन्हे‘महक परी’ के नाम से जाना जाने लगा। एक बार उन्हें अवध के नवाब के यहां डांस करने के लिए बुलाया गया और जब वहां के नवाब ने उन्हें देखा
Author: Archana Dwivedi
यदि हम किसी भी काम को लगातार करते रहते है , तो एक न एक दिन हमे उस काम में सफलता अवश्य मिलती है . हम इसी का उदारण ले लेते है जैसे
यदि आप भी ऐसे ही करते हैं तो सावधान हो जाइए और ऐसे प्रयोग करना बंद करें। आइए जानते हैं कि खाना पकाते समय हल्दी का प्रयोग किस प्रकार करना चाहिए जिससे यह हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगा..
मैदा लकड़ी एक पौधे का नाम है। जिसकी छाल बहुत ही फायदेमंद होती है। आयुर्वेद में इसकी छाल से कई रोगों का इलाज किया जाता है। अंग्रेजी में इस लकड़ी को लॉरेल कहा जाता है और साइंटिफिक नाम ग्लूटीनोसा है।
आजकल बिगड़ते खानपान की वजह से लोगो को अनेक प्रकार की समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। लोगो द्वारा अपने स्वास्थ्य का सही तरीके से ध्यान न देने के कारण उन्हें शुगर ,गठिया रोग, सांस की बीमारी, मोटापा, पथरी , मूत्र मार्ग में रूकावट, किडनी फेल आदि बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है।
होली खेले मगर प्यार और सावधानी से क्युकी कई बार लोग खुशियो के इस त्यौहार में केमिकल का प्रयोग करके रंग में भंग डाल देते है, जिनका असर आपकी स्किन ,आँखों और आपके बालो पर पड़ता है। अगर आप सावधानी नहीं रखते है तो आपको होली की मस्ती के बीच त्वचा और स्वास्थ्य
शवासन प्राणायाम मन एवं आत्मा पर नियंत्रण करना सिखाता है यह योग मन के नकारात्मक विचारो व भावनाओ को ख़त्म करके सकारात्मक विचारो को उत्पन्न करता है इससे एक पॉजिटिव ऊर्जा का संचार होता है आत्मिक बल बढ़ता है योग और प्राणायाम मन से चिंता, विरोधभास और निराशा को दूर करता है अतः इससे मन शांत रहता है
भ्रामरी का अर्थ है -भवँरे का गुंजन । इस प्राणायाम में रेचक करते समय भ्रमर के समान गुंजन की आवाज निकलती है इसलिए इसे मधुमक्खी श्वास भी कहा जा सकता है। भ्रामरी (बी ब्रीथ) ध्यान के लिए एक प्रभावी प्राणायाम (श्वास व्यायाम) है। भ्रामरी प्राणायाम थकान और मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है
एक बार की बात है कोलकत्ते के एक स्कूल से विद्यार्थियों का एक समूह विलियम फोर्ट देखने गया किले की सुंदरता बहुत अद्वितीय थी बच्चे उस किले की एक -एक चीज देखने के लिए बहुत अधिक उत्साहित ….
योग विज्ञान पर आधारित एक आध्यात्मिक विषय है , जो मन और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित करने का साधन है योग के विज्ञान की उत्तपत्ति हजारो साल पहले हुई थी योग का प्रथम गुरु एवं योगी भगवान शिव को माना जाता है कई हजार वर्ष पूर्व आदियोगी ने अपने प्रबुद्ध योग ज्ञान को प्रसिद्द सप्त ऋषियों (कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भारद्वाज।) को प्रदान किया
