युद्ध में विजय प्राप्त करने के बाद राजा कृष्णदेव राय ने भव्य विजय उत्सव का आयोजन किया। उत्सव के समापन पर राजा ने दरबार में उपस्थित सभी लोगों से कहा—“यह विजय केवल मेरी नहीं है, बल्कि मेरे सभी साथियों और सहयोगियों की सामूहिक जीत है। इसलिए मैं चाहता हूँ कि मेरे मंत्रिमंडल के सभी सदस्य इस अवसर पर पुरस्कार प्राप्त करें। आप सभी अपनी-अपनी पसंद का पुरस्कार चुन सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि हर व्यक्ति को अलग-अलग वस्तु लेनी होगी। एक ही पुरस्कार दो लोगों को नहीं मिलेगा।”यह कहकर राजा ने उस मंडप का परदा हटवाया, जहाँ अनेक…
Author: Archana Dwivedi
देशभर में यूजीसी नेट पर बना नया कानून एक बड़ा मुद्दा बन गया है।भारत में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन या यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को नए नियम जारी किए. ये नियम इसी विषय पर 2012 में लागू किए गए नियमों की जगह जारी किए गए हैं. जहां 2012 के नियमों में ‘भेदभाव’ की बात की गई थी वहीं 2026 में लाए गए संशोधित नियमों में भेदभाव की परिभाषा में ‘जाति‑आधारित भेदभाव’ को जोड़ा गया है। नए नियमों के मुताबिक़ “जाति-आधारित भेदभाव” का मतलब सिर्फ़ जाति या जनजाति के आधार पर अनुसूचित जाति,…
हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। यह व्रत भगवान श्री विष्णु एवं श्री कृष्ण को समर्पित है। शास्त्रों में इस एकादशी को अत्यंत पुण्यदायी बताया गया है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य के समस्त पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। जया एकादशी की तिथि इस वर्ष 2026 में जया एकादशी 29 जनवरी (गुरुवार) को मनाई जाएगी।एकादशी तिथि का प्रारंभ 28 जनवरी की संध्या से होकर 29 जनवरी को दोपहर तक रहेगा, इसलिए व्रत 29 जनवरी को ही रखा जाएगा।…
26 जनवरी 2026 को भारत ने अपना 77वाँ गणतंत्र दिवस पूरे देश में हर्ष, गर्व और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया।यह दिन हमें याद दिलाता है कि भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य है, जहाँ सर्वोच्च शक्ति जनता के पास है। गणतंत्र दिवस का ऐतिहासिक महत्व 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ,और भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र के साथ-साथ गणराज्य बना।इसी कारण हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। ⭐ 77वें गणतंत्र दिवस का महत्व संविधान की शक्ति और गरिमा का प्रतीकनागरिकों के अधिकार, कर्तव्य और समानता की याददेश की एकता, अखंडता…
एक दिन बादशाह अकबर ने बीरबल से कहा,“बीरबल! बताओ, इस दुनिया में सबसे कीमती चीज़ क्या है?”बीरबल ने तुरंत उत्तर नहीं दिया। उसने कहा,“जहाँपनाह, मुझे एक दिन का समय दीजिए।”अगले दिन बीरबल बादशाह को एक सूखे कुएँ के पास ले गया।उसने कहा,“जहाँपनाह, यह कुआँ आज से आपकी संपत्ति है।”अकबर हैरान हुए—“सूखा कुआँ? इसमें क्या कीमती है?” बीरबल मुस्कराया और बोला,“जहाँपनाह, अभी इसमें कुछ नहीं है, इसलिए कोई इसकी क़ीमत नहीं समझ रहा।लेकिन जिस दिन इसमें पानी आ जाएगा, तब यही कुआँ सबसे कीमती बन जाएगा।”फिर बीरबल ने कहा— “जिस चीज़ की कमी होती है, वही सबसे मूल्यवान होती है।पानी, समय,…
1️⃣ सिलेबस को अपना रोडमैप बनाइए सबसे पहले पूरा सिलेबस ध्यान से देखें और यह तय करें किकौन-से chapter ज्यादा अंक वाले हैंकौन-से chapter आपको पहले से आते हैंइससे आपकी पढ़ाई भटकेगी नहीं। 2️⃣ रोज़ाना पढ़ाई का समय तय रखें रोज़ पढ़ने का समय निश्चित रखेंकम समय पढ़ें, लेकिन ध्यान लगाकर पढ़ेंलगातार बैठकर घंटों पढ़ना ज़रूरी नहीं, समझकर पढ़ना ज़रूरी है। 3️⃣ लिख-लिखकर अभ्यास करें Board परीक्षा लिखने की परीक्षा होती है।इसलिए:उत्तर लिखने का अभ्यास करेंformulas, definitions, diagrams खुद से लिखेंइससे डर और गलती दोनों कम होती हैं। 4️⃣ पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र ज़रूर देखें इससे प्रश्नों का pattern समझ…
प्राचीन काल की बात है। सृष्टि के प्रारंभ में भगवान ब्रह्मा ने जीवों की रचना तो कर दी, परंतु पृथ्वी पर चारों ओर नीरवता थी। न कहीं वाणी थी, न संगीत, न ज्ञान का प्रकाश। यह देखकर भगवान ब्रह्मा चिंतित हुए। तब उन्होंने अपने कमंडल से जल छिड़का और उस जल से माँ सरस्वती प्रकट हुईं।माँ सरस्वती के हाथों में वीणा, पुस्तक और माला थीं। उन्होंने वीणा के तार छेड़े और जैसे ही मधुर स्वर गूंजा, सृष्टि में वाणी, ज्ञान, संगीत और बुद्धि का संचार हुआ। पशु-पक्षी बोलने लगे, मनुष्य को भाषा और विवेक मिला। सारा संसार ज्ञानमय हो उठा।जिस…
बसंत पंचमी का पर्व विद्या, बुद्धि, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती को समर्पित है। इस दिन पूजा करने के पीछे धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक—तीनों कारण हैं। बसंत पंचमी की पूजा माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को की जाती है। 1. माँ सरस्वती का अवतरण दिवस धार्मिक मान्यता के अनुसार—बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती का प्राकट्य हुआ था।सृष्टि में ज्ञान, वाणी और विवेक का संचार इसी दिन हुआ। इसलिए इस दिन माँ सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है। 2. विद्या और बुद्धि की प्राप्ति के लिए माँ सरस्वती ज्ञान, स्मरण शक्ति, विवेक और…
एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक लड़का रहता था। उसके पिता किसान थे और माँ सिलाई करके घर चलाती थीं। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, लेकिन आदित्य के सपने बहुत बड़े थे। वह शिक्षक बनना चाहता था, ताकि गाँव के बच्चों को सही मार्गदर्शन मिल सके।आदित्य पढ़ने में मेहनती था, पर परिस्थितियाँ उसके अनुकूल नहीं थीं। कभी बिजली नहीं होती, कभी खेतों में काम करना पड़ता, तो कभी छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी। फिर भी वह रोज़ रात को मिट्टी के दीये की रोशनी में पढ़ता। कई बार आँखें थक जातीं, लेकिन मन नहीं हारता।समय आया…
गरम मसाला भारतीय रसोई का बहुत ही महत्वपूर्ण मसाला है। यह कई साबुत मसालों (जैसे—दालचीनी, लौंग, इलायची, काली मिर्च, जीरा, धनिया आदि) को मिलाकर बनाया जाता है। डेली लाइफ में सीमित मात्रा में गरम मसाले का उपयोग करने से कई स्वास्थ्य, पाचन और जीवनशैली से जुड़े फायदे होते हैं। नीचे विस्तार से समझिए— ✅गरम मसाले के डेली लाइफ में फायदे 1️⃣ पाचन तंत्र को मजबूत करता हैगरम मसाला डाइजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टिव करता हैगैस, अपच, पेट भारीपन और कब्ज में राहत देता हैखाने को जल्दी और सही तरीके से पचाने में मदद करता है रोज़ाना दाल-सब्ज़ी में चुटकी भर गरम…
