संतो ने शिष्यों से कहा- ” आज तुम सभी को टोकरियों में जल भरकर लाना है। उसी जल से आश्रम की सफाई करनी है। याद रखना जल केवल वही होना चाहिए जो टोकरी में भरकर लाया गया हो। “
Author: Archana Dwivedi
इस वर्ष 95वी ऑस्कर अवार्ड सेरेमनी मनाई गयी है। इस ऑस्कर में भारत ने फिल्म प्रोडक्शन में दो अवार्ड प्राप्त करके इतिहास रच दिया है। फिल्म RRR के गाने ‘नाटू-नाटू’ ने बेस्ट ओरिजिनल सांग का अवार्ड प्राप्त किया है । इस फिल्म को बनाने में कुल 19 महीने लगे थे । गीतकार चंद्रबोस ने फिल्म के लिए २० गाने लिखे थे लेकिन २० में से केवल ‘नाटू-नाटू’ को ही फाइनल करके पसंद किया गया। यह गोल्डन ग्लोब प्राप्त करने वाला एशियन गाना भी है
एक विशेष अध्ययन द्वारा यह सामने आया है कि सहजन सेहत के लिए बहुत लाभकारी होता है। प्राचीन समय में भी इसका प्रयोग आयुर्वेद में किया जाता था ।आयुर्वेद के अनुसार सहजन में लगभग ३००से अधिक बीमारियों का इलाज करने की ताकत होती है।
बहुत गरीब होने के कारण बेगम हजरत महल को राजशाही घरों में डांस करने पर मजबूर होना पड़ा । जहां पर इनको शाही हरम के एक परी समूह में शामिल कर लिया गया था । उसके बाद उन्हे‘महक परी’ के नाम से जाना जाने लगा। एक बार उन्हें अवध के नवाब के यहां डांस करने के लिए बुलाया गया और जब वहां के नवाब ने उन्हें देखा
यदि हम किसी भी काम को लगातार करते रहते है , तो एक न एक दिन हमे उस काम में सफलता अवश्य मिलती है . हम इसी का उदारण ले लेते है जैसे
यदि आप भी ऐसे ही करते हैं तो सावधान हो जाइए और ऐसे प्रयोग करना बंद करें। आइए जानते हैं कि खाना पकाते समय हल्दी का प्रयोग किस प्रकार करना चाहिए जिससे यह हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होगा..
मैदा लकड़ी एक पौधे का नाम है। जिसकी छाल बहुत ही फायदेमंद होती है। आयुर्वेद में इसकी छाल से कई रोगों का इलाज किया जाता है। अंग्रेजी में इस लकड़ी को लॉरेल कहा जाता है और साइंटिफिक नाम ग्लूटीनोसा है।
आजकल बिगड़ते खानपान की वजह से लोगो को अनेक प्रकार की समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। लोगो द्वारा अपने स्वास्थ्य का सही तरीके से ध्यान न देने के कारण उन्हें शुगर ,गठिया रोग, सांस की बीमारी, मोटापा, पथरी , मूत्र मार्ग में रूकावट, किडनी फेल आदि बीमारियों का शिकार होना पड़ रहा है।
होली खेले मगर प्यार और सावधानी से क्युकी कई बार लोग खुशियो के इस त्यौहार में केमिकल का प्रयोग करके रंग में भंग डाल देते है, जिनका असर आपकी स्किन ,आँखों और आपके बालो पर पड़ता है। अगर आप सावधानी नहीं रखते है तो आपको होली की मस्ती के बीच त्वचा और स्वास्थ्य
शवासन प्राणायाम मन एवं आत्मा पर नियंत्रण करना सिखाता है यह योग मन के नकारात्मक विचारो व भावनाओ को ख़त्म करके सकारात्मक विचारो को उत्पन्न करता है इससे एक पॉजिटिव ऊर्जा का संचार होता है आत्मिक बल बढ़ता है योग और प्राणायाम मन से चिंता, विरोधभास और निराशा को दूर करता है अतः इससे मन शांत रहता है
