Author: Archana Dwivedi

I’m Archana Dwivedi - a dedicated educator and founder of an educational institute. With a passion for teaching and learning, I strive to provide quality education and a nurturing environment that empowers students to achieve their full potential.

किसी भी देश की खुशहाली और विकास इस बात पर निर्भर करता है कि वहां रहने वाले लोग कितने पढ़े-लिखें हैं। ऐसे में लोगों को साक्षरता के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। भारत में भी इसको लेकर कई प्रयास किए जा रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2024 की थीम इस वर्ष का विषय, ‘ बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देना: आपसी समझ और शांति के लिए साक्षरता ‘ इस बात पर जोर देता है कि बहुभाषी दृष्टिकोण न केवल साक्षरता क्षमताओं को विकसित करने में सहायक है; बल्कि यह अंतर-सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और…

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प्राचीन काल में एक ब्राह्मण था जिसका नाम उत्तंक था। वह बहुत ही धार्मिक और वेदों के ज्ञाता थे। एक दिन, वह अपनी पत्नी के साथ एक यज्ञ में भाग लेने के लिए गया। वहाँ, उन्होंने देखा कि यज्ञ के लिए एक गाय की बलि दी जा रही है। उत्तंक को यह देखकर बहुत दुःख हुआ और उन्होंने सोचा कि यह कैसे धर्म हो सकता है।

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गणेश चतुर्थी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है। यह त्योहार भारत के विभिन्न भागों में मनाया जाता है किन्तु महाराष्ट्र व कर्नाटक में बडी़ धूमधाम से मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार इसी दिन भगवान श्री गणेश जी का जन्म हुआ था।गणेश चतुर्थी पर हिन्दू भगवान गणेशजी की पूजा की जाती है।

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सनातन धर्म में कुंवारी लड़कियों और सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज का विशेष महत्व है। यह व्रत निर्जला किया जाता है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है।

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एक वक्त था जब दीप्ति जीवनजी को उनके ही गांव वाले मेंटल मंकी कहकर चिढ़ाते थे, लेकिन गर्व कर रहे होंगे। इस महिला एथलीट ने पैरालंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता और देश को गौरवान्वित किया।

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आज सर्च इंजन गूगल 25 साल का हो गया है। गूगल इस खास मौके को डूडल बनाकर सेलिब्रेट कर रहा है। वहीं, कंपनी के CEO सुंदर पिचाई ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा, ‘हैप्पी 25 बर्थडे गूगल!

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एक बार राजा अकबर का दरबार लगा था। बीरबल के साथ ही सभी मंत्रीगण बैठे थे। अकबर की आदत थी कि वे बीरबल की परीक्षा लेते रहते थे। ऐसा करने में उन्हें आनंद आता था।’ अकबर ने एकाएक बीरबल से पूछा लिया, ‘ऐसी लाइन बताओ, जिसे कोई इनसान सुख में पढ़ें, तो उसे दुख हो और वहीं लाइन दुख में पढ़ें, तो सुख मिले।’ बीरबल ने एक पल सोचा और जवाब दे दिया। बीरबल ने कहा, ‘जहांपनाह, वो लाइन है- यह वक्त भी गुजर जाएगा।’ बीरबल ने समझाया कि यह लाइन उस इनसान के लिए भी है, जिसका वक्त अभी…

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महाराणा प्रताप सिंह ने जम्मू कश्मीर पर 1885 से 1925 तक शासन किया था। वह अपनी प्रजा के दुख- दर्द  जानने के लिए वेश बदलकर घूमा करते थे। वह एक दिन घूमते घूमते किसी तालाब के पास पहुंचे। वहां उन्होंने एक युवक को लेटा हुआ देखा। बुखार से उसका शरीर तप रहा था। महाराज के पूछने पर उसने बताया मैं अपनी पत्नी को लिवाने जम्मू जा रहा हूं। मैं लक्ष्मी मेहतरानी जमाई हूं। राजा ने उसे घोड़े पर बैठ जाने को कहा ,पर वह इतना कमजोर हो चुका था कि घोड़े पर चढ़ नहीं सका। तब महाराज ने उसे अपने…

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हरछठ यानि ललही छठ व्रत कथा के अनुसार प्राचीन काल में एक ग्वालिन रहती थी। उसको जल्द ही बच्चा होने वाला था। एक तरफ वह प्रसव संबंधित परेशानियों से व्याकुल थी तो वहीं दूसरी तरफ उसका मन गोरस यानि दूध-दही बेचने में लगा हुआ था। उसने सोचा कि यदि उसे प्रसव हो गया तो उसका गौ-रस यूं ही पड़ा रह जाएगा

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