यदि आप भी बालों की समस्या से परेशान है या फिर आपके बाल भी अधिक झड़ रहे हैं तो इन तरीकों को अपनाकर अपने बालों को झड़ने से बचा सकते हैं एवं उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं।बालों की देखभाल के लिए आपको किसी ब्यूटी पार्लर में जाने की ज़रूरत नहीं है,
Author: Archana Dwivedi
भारत के इतिहास में ऐसे ही शख्स हुए हैं, जिनका नाम है तेनालीराम। तेनालीराम की बुद्धिमानी से भला कौन परिचित नहीं है। तेनालीराम की जीवनी विजयनगर नगर से ही शुरू होती है। जहां वह महाराज कृष्णदेव राय के सबसे प्रिय मंत्री हुआ करते थे। वह उन्हें हर उलझन से निकालने में मदद करते थे। तेनालीराम के किस्से तब भी प्रसिद्ध थे
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इंडियन काउंसलिंग ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी(ICMR ) ने सामान्य सिंड्रोम में इलाज को लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें बताया गया है कि डॉक्टर की सलाह और उनके लिखे पर्चे पर ही एंटीबायोटिक दवाइयां दी जाएगी।
रामायण सहित पुरातन में अयोध्या को अत्यंत पवित्र भूमि बताया गया है क्योंकि इस भूमि पर भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। वर्तमान समय में अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण का कार्य चल रहा है तो ऐसे में इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है वैसे तो हर साल दुनिया भर से लोग यहां आते रहते हैं लेकिन विकास के बाद इसका अनुमान है कि इसकी संख्या लाखों में पहुंच जाएगी। आइये जानते हैं प्रभु श्री राम मंदिर व पवित्र कुंडो के बारे में विस्तार से – राम मंदिर की संरचना भगवान श्री राम…
महात्मा बुद्धा का जन्म नेपाल के तराई मैदानी क्षेत्र में स्थित लुम्बिनी में हुआ था। 29 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपना घर त्याग दिया था। उन्होंने अपना शाही जीवन त्यागकर उन्होंने तपस्या, आत्म-अनुशासन को अपना लिया। गौतम बुद्ध ने बोधगया में एक पीपल के पेड़ के नीचे ज्ञान की प्राप्ति की थी।
अपनी आध्यात्मिक अनुगूंज और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध होने के बावजूद अयोध्या अपने आध्यात्मिक आकर्षण से परे मनोरम आकर्षणों की एक श्रृंखला के साथ पर्यटकों को काफी आकर्षित करती है। यहां के घाट,जल निकाय, त्यौहार, उत्सव और उत्साह एक कार्निवल है और जाति पंथ और धर्म की सीमाओं से परे है।
वैशाख मास की पूर्णिमा के दिन बौद्ध धर्म के प्रवर्तक गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था इसलिए गौतम बुद्ध के जन्म के दिन बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। महात्मा बुद्ध के लगभग सभी उपदेश पाली भाषा में थे।
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को 30 जनवरी को मनाया जाता है, जो उनके निधन की तिथि है।महात्मा गांधी जी की हत्या नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को उसे समय की थी जो महात्मा गांधी की प्रार्थना सभा घर में जा रहे थे
30 जनवरी 2024 को महात्मा गांधी की 76वीं पुण्यतिथि मनाई गयी हैं।यह दिन शहीद दिवस का भी प्रतीक है। यह उन सभी शहीदों को याद करने और सम्मान देने का दिन है जिन्होंने अपने देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
महात्मा गाँधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनके पिता का नाम करमचंद्र गांधी था, जो ब्रिटिश राज के समय काठियावाड़ की एक छोटी सी रियासत के दीवान थे।
