बारिश का मौसम था। एक छोटा लड़का रोज़ स्कूल जाते समय कीचड़ भरे रास्ते से गुजरता था। उसके जूते गंदे हो जाते, कपड़ों पर छींटे पड़ जाते और लोग उसका मज़ाक उड़ाते। एक दिन उसने अपने शिक्षक से पूछा, “सर, लोग मुझे देखकर हँसते क्यों हैं?” शिक्षक मुस्कुराए और बोले, “बेटा, बारिश यह नहीं देखती
Author: Archana Dwivedi
बरसात का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही यह हमारी त्वचा के लिए चुनौतीपूर्ण भी साबित हो सकता है। हवा में बढ़ी हुई नमी, पसीना, धूल-मिट्टी और बैक्टीरिया त्वचा पर बुरा प्रभाव डालते हैं। परिणामस्वरूप चेहरा बेजान दिखने लगता है, दाग-धब्बे बढ़ जाते हैं, त्वचा चिपचिपी महसूस होती है और कई लोगों को खुजली, पिंपल्स या फंगल संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बरसात में त्वचा खराब क्यों होती है? वातावरण में अधिक नमी के कारण त्वचा पर बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। पसीना और धूल रोमछिद्र (पोर्स) बंद कर देते हैं। बादल होने के…
बारिश का मौसम जितना सुहावना होता है, उतना ही चुनौतीपूर्ण हमारे बालों के लिए भी होता है। इस मौसम में हवा में नमी बढ़ जाने के कारण बाल चिपचिपे हो जाते हैं, झड़ने लगते हैं, डैंड्रफ की समस्या बढ़ सकती है और स्कैल्प में संक्रमण का खतरा भी रहता है। यदि सही देखभाल की जाए, तो बारिश के मौसम में भी बाल स्वस्थ, मजबूत और चमकदार बने रह सकते हैं। 1. बालों को नियमित रूप से साफ रखें बारिश के मौसम में स्कैल्प पर धूल, पसीना और तेल जल्दी जमा हो जाता है। इसलिए सप्ताह में 2–3 बार हल्के (माइल्ड)…
हाल ही में घोषित BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के परिणामों में श्रद्धा पांडेय ने प्रथम स्थान प्राप्त कर देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिश्रम, सही रणनीति और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। श्रद्धा पांडेय उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से हैं। साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों को छोटा नहीं होने दिया। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी शुरू की और लगातार मेहनत करती रहीं। इससे पहले भी…
“सहकार से समृद्धि, सहयोग से विकास” — यही संदेश लेकर हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस लोगों को सहयोग, एकता और सामूहिक प्रयास की शक्ति का महत्व समझाने के लिए समर्पित है। जब लोग मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज और देश दोनों का विकास तेज़ी से होता है।हर वर्ष जुलाई के पहले शनिवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 5 जुलाई 2026 को यह दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं के योगदान को सम्मान देना और लोगों को सहकारिता के प्रति जागरूक करना है।सहकारी संस्थाएँ किसानों, मजदूरों,…
“सहकार से समृद्धि, सहयोग से विकास” — यही संदेश लेकर हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस लोगों को सहयोग, एकता और सामूहिक प्रयास की शक्ति का महत्व समझाने के लिए समर्पित है। जब लोग मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज और देश दोनों का विकास तेज़ी से होता है।हर वर्ष जुलाई
ग्लोबल फॉरगिवनेस डे प्रत्येक वर्ष 7 जुलाई को मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को क्षमा (Forgiveness) के महत्व को समझाना, आपसी मतभेदों को समाप्त करना तथा प्रेम, शांति और सद्भाव को बढ़ावा देना है।क्षमा करना केवल दूसरे व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि स्वयं के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना जाता है। जब हम किसी की गलती को माफ करते हैं, तो मन का तनाव, क्रोध और कटुता कम होती है तथा रिश्तों में विश्वास और अपनापन बढ़ता है।यह दिवस हमें सिखाता है कि जीवन में छोटी-छोटी बातों को लेकर मन में द्वेष…
“सहकार से समृद्धि, सहयोग से विकास” — यही संदेश लेकर हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस लोगों को सहयोग, एकता और सामूहिक प्रयास की शक्ति का महत्व समझाने के लिए समर्पित है। जब लोग मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज और देश दोनों का विकास तेज़ी से होता है।हर वर्ष जुलाई के पहले शनिवार को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 5 जुलाई 2026 को यह दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं के योगदान को सम्मान देना और लोगों को सहकारिता के प्रति जागरूक करना है।सहकारी संस्थाएँ किसानों, मजदूरों,…
मुगल सम्राट अकबर का दरबार अपनी भव्यता और न्यायप्रियता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध था। उस दरबार में अनेक विद्वान, कवि, मंत्री और सेनापति उपस्थित रहते थे, लेकिन उन सभी में सबसे अधिक सम्मान बीरबल को मिलता था। उनकी बुद्धिमानी, चतुराई और हाजिरजवाबी के कारण अकबर अक्सर कठिन से कठिन प्रश्नों का उत्तर भी उनसे ही पूछते थे। एक दिन अकबर ने दरबार में उपस्थित सभी दरबारियों से प्रश्न किया, “बताइए, संसार का सबसे अनमोल धन क्या है?” यह सुनकर सभी दरबारी अपने-अपने उत्तर देने लगे। किसी ने कहा, “सोना सबसे बड़ा धन है।” दूसरे ने कहा, “हीरे-मोती सबसे…
हर वर्ष 1 जुलाई को भारत में राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस (National Doctors’ Day) मनाया जाता है। यह दिन उन सभी डॉक्टरों के सम्मान में समर्पित है जो दिन-रात लोगों की जान बचाने और उन्हें स्वस्थ जीवन देने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।डॉक्टर केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक हैं। जब कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी, दुर्घटना या किसी अन्य स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा होता है, तब डॉक्टर अपनी पूरी क्षमता और अनुभव से उसे नया जीवन देने का प्रयास करते हैं। यही कारण है कि डॉक्टरों को धरती पर भगवान का दूसरा रूप भी…
