क्रिकेट इतिहास में एक और सुनहरा पल जुड़ गया जब India national cricket team ने दमदार प्रदर्शन करते हुए New Zealand national cricket team को हराकर ICC Cricket World Cup के महत्वपूर्ण मुकाबले में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत ने करोड़ों भारतीयों के दिलों में उत्साह और गर्व की नई लहर पैदा कर दी।इस मुकाबले की खास बात यह रही कि भारत ने विश्व कप के बड़े मंच पर न्यूजीलैंड के खिलाफ करीब 20 साल बाद बड़ी जीत हासिल की। लंबे समय से न्यूजीलैंड आईसीसी टूर्नामेंट में भारत के लिए कठिन प्रतिद्वंद्वी साबित होता रहा था, लेकिन इस बार…
Author: Archana Dwivedi
भारत में कई प्रतियोगी परीक्षाएँ होती हैं, लेकिन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही इसमें सफलता प्राप्त कर पाते हैं। यह परीक्षा केवल ज्ञान की ही नहीं, बल्कि धैर्य, अनुशासन और निरंतर मेहनत की भी परीक्षा होती है। जो विद्यार्थी दृढ़ निश्चय और कठिन परिश्रम के साथ तैयारी करते हैं, वही अंततः अपने सपने को साकार कर पाते हैं। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है अनुज अग्निहोत्री की, जिन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा…
विश्व राजनीति में कई ऐसे विवाद हैं जो वर्षों से चले आ रहे हैं। उनमें से एक महत्वपूर्ण विवाद ईरान और अमेरिका के बीच का है। इन दोनों देशों के संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं। समय-समय पर यह तनाव इतना बढ़ जाता है कि दुनिया को युद्ध की आशंका होने लगती है। इस विवाद के पीछे ऐतिहासिक, राजनीतिक और सामरिक कई कारण हैं।सबसे पहले इसके ऐतिहासिक कारणों को समझना जरूरी है। वर्ष 1979 में ईरानी इस्लामी क्रांति हुई, जिसमें ईरान के राजा की सत्ता समाप्त हो गई और नई इस्लामी सरकार बनी। इसी समय ईरान बंधक संकट भी…
होली खेलने के बाद रंगों की वजह से त्वचा (स्किन) रूखी, बेजान या दाग-धब्बों वाली हो सकती है। इसलिए होली के बाद सही स्किन केयर करना बहुत जरूरी होता है। नीचे एक छोटा-सा आर्टिकल दिया है जिसे आप चाहें तो पोस्ट या नोट्स में भी इस्तेमाल कर सकती हैं। होली के बाद स्किन केयर कैसे करें? होली रंगों और खुशियों का त्योहार है, लेकिन कई बार केमिकल रंग त्वचा को नुकसान पहुँचा देते हैं। इसलिए होली खेलने के बाद त्वचा की सही देखभाल करना बहुत जरूरी है ताकि त्वचा साफ, मुलायम और हेल्दी बनी रहे। 1. हल्के गुनगुने पानी से…
अक्सर हमें कुछ चटपटा खाने की क्रेविंग होती है, लेकिन बनाने में मौत आती है… क्योंकि, इसमें समय और मेहनत लगता है. लेकिन क्या आपने कभी बचे हुए उबले आलू से स्वादिष्ट स्नैक्स बनाने के बारे में सोचा है? अगर नहीं, तो अब समय आ गया है कि आप शेफ की टोपी पहनें और उबले आलू से कुछ मजेदार रेसिपी बनाएं। जी हां, आज हम आपको कुछ ऐसी हेल्दी और क्विक स्नैक्स के बारे में बताएं जो केवल 5 मिनट में बन जाएगी. तो चलिए जानते हैं इन स्नैक्स के बारे में… आलू चाट आलू चाट एक चटपटा और मसालेदार…
चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी अपने आसपास की छाया को चंद्रमा पर डालती है। यह तभी हो सकता है जब चंद्रमा पूर्णिमा (Full Moon) की स्थिति में हो तथा सूर्य–पृथ्वी–चंद्रमा सीधी रेखा में हों। इसका मतलब: पृथ्वी सूरज और चंद्रमा के बीच आ जाती है, और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ने से ग्रहण दिखाई देता है। चंद्र ग्रहण के प्रकार पूर्ण चंद्र ग्रहण – चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आता है। आंशिक चंद्र ग्रहण – चंद्रमा का कुछ हिस्सा छाया में होता है। उपच्छाया चंद्र ग्रहण – चंद्रमा की हल्की छाया से गुजरता है 敖…
हिंदू धर्म में होली का त्योहार केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि उससे एक दिन पहले मनाया जाने वाला होलिका दहन अत्यंत धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। यह पर्व हमें सिखाता है कि चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, सत्य और भक्ति की हमेशा विजय होती है। 💫होलिका दहन 2026 कब है? साल 2026 में होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाएगा। होलिका दहन: 3 मार्च 2026, मंगलवार (शाम के समय) रंगों की होली: 4 मार्च 2026होलिका दहन हमेशा पूर्णिमा की रात को भद्रा काल समाप्त होने के बाद किया जाता है, क्योंकि भद्रा में यह…
साल 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा के दिन ही चंद्रग्रहण पड़ रहा है। आईए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से पूर्णिमा कब है? फाल्गुन पूर्णिमा: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)इसी दिन होलिका दहन होता है।यह दिन ही चंद्रग्रहण का भी है। 3 मार्च 2026 (मंगलवार)यह पूर्ण चंद्रग्रहण माना जा रहा है।सटीक समय स्थान के अनुसार थोड़ा बदल सकता है, लेकिन शाम/रात में ग्रहण रहेगा।(आप लखनऊ में हैं, इसलिए स्थानीय समय पंचांग या आधिकारिक खगोलीय सूचना से देख लेना बेहतर रहेगा।) ग्रहण और पूर्णिमा का संबंध चंद्रग्रहण कब है? जब भी पूर्णिमा के दिन पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ…
तेनालीराम की चतुराई की कहानियाँ आज भी बच्चों और बड़ों को खूब पसंद आती हैं। यह उनकी सबसे प्रसिद्ध और मज़ेदार कहानियों में से एक है। कहानी शुरू होती है… एक बार कृष्णदेवराय की माता जी बीमार थीं। अंतिम समय में उन्होंने आम खाने की इच्छा जताई। लेकिन वह आम का मौसम नहीं था, इसलिए आम मिल नहीं पाए। कुछ ही समय बाद उनका देहांत हो गया।राजा बहुत दुखी थे। दरबार के कुछ लालची पंडितों ने राजा से कहा—w“महाराज, आपकी माता की आत्मा की शांति के लिए 108 सोने के आम दान कीजिए।”62w6राजा ने बिना सोचे-समझे सोने के 108 आम…
आमलकी एकादशी (जिसे आंवला एकादशी भी कहा जाता है) फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस दिन आंवले के वृक्ष और भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।यह व्रत विशेष रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है और आंवला वृक्ष में उनका वास माना जाता है। आमलकी एकादशी व्रत कथा प्राचीन समय में वैदिशा नामक नगर में चैत्ररथ नाम का एक धर्मात्मा राजा राज्य करता था। वह भगवान विष्णु का परम भक्त था।…
