एक छोटे से गाँव में राहुल नाम का लड़का रहता था। बचपन से ही वह पढ़ाई में कमजोर था।
जब भी क्लास में सवाल पूछा जाता, वह चुप खड़ा रहता। टीचर उसे डांटते —
“तुमसे कुछ नहीं होगा।”
धीरे-धीरे ये बात उसके दिल में बैठ गई। वह खुद को सच में कमजोर समझने लगा।
लेकिन एक दिन उसकी माँ ने उससे कहा —
“बेटा, अगर सब लोग तुझे नालायक कहते हैं, तो तू उन्हें गलत साबित कर।”
ये बात उसके दिल को छू गई।
अगले दिन से राहुल ने अपनी जिंदगी बदलने का फैसला किया।
वह सुबह 4 बजे उठने लगा। रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ने लगा।
पहले उसे कुछ समझ नहीं आता था, लेकिन उसने हार नहीं मानी।
कई बार वह रोता, frustrated होता… लेकिन फिर खुद को संभालता।
धीरे-धीरे concepts clear होने लगे।
जब बोर्ड exam आया, तो उसने अपनी पूरी ताकत लगा दी।
और जब result आया… तो पूरा गाँव चौंक गया।
राहुल ने टॉप किया था।
जो लोग उसे “नालायक” कहते थे, वही लोग अब अपने बच्चों को उससे पढ़ने भेजने लगे।
सीख
दुनिया तुम्हें क्या कहती है, ये तुम्हारी पहचान नहीं है।
तुम खुद क्या बनते हो — वही असली पहचान है।

