इन दिनों दुनिया भर में एक नाम बार-बार गूंज रहा है—एप्सटीन फाइल। वजह साफ है: इसमें सिर्फ एक अपराधी की कहानी नहीं, बल्कि ताक़त, पैसा और चुप्पी के खतरनाक गठजोड़ की झलक दिखती है। जेफ़्री एप्सटीन— एक ऐसा अमीर अमेरिकी शख़्स, जिस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स-ट्रैफिकिंग जैसे जघन्य आरोप लगे। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता। असली हलचल तब मची, जब कोर्ट से जुड़े दस्तावेज़ों में दुनिया के बड़े-बड़े नामों का ज़िक्र सामने आया।राजनेता, उद्योगपति, हॉलीवुड सितारे—नाम ऐसे जिनसे समाज प्रेरणा लेने की उम्मीद करता है। यहीं से सवाल उठता है: क्या ये सभी दोषी हैं?…
Author: Archana Dwivedi
केंद्रीय बजट 2026 में मोदी सरकार ने रेलवे को लेकर एक बड़ा और दूरगामी ऐलान किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए देशभर में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की। सरकार का कहना है कि ये कॉरिडोर भारत की यातायात व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आर्थिक विकास को भी नई गति देंगे। इन हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का उद्देश्य प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और आर्थिक हब को तेज़, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन सुविधा से जोड़ना है। सरकार ने इन्हें “ग्रोथ कॉरिडोर” बताया है, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों में व्यापार,…
केंद्र सरकार ने आम लोगों और पर्यावरण — दोनों को राहत देने वाला एक अहम फैसला लिया है। केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने बायो-मिक्स CNG को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए इस पर कर राहत देने की घोषणा की है। इस फैसले को स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। क्या है बायो-मिक्स CNG? बायो-मिक्स CNG दरअसल पारंपरिक CNG और बायोगैस (Compressed Bio Gas – CBG) का मिश्रण होता है। बायोगैस गोबर, कृषि अपशिष्ट और जैविक कचरे से तैयार की जाती है, जिससे यह ईंधन पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल बन…
केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने टैक्स नियमों को और सख्त करने का संकेत दिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के पार्ट-B में एक नए फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत आय की गलत रिपोर्टिंग करने पर टैक्स की राशि के बराबर 100% पेनल्टी लगाई जाएगी।हालांकि राहत की बात यह है कि अगर करदाता स्वेच्छा से अपनी गलती स्वीकार कर लेते हैं, तो उन्हें मुकदमे से छूट मिल सकती है। लेकिन ऐसे मामलों में टैक्स और ब्याज के अलावा अतिरिक्त टैक्स के रूप में पूरी राशि की पेनल्टी देनी होगी।सरकार का कहना है कि इस कदम का…
देश में तेजी से बढ़ रही कैंसर, डायबिटीज और ऑटो-इम्यून बीमारियों को देखते हुए सरकार ने बजट 2026-27 में बायोफार्म सेक्टर को बड़ी राहत दी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में ‘बायोफार्म शक्ति’ नामक एक नई पहल की घोषणा की है।इस योजना के तहत अगले 5 वर्षों में ₹10,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य भारत को ग्लोबल बायोफार्म हब के रूप में विकसित करना है। इस निवेश से बायोलॉजिक्स, नई थैरेपी और रिसर्च-मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा।विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ दवाओं की घरेलू उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि भारत की वैश्विक फार्मा…
ग्रामीण विकास मंत्रालय को ₹2,73,108 करोड़, जबकि कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए ₹1,62,671 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
गृह मंत्रालय को ₹2,55,234 करोड़ और स्वास्थ्य मंत्रालय
भाषणों की लंबाई को लेकर भी दिलचस्प रिकॉर्ड बने हैं। अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2020 में दिया था, जिसकी अवधि लगभग 162 मिनट रही। समय के
ज़रूर। नीचे दिए गए आर्टिकल को सरल, साफ़ और न्यूज़-स्टाइल में पूरी तरह रिवाइट किया गया है — ताकि यह पढ़ने में ज़्यादा असरदार और समझने में आसान लगे बजट 2026: 75 साल पुरानी परंपरा टूटने के संकेत, ‘पार्ट-बी’ में दिखेगा भारत के आर्थिक भविष्य का रोडमैपकेंद्रीय बजट 2026 को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव सामने आ सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार बजट प्रस्तुति की 75 साल पुरानी परंपरा को तोड़ने की तैयारी में हैं। सूत्रों के अनुसार, बजट भाषण के ‘पार्ट-बी’ में अब केवल टैक्स से जुड़ी घोषणाएं नहीं होंगी, बल्कि इसमें भारत के आर्थिक…
युद्ध में विजय प्राप्त करने के बाद राजा कृष्णदेव राय ने भव्य विजय उत्सव का आयोजन किया। उत्सव के समापन पर राजा ने दरबार में उपस्थित सभी लोगों से कहा—“यह विजय केवल मेरी नहीं है, बल्कि मेरे सभी साथियों और सहयोगियों की सामूहिक जीत है। इसलिए मैं चाहता हूँ कि मेरे मंत्रिमंडल के सभी सदस्य इस अवसर पर पुरस्कार प्राप्त करें। आप सभी अपनी-अपनी पसंद का पुरस्कार चुन सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि हर व्यक्ति को अलग-अलग वस्तु लेनी होगी। एक ही पुरस्कार दो लोगों को नहीं मिलेगा।”यह कहकर राजा ने उस मंडप का परदा हटवाया, जहाँ अनेक…
देशभर में यूजीसी नेट पर बना नया कानून एक बड़ा मुद्दा बन गया है।भारत में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भेदभाव रोकने के लिए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन या यूजीसी ने 13 जनवरी 2026 को नए नियम जारी किए. ये नियम इसी विषय पर 2012 में लागू किए गए नियमों की जगह जारी किए गए हैं. जहां 2012 के नियमों में ‘भेदभाव’ की बात की गई थी वहीं 2026 में लाए गए संशोधित नियमों में भेदभाव की परिभाषा में ‘जाति‑आधारित भेदभाव’ को जोड़ा गया है। नए नियमों के मुताबिक़ “जाति-आधारित भेदभाव” का मतलब सिर्फ़ जाति या जनजाति के आधार पर अनुसूचित जाति,…
