राष्ट्रीय एकता दिवस का मतलब राष्ट्रीय एकता दिवस का अर्थ है — देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने का संकल्प लेना।इस दिन हम याद करते हैं कि भारत विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं वाला देश होते हुए भी “एक भारत” है। राष्ट्रीय एकता दिवस यह दिवस हर वर्ष 31 अक्टूबर को मनाया जाता है।इस दिन भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म हुआ था (31 अक्टूबर 1875)।उनके योगदान से ही 562 रियासतों को भारत संघ में जोड़ा गया। सरदार पटेल को कहा जाता था लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जो कि देश…
Author: Archana Dwivedi
देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। यह दिन भगवान विष्णु के चार महीने के योगनिद्रा से जागने का प्रतीक है। चार महीने पहले देवशयनी एकादशी (आषाढ़ शुक्ल एकादशी) के दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं, और इन चार महीनों के दौरान सभी शुभ विवाह, संस्कार और मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं।जब भगवान विष्णु देवउठनी एकादशी के दिन जागते हैं, तो पुनः शुभ कार्यों की शुरुआत मानी जाती है। देवउठनी एकादशी की कथा एक समय की बात है—सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु…
लंबे, घने और चमकदार बाल हर महिला की चाहत होते हैं। बालों की सही देखभाल और उचित पोषण से यह सपना पूरा किया जा सकता है। आज हम बात करेंगे नारियल तेल में मिलाने वाली कुछ प्राकृतिक चीज़ों के बारे में, जो बालों की जड़ों को मज़बूत बनाकर उनकी ग्रोथ को तेज़ करती हैं। नारियल तेल में मौजूद विटामिन E, फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट बालों की नमी बनाए रखते हैं। जब इस तेल में कुछ विशेष घरेलू तत्व मिलाए जाएं, तो इसका असर कई गुना बढ़ जाता है। यह नुस्खा सरल है, परंतु सही ढंग से अपनाने पर बेहद प्रभावशाली…
सर्द हवाओं के इस मौसम में जहाँ एक ओर ठंडक सुकून देती है, वहीं ज़रा-सी लापरवाही से सर्दी-जुकाम, खांसी या बुखार जैसी परेशानियाँ भी बढ़ जाती हैं। इसलिए इस मौसम में अपना ख़याल रखना बहुत ज़रूरी है। 1️⃣ गर्म कपड़े पहनें – बाहर निकलते समय हमेशा स्वेटर, मफलर, टोपी और मोज़े पहनें। खासकर सुबह और शाम के समय शरीर को ठंड लगने से बचाएँ। 2️⃣ गुनगुना पानी पिएँ – ठंड में लोग अक्सर पानी कम पीते हैं, जिससे शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है। कोशिश करें कि दिन में 6–8 गिलास गुनगुना पानी ज़रूर पिएँ। 3️⃣ संतुलित भोजन करें – इस…
छठ पूजा ही एकमात्र ऐसा त्योहार है जिसमें डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। सदियों से ऐसी मान्यता है कि इस व्रत का पालन न करने पर बड़ी से बड़ी विपदा आ सकती है व इस व्रत को रखने वाली की इच्छा सदैव सूर्य भगवान पूरी करते हैं। छठ पूजा के इतिहास की ओर दृष्टि डालें तो इसका प्रारम्भ महाभारत काल में कुंती द्वारा सूर्य की आराधना व पुत्र कर्ण के जन्म के समय से माना जाता है। वाल्मीकि रामायण में ऋषि अगस्त्य द्वारा आदित्य हृदय स्तोत्र के रूप में सूर्यदेव का जो वंदन और स्तवन किया गया है,…
भारत त्योहारों की भूमि है, जहाँ हर पर्व में संस्कृति, आस्था और प्रकृति के प्रति सम्मान झलकता है। इन्हीं में से एक सबसे पवित्र और कठोर पर्व है छठ पूजा, जिसे सूर्य उपासना और छठी मैया की आराधना के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। छठ पूजा कब और क्यों मनाई जाती है छठ पूजा हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है। “छठ” का अर्थ है छठवां दिन। यह…
पेट की चर्बी (Belly Fat) कम करना सिर्फ दिखावे के लिए नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत जरूरी है। पेट की चर्बी बढ़ने से शुगर, हार्ट डिज़ीज़, और थायरॉइड जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।आइए जानते हैं – इसका महत्व, घरेलू उपाय, और योगासन पेट की चर्बी कम करने का महत्व 1. स्वास्थ्य बेहतर रहता है: शरीर में इंसुलिन का स्तर संतुलित रहता है। 2. पाचन तंत्र मजबूत होता है: गैस, कब्ज, और एसिडिटी की समस्या कम होती है। 3. ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है: शरीर हल्का और फुर्तीला महसूस करता है। 4. दिल की बीमारियों से सुरक्षा:…
एक गाँव में एक बहुत ही बुद्धिमान बुज़ुर्ग व्यक्ति रहते थे। उनके घर के सामने एक बहुत पुराना बरगद का पेड़ था — विशाल, घना और गहराई तक धरती में फैला हुआ। एक दिन गाँव के कुछ लड़के उस पेड़ के नीचे खेल रहे थे। तभी तेज़ आँधी और बारिश शुरू हो गई। चारों ओर पेड़ गिरने लगे, झोपड़ियाँ उड़ गईं, पर वह बरगद का पेड़ ज़रा भी नहीं हिला। जब बारिश थमी, तो एक लड़के ने आश्चर्य से पूछा —“बाबा, ये पेड़ इतने तूफ़ान में भी कैसे नहीं गिरा?” बाबा मुस्कुराए और बोले —“बेटा, इस पेड़ की शाखाएँ ऊपर…
बहुत समय पहले की बात है। यमराज, मृत्यु के देवता, धरती पर आए और अपनी बहन यमुनाजी के घर पहुँचे। यमुनाजी को अपने भाई की प्रतीक्षा थी। उसने साफ-सफाई की, घर को सजाया और विशेष पकवान बनाए। भाई यमराज वहाँ पहुँचते ही आश्चर्यचकित हो गए। यमुनाजी ने भाई का स्वागत बहुत प्यार से किया, उनके पैर छुए और उन्हें बैठाया। उसने उन्हें सर्वश्रेष्ठ भोजन परोसा और मिठाइयाँ दीं। यमराज को देखकर सभी देवता भी खुश हुए, लेकिन यमराज ने अपने बहन से कहा: > “बहन, तुम्हारा यह प्रेम और सत्कार देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। मैं वचन देता हूँ कि…
दिवाली के दूसरे दिन मनाया जाने वाला परेवा पर्व भारतीय परंपरा में विशेष स्थान रखता है। यह पर्व गोवर्धन पूजा के अगले दिन आता है और इसे कई स्थानों पर अन्नकूट या यम द्वितीया के पहले वाला दिन भी कहा जाता है। इस दिन का संबंध संपत्ति की स्थिरता, शांति और सौभाग्य से जुड़ा है। धन खर्च न करने की परंपरा लोकमान्यता के अनुसार, परेवा के दिन पैसा खर्च नहीं किया जाता। ऐसा माना जाता है कि इस दिन लक्ष्मी जी घर में विराजमान होती हैं, इसलिए धन को स्थिर रखना शुभ होता है। अगर इस दिन अनावश्यक खर्च किया…
