वचा (Skin) में एलर्जी (Allergy) होना आजकल बहुत आम है। यह कई कारणों से हो सकती है — जैसे गलत कॉस्मेटिक, धूल-मिट्टी, मौसम बदलना, किसी खाने की चीज़ से एलर्जी या कीड़े-मकोड़ों के काटने से।आइए इसे विस्तार से समझते हैं त्वचा में एलर्जी क्यों होती है: 1. धूल-मिट्टी या पराग कण (Dust & Pollen) से 2. रासायनिक उत्पाद (Cosmetics, Detergents, Perfumes) से 3. खाने की चीज़ें जैसे मूंगफली, अंडा, दूध या समुद्री भोजन से 4. कीड़े के काटने या पसीना जमने से 5. मौसम बदलने पर त्वचा का सूखना या संक्रमण 6. कपड़ों या धातु (Metal) से एलर्जी (जैसे…
Author: Archana Dwivedi
भारतवर्ष में अनेक ऋषि-मुनियों ने अपने ज्ञान, तपस्या और लेखनी से समाज को दिशा दी है। उन्हीं में से एक महान ऋषि थे महर्षि वाल्मीकि — जिन्हें आदिकवि यानी भारत का पहला कवि कहा जाता है। उनके द्वारा रचित “रामायण” केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का आदर्श मार्गदर्शक है। वाल्मीकि जी कौन थे? महर्षि वाल्मीकि का मूल नाम रत्नाकर था। वे प्रारंभ में एक वनवासी (भिल या निषाद) समुदाय से थे और जीवनयापन के लिए डकैती किया करते थे। किंतु एक दिन उन्हें महान ऋषि नारद मुनि से भेंट हुई। नारद जी ने रत्नाकर को यह समझाया कि…
आज देशभर में शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है और इस दिन मां लक्ष्मी और चंद्र देव की पूजा करने का विधान है। शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं के साथ पूर्ण रहता है और पृथ्वी पर अपनी किरणों से अमृत वर्षा करता है। चंद्रमा की ये 16 कलाएं, उसके पूर्ण रूप को दर्शाते हैं और यह कलाएं चंद्रमा की शक्तियां और सौंदर्य का प्रतीक भी हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि शरद पूर्णिमा के दिन समुद्र मंथन के दौरान माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं इसलिए इस दिन को लक्ष्मी माता के जन्मदिवस के रूप में भी…
अक्सर हमारी स्किन पर कई बार क्रीम लगाने से बेजान और रूखी प्रतीत होती है क्योंकि ज्यादा क्रीम लगाने से हमारी स्किन पर उसकी परत जम जाती है और स्क्रीन के पोर्स बंद हो जाते हैं जिसकी वजह से चमक चली जाती है। आज इस लेख में हम स्क्रीन के डेड होने का कारण व पुनः उसको चमकदार बनाने के उपाय बताएंगे। आईये जानते हैं कि क्यों हमारी स्किन बेजान और रुकी लगने लगती है- अंदरूनी कारण: शरीर में टॉक्सिन्स (विषैले तत्व) बढ़ जाना पानी कम पीना नींद पूरी न लेना कब्ज या पेट साफ न रहना जंक फूड, तली…
हर कोई चाहता है कि उनका चेहरा साफ, चमकदार और ग्लोइंग नजर आए। खासकर जब बात आती है कोरियन स्किन केयर करने की, तो हर किसी का मन करता है कि उनकी त्वचा शीशे जैसी ग्लो करती हुई नजर आए। अगर आप भी कोरियन ब्यूटी सीक्रेट्स अपनाना चाहते हैं, तो आज हम आपके लिए एक आसान और घरेलू फेशियल लेकर आए हैं। इसमें आपको सिर्फ दो चीजें चाहिए जैसे एलोवेरा जेल और चावल का आटा। यह फेशियल आपकी त्वचा को गहराई से साफ करेगा, डेड स्किन हटाएगा और देगा एक नेचुरल ग्लो। तो चलिए जानते हैं इसे करने का तरीका…
अक्सर लोग सोचते हैं कि गर्मियों में तो स्किन ऑयली होनी चाहिए, लेकिन कई बार गर्मियों के मौसम में स्किन ड्राई और फटी सी लगने लगती है। इसके पीछे कुछ खास कारण होते हैं। गर्मियों में स्किन ड्राई और फटने जैसी क्यों हो जाती है? 1. बार-बार पसीना आने से पसीना निकलने पर लोग बार-बार चेहरा और शरीर धोते हैं। इससे स्किन के नैचुरल ऑयल (जो नमी बनाए रखते हैं) निकल जाते हैं। 2. धूप और तेज गर्म हवा UV rays और गर्म हवा स्किन की नमी सोख लेती हैं। इससे स्किन खिंची-खिंची और फटी सी लगने लगती है। 3.…
नवरात्रि की नवमी तिथि को माँ दुर्गा का नवां रूप – सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इन्हें सिद्धियों की दात्री कहा गया है। सभी देवी–देवता, योगी, साधक आदि इनकी कृपा से आठों प्रकार की सिद्धियाँ (अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व) प्राप्त करते हैं। देवी का प्रिय रंग नवमी के दिन का शुभ रंग है बैंगनी (Purple/Violet)। यह रंग आध्यात्मिक शक्ति, भक्ति और शांति का प्रतीक है। देवी को प्रिय भाव माता सिद्धिदात्री भक्ति, विनम्रता और सरलता के भाव से अति शीघ्र प्रसन्न होती हैं। साधक यदि निस्वार्थ भाव से माँ की आराधना करे तो उन्हें…
महागौरी का स्वरूप नवरात्रि के आठवें दिन माँ दुर्गा का महागौरी स्वरूप पूजित होता है।”गौरी” का अर्थ है गोरी, उज्ज्वल और पवित्र। माता महागौरी का वर्ण चंद्रमा की भाँति श्वेत है। उनका रूप शांत, सौम्य और करुणामयी है।वे अपने चार भुजाओं में त्रिशूल, डमरू और वरमुद्रा धारण करती हैं तथा एक हाथ से अभय देती हैं। उनका वाहन सफ़ेद बैल (वृषभ) है। माता महागौरी की प्रिय वस्तुएँ और रंग प्रिय रंग : सफेद एवं हरे रंग को अत्यधिक प्रिय मानते हैं। अतः अष्टमी तिथि पर इन रंगों के वस्त्र पहनना और माता को अर्पित करना शुभ माना जाता है। प्रिय…
नवरात्रि के सातवें दिन माँ दुर्गा के कालरात्रि स्वरूप की पूजा की जाती है। माँ कालरात्रि का रूप देखने में जितना भयावह है, उतना ही वे अपने भक्तों के लिए मंगलकारी और कल्याणकारी मानी जाती हैं। इसी कारण उन्हें शुभंकरी भी कहा जाता है। उनका स्मरण मात्र ही सभी पाप, दुख और भय का नाश कर देता है।माँ कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत अद्भुत है। उनका पूरा शरीर काले रंग का है, केश बिखरे हुए हैं और गले में चमकती माला शोभा देती है। वे चार भुजाओं वाली हैं—दाहिने हाथ में अभय और वरमुद्रा तथा बाएँ हाथ में वज्र और तलवार…
माता कात्यायनी, नवदुर्गा का छठा रूप हैं। नवरात्रि के छठे दिन इनकी पूजा की जाती है। देवी कात्यायनी को महिषासुरमर्दिनी भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने महिषासुर नामक असुर का वध कर देवताओं को अत्याचार से मुक्त कराया। इन्हें शक्ति और वीरता की देवी माना जाता है। माता कात्यायनी का जन्म पुराणों के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी आदिशक्ति की कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर माँ ने उनके घर पुत्री रूप में जन्म लिया। चूँकि इनका जन्म ऋषि कात्यायन के घर हुआ, इसलिए इन्हें कात्यायनी कहा गया। माता कात्यायनी का स्वरूप माता कात्यायनी चार भुजाओं वाली…
