Author: Archana Dwivedi

I’m Archana Dwivedi - a dedicated educator and founder of an educational institute. With a passion for teaching and learning, I strive to provide quality education and a nurturing environment that empowers students to achieve their full potential.

एक बार जब राजा कृष्णदेवराय जेल का सर्वेक्षण करने के लिए गए, तो वहाँ पर बंदी बनाए गए दो चोरों ने राजा से दया करने की सिफारिश की । उन्होंने बताया कि वो दोनों चोरी करने में माहिर थे, इसलिए वे दोनों अन्य चोरों को पकड़ने में राजा की मदद कर सकते हैं।

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पीएम नरेंद्र मोदी को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला। इससे पहले भूटान ने भी उन्हें हाईएस्ट सिविलियन अवॉर्ड दिया था वैसे भारत भी कई विदेशियों को सर्वोच्च सम्मान दे चुका, जिसमें एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है. हाईएस्ट सिविलियन अवॉर्ड आमतौर पर कला, साहित्य, विज्ञान और सेना से जुड़े लोगों को मिलता है, लेकिन राजनेताओं को भी ये मिलता रहा। मोदी को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया लेकिन सोचने की बात है कि रूस का सिविलियन अवॉर्ड किसी फॉरेन लीडर को क्यों मिला क्या भारत के पास भी ऐसा कोई अवॉर्ड है। प्रधानमंत्री नरेंद्र…

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आजकल लोग अच्छी सेहत की अहमियत को समझने लगे हैं और इसलिए, जिम में पसीना बहाकर मोटापे को कम करने और फिट रहने की कोशिश करते हैं। लेकिन, गर्मी और उमस के बीच, कई बार जिम जाने का मन नहीं करता है। इसका असर हमारे फिटनेस रूटीन पर पड़ता है। अगर आप भी बिजी शिड्यूल या उमस के चलते, जिम नहीं जा पा रही हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको अपनी फिटनेस से समझौता करना होगा।

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अकबर बीरबल की कहानी और किस बहुत प्रसिद्ध है बीरबल और अकबर की कहानी लोगों को बेहद पसंद आती है क्योंकि उसमें आपको मजे के साथ-साथ उसे सीखने को भी मिलता है ।एक ऐसी ही कहानी आज हम आपके लिए लेकर आए हैं जिसमें बीरबल ने पुनः एक बार अपने बुद्धिमानी का परिचय दिया । आज की हमारी कहानी का शीर्षक है पैसे की थैली।  आईए  जानते हैं कि क्या है आज की कहानी पैसे की थैली दरबार लगा हुआ था। बादशाह अकबर राज-काज देख रहे थे। तभी दरबान ने सूचना दी कि दो व्यक्ति अपने झगड़े का निपटारा करवाने…

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एक बार की बात है विजयनगर साम्राज्य में विद्युलता नाम की एक अहंकारी महिला रहती थी . उसे अपनी उपलब्धियों पर बहुत गर्व था और वह हमेशा अपनी बुद्धिमत्ता का प्रदर्शन करना पसंद करती थी. एक दिन उसने अपने घर के बाहर एक बोर्ड लगा दिया

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जानकारी के मुताबिक,  संत भोले बाबा मूल रूप से कांशीराम नगर (कासगंज) में पटियाली गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि पहले वह उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए थे, लेकिन 18 साल की नौकरी के बाद वीआरएस ले लिया

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अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर, 1931 को तमिलनाडु के एक गाँव धनुषकोडी में हुआ था। इनके पिता, मछुआरों को किराए पर नाव देते थे। कलाम ने अपनी पढ़ाई के लिए धन की पूर्ति हेतु अखबार बेचने का कार्य भी किया। डॉ. कलाम ने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना किया। उनका जीवन सदा संघर्षशील रहने वाले एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जिसने कभी हार नहीं मानी तथा देशहित में अपना सर्वस्व न्योछावर करते हुए, सदा उत्कृष्टता के पथ पर चलते रहे। 71 वर्ष की आयु में भी वे अथक परिश्रम करते हुए भारत को सुपर पावर बनाने की…

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1 जुलाई से देश में कई नियमों में बदलाव होने वाला है। इसमें नए नियम क्रेडिट कार्ड, मोबाइल सिम और बैंक से जुड़े नियम है। यह आपकी जेब पर सीधा असर डालने वाला है।इसके साथ कानून से जुड़े नियम भी बदलने वाले हैं।

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प्राचीन समय में विद्यार्थी गुरुकुल में रहकर ही पढ़ा करते थे। बच्चे को शिक्षा ग्रहण करने के लिए गुरुकुल में भेजा जाता था। बच्चे गुरुकुल में गुरु के सानिध्य में आश्रम की देखभाल किया करते थे और अध्ययन भी किया करते थे।

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