हर साल 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr.B.R.Ambedkar) की जयंती के मौके पर अंबेडकर दिवस मनाया जाता है।
इस साल 14 April 2024 को बाबा साहेब की 133वीं जयंती मनाई जा रही है।
Author: Archana Dwivedi
नवरात्रि के छठे दिन मां का कात्यायनी की पूजा करने के लिए के लिए सुबह नहाने के बाद साफ वस्त्र धारण कर पूजा का संकल्प लेना चाहिए।मां कात्यायनी को पीला रंग प्रिय है इसलिए पूजा के लिए पीले रंग का वस्त्र धारण करना शुभ होता है।
नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है। मां दुर्गा का पांचवा रूप स्कंदमाता कहलाता है। प्रेम और ममता की मूर्ति स्कंदमाता की पूजा करने से संतान प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होता है और मां आपके बच्चों को दीर्घायु प्रदान करती हैं। भगवती पुराण में स्कंदमाता को लेकर ऐसा कहा गया है कि नवरात्र के पांचवें दिन स्कंद माता की पूजा करने से ज्ञान और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। मां ज्ञान, इच्छाशक्ति, और कर्म का मिश्रण हैं। जब शिव तत्व का शक्ति के साथ मिलन होता है तो स्कंद यानी कि कार्तिकेय का जन्म होता है। आइए जानते…
नवरात्रि के चौथे दिन देवी मां के कुष्मांडा स्वरूप की पूजा की जाती है। नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। मां भगवती के स्वरूप माता कुष्मांडा के अवतार की पूजा करना शुभदायक माना जाता है। माता का यह रूप अत्यंत परम शांतिदायक और कल्याणकारी माना जाता
नवरात्रि के तीसरे दिन देवी के मां चंद्रघंटा स्वरूप की पूजा की जाती है। नवरात्र के नवरात्रि की शुरुआत 9 अप्रैल से हुई थी। नवरात्रि का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। नवरात्रि की तीसरे दिन मां भगवती के स्वरूप माता चंद्रघंटा का अवतार परम शांतिदायक और कल्याणकारी है।
INCB यानी अंतर्राष्ट्रीय नारकोटिक्स कंट्रोल बोर्ड । (International Narcotics Control Board ) एक स्वतंत्र संधि निकाय है, जो अंतरराष्ट्रीय ड्रग नियंत्रण कानून के तहत चार संधि अनिवार्य निकायों में से एक है।
इस बोर्ड में भारतीय जगजीत पवाडिया एक ऐसी महिला है जिन्हें तीसरी बार इसका सदस्य चुना गया है। वैश्विक स्तर पर जिस प्रकार से भारत वर्चस्व बढ़ रहा है उसके तहत आईएनसीबी समेत संयुक्त राष्ट्र के कई प्रमुख निकायों में भारत का चयन किया गया है।
आज यानी 10 अप्रैल को नवरात्रि का दूसरा दिन है। वहीं इस दिन ब्रह्मचारिणी की पूजा- अर्चना की जाती है। चैत्र नवरात्रि 9 अप्रैल से शुरू हो गए हैं ब्रह्मचारिणी का तात्पर्य है -‘ब्रह्म’ का अर्थ तपस्या है और ‘चारिणी’ का अर्थ आचरण करने वाली यानी तप का आचरण करने वाली देवी।
नवरात्रि की प्रतिदिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन सबसे पहले कलश स्थापना करके माता का आवाहन किया जाता है उसके पश्चात पूजा अर्चना आदि किया जाता है। शैल का अर्थ है हिमालय और पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है।
परिषदीय विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में कुछ बदलाव लागू होने जा रहा है। सूचना के मुताबिक NEP(National Education Policy) 2020 के तहत अब कक्षा एक एवं दो में एनसीईआरटी किताबों में बदलाव लाया जाएगा
इस वर्ष की पहली सोमवती अमावस्या 8 अप्रैल 2024 को मनाई जा रही है। सोमवती अमावस्या पर मुख्य रूप से माता पार्वती और भोलेनाथ की पूजा की जाती है।
