गोवर्धन पूजा का दूसरा नाम अन्नकूट पूजा भी है. इस दिन भगवान कृष्ण और गिरिराज पर्वत की पूजा की जाती है. पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर मनाया जाता है. इस बार गोवर्धन पूजा आज यानी 2 नवंबर 2024 को मनाई जा रही है. पांच दिवसीय दीपोत्सव पर्व का यह चौथा दिन होता है गोवर्धन पूजा के दिन गोवर्धन महाराज की प्रतिमा बनाकर उनकी परिक्रमा की जाती है. इस दिन पूजा के दौरान गोवर्धन कथा का पाठ करना बेहद जरूरी होता माना गया है. ऐसा माना जाता है कि इस…
Author: Archana Dwivedi
दीपावली हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह त्योहार पांच दिनों तक मनाया जाता है, जिसमें विभिन्न पूजाएं, अनुष्ठान और उत्सव होते हैं। दीपावली की पौराणिक कथा दीपावली की कहानी भगवान राम की विजय से जुड़ी हुई है। जब भगवान राम ने रावण को पराजित किया और अपनी पत्नी सीता को बचाया, तो उनके स्वागत के लिए अयोध्यावासियों ने दीये जलाए। यह घटना दीपावली के रूप में मनाई जाती है। कृष्ण लीला की कथा भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस को पराजित किया और उसकी मृत्यु के बाद उसकी पत्नी…
दीपावली हिंदुओं का प्रमुख पर्व है । यह सनातन धर्म से मनाया जा रहा है। आज 30 अक्टूबर 2024 को नरक चतुर्दशी है यानी इस छोटी दीपावली के नाम से भी जाना जाता है। आप सभी छोटी दिवाली तो जरूर मनाते होंगे परंतु इसके पीछे का कारण कुछ ही लोग जानते होंगे । आज इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि हम छोटी दीपावली
एकादशी तिथि की शुरुआत 27 अक्टूबर यानी कल सुबह 5 बजकर 23 मिनट पर हो चुकी है और समापन 28 अक्टूबर यानी आज सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर होगा। रमा एकादशी का पारण 29 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 31 मिनट से लेकर 8 बजकर 44 मिनट तक रहेगा।
रोजमर्रा की जीवन में बदलते खान-पान और अनियमित खान – पान से बालों पर बुरा असर पड़ता है। यह खान पान न केवल बालों को हानि पहुंचाता है बल्कि यह हमारे शरीर को भी बीमार कर देता है। आजकल झड़ते बालों की समस्या आम हो गई है बच्चे बड़े सभी समस्या से परेशान हैं। डॉक्टर के पास जाने से बाल झड़ने की दवाई तो मिल जाती है किंतु वह अंग्रेजी दवाइयां केवल कुछ समय तक ही असर करती हैं। किंतु यदि आप घरेलू दवाई प्रयोग करेंगे तो आप आसानी से घर बैठे ही झड़ते बालों की समस्या से हमेशा के…
इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी य चंद्रचूड़ रिटायर होने वाले हैं क्योंकि उनका कार्यकाल पूरा हो गया है(सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस की रिटायरमेंट उम्र 6 वर्ष या 65 वर्ष आयु होती है) उनकी जगह अब नए सुप्रीम कोर्ट जज नियुक्त किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट का उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 में किया गया है। हम आपको बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना भारत के अगले प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। वो 11 नवंबर को सीजेआई पद की शपथ लेंगे। ये जानकारी केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी है। वो सीजेआई…
इस वर्ष राष्ट्रमंडल खेल यानी कॉमनवेल्थ गेम स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में होने वाले हैं।राष्ट्रमंडल खेलों का 23वां संस्करण 23 जुलाई से 2 अगस्त, 2026 तक ग्लासगो में आयोजित किया जाएगा। परंतु दुख की यह बात है कि इस बार कॉमनवेल्थ गेम से कुछ खेलो को हटा दिया गया है जिसमें अधिकारिक वे गेम है जिसमें भारत सबसे अधिक गोल्ड लेकर आता है। इस बार हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और स्क्वैश को छोड़कर केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं। शूटिंग, जिसे बर्मिंघम 2022 राष्ट्रमंडल खेलों के कार्यक्रम से हटा दिया गया था और यह अभी भी बाहर है।…
रूस के शहर कजान सम्मेलन शुरू हो गया है। वर्ष 2024 में यह सम्मेलन ब्राजील में होने वाला था परंतु ब्राजील में G 20 सम्मेलन होने के कारण इसे रूस में स्थानांतरित कर दिया गया। यही कारण है कि ब्रिक्स सम्मेलन 2024 की मेजबानी रूस कर रहा है।
तेनालीराम की कहानी आप सभी लोगों ने सुनी होगी तेनालीराम की कहानी बच्चों और बड़े सभी को पसंद आती है। इनकी कहानियों में तेनालीराम की बुद्धिमानी और चतुराई को दर्शाया जाता है कि तेनालीराम राधा कृष्ण देव राय के दरबार में किस तरीके से अपने चतुराई से सब का दिल जीत लेते थे आज ऐसी ही एक कहानी हम आपके लिए लेकर आए हैं आईए जानते हैं कि क्या है आज की कहानी… तेनालीराम और राजा कृष्णदेव राय एक बार राजा कृष्णदेव राय ने तेनालीराम से कहा, “तेनाली, मैंने सुना है कि तुम्हारी बुद्धिमत्ता और चतुराई के किस्से पूरे देश…
रामानुजन का जन्म एक गरीब परिवार में 22 दिसम्बर, 1887 को तमिलनाडु के इरोड़ कस्बे में हुआ था। उनके पिता एक साड़ी की दुकान पर क्लर्क का काम करते थे। रामानुजन के जीवन पर उनकी माँ का बहुत प्रभाव था। जब वे 11 वर्ष के थे, तो उन्होंने SL Loney द्वारा लिखित गणित की किताब की पूरी मास्टरी कर ली थी। गणित का ज्ञान तो जैसे उन्हें ईश्वर के यहाँ से ही मिला था। 14 वर्ष की उम्र में उन्हें मेरिट सर्टीफिकेट्स एवं कई अवार्ड मिले। वर्ष 1904 में जब उन्होंने टाउन हाईस्कूल से स्नातक पास की, तो उन्हें के. रंगनाथा…
