Author: Archana Dwivedi

Archana Dwivedi

I’m Archana Dwivedi - a dedicated educator and founder of an educational institute. With a passion for teaching and learning, I strive to provide quality education and a nurturing environment that empowers students to achieve their full potential.

एक छोटे से गाँव में अर्जुन नाम का लड़का रहता था। उसका परिवार बहुत गरीब था। पिता किसान थे और माँ घर का काम संभालती थी। अर्जुन बचपन से ही पढ़ाई में अच्छा था, लेकिन हालात ऐसे थे कि किताबें खरीदना भी मुश्किल हो जाता था। कई बार तो उसे अपने दोस्तों से पुरानी किताबें लेनी पड़ती थीं। गाँव के लोग अकसर कहते –“इतनी गरीबी में पढ़-लिखकर करेगा भी क्या? खेत जोत, यही तेरी किस्मत है।” लेकिन अर्जुन के अंदर एक अलग आग थी। वह मानता था कि अगर इंसान सच में ठान ले, तो उसकी मेहनत उसकी किस्मत बदल…

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भारत विविधताओं का देश है। यहां अलग-अलग संस्कृतियाँ, परंपराएँ और भाषाएँ देखने को मिलती हैं। लेकिन इन सबके बीच हिंदी वह भाषा है जो सबसे अधिक लोगों को जोड़ती है। इसी कारण हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता है? 14 सितंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया। इसमें तय किया गया कि हिंदी को भारत की राजभाषा बनाया जाएगा। इस दिन को यादगार बनाने और हिंदी के महत्व को समझाने के लिए हिंदी दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई पहली बार हिंदी दिवस कब मनाया गया?…

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भारत का उपराष्ट्रपति संविधान के अनुसार देश का दूसरा सबसे बड़ा संवैधानिक पद है। यह पद न केवल प्रतिष्ठा का प्रतीक है, बल्कि राज्यसभा के सभापति के रूप में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल और चुनाव का समय उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पाँच वर्ष का होता है। कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही निर्वाचन आयोग चुनाव की तारीख तय करता है ताकि पद कभी रिक्त न रहे। यदि इस्तीफा, निधन या किसी कारणवश पद खाली हो जाए तो जितनी जल्दी संभव हो सके, चुनाव कराया जाता है। हाल ही में 9 सितंबर 2025 को हुए चुनाव…

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अभी हाल ही में हुए चुनाव (9 सितम्बर 2025) में सी. पी. राधाकृष्णन (C. P. Radhakrishnan) भारत के नए उपराष्ट्रपति चुने गए हैं। उनका कार्यकाल पाँच साल का होगा और वे राज्यसभा के सभापति (Chairman of Rajya Sabha) के रूप में भी काम करेंगे। कौन है भारत के अगले उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन। आईये जानते हैं इनके पृष्ठभूमि के बारे में पूरा नाम: Chandrapuram Ponnusamy Radhakrishnan जन्म: 4 मई 1957, तिरुप्पुर, तमिलनाडु शिक्षा: उन्होंने वाणिज्य (Business Administration) में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है, V. O. Chidambaram College, तूतीकोरिन से। राजनीतिक एवं सार्वजनिक जीवन राधाकृष्णन बहुत छोटे से ही सामाजिक/राजनीतिक…

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गर्मियों के मौसम में और बरसात के मौसम में कई बार बालों में नमी होने के कारण बाल अधिक मात्रा में टूटते हैं जिसको रोकने के लोग कई प्रकार की बाहर की दवाइयां का प्रयोग करते हैं लेकिन इसके लिए सबसे सही उपाय है कि आप घरेलू नुस्खे का प्रयोग करें लिए जानते हैं कि गर्मियों और बरसात के मौसम में झड़ते बालों की समस्या से कैसे निजात पाए….. क्यों बाल खराब होते हैं? 1. धूप (UV Rays) – सूरज की सीधी किरणें बालों की नमी (moisture) खींच लेती हैं जिससे बाल रूखे और बेजान हो जाते हैं। 2. पसीना…

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                  चोर और कुआँ एक बार जब राजा कृष्णदेवराय जेल का सर्वेक्षण करने के लिए गए, तो वहाँ पर बंदी बनाए गए दो चोरों ने राजा से दया करने की सिफारिश की । उन्होंने बताया कि वो दोनों चोरी करने में माहिर थे, इसलिए वे दोनों अन्य चोरों को पकड़ने में राजा की मदद कर सकते हैं। राजा एक दयालु शासक था इसलिए उन्होंने अपने सिपाहियों से कह कर उन दोनों चोरों को रिहा करने का हुक्म दे दिया लेकिन एक शर्त के साथ। राजा ने चोरों से कहा कि हम तुम्हें रिहा कर देंगे और तुम्हें अपने जासूस के रूप में…

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आज की रात्रि का आकाश एक अद्भुत और दुर्लभ खगोलीय घटना का साक्षी बनने जा रहा है। 7 सितम्बर 2025 को पूर्ण चंद्रग्रहण लग रहा है, जो भारत सहित अनेक देशों में दिखाई देगा। यह केवल वैज्ञानिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ⏰ ग्रहण का समय आरंभ : रात्रि 9:58 बजे मध्य (पूर्ण अवस्था) : रात्रि 11:41 बजे समापन : प्रातः 1:26 बजे (8 सितम्बर) कुल अवधि : लगभग 3 घंटे 28 मिनट ग्रहण का ‘सूतक काल’ दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ होकर ग्रहण की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा।  चंद्रग्रहण…

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थट्टाचारी कृष्णदेव राय के दरबार में राजगुरु थे। वे तेनालीराम से बहुत ईर्ष्या करते थे। उन्हें जब भी मौका मिलता तो वे तेनालीराम के विरुद्ध राजा के कान भरने से नहीं चूकते थे।एक बार क्रोध में आकर राजा ने तेनालीराम को मृत्युदंड देने की घोषणा कर दी, परंतु अपनी विलक्षण बुद्धि और हाजिरजवाबी से तेनालीराम ने जीवन की रक्षा की। एक बार तेनालीराम ने राजा द्वारा दी जाने वाली मृत्युदंड की धमकी को हमेशा के लिए समाप्त करने की योजना बनाई। वे थट्टाचारी के पास गए और बोले, ‘महाशय, एक सुंदर नर्तकी शहर में आई है। वह आपके समान किसी…

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1. चंद्र ग्रहण का कारण जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण होता है। यह केवल पूर्णिमा की रात को ही हो सकता है। चंद्र ग्रहण के प्रकार पूर्ण चंद्र ग्रहण – जब पूरा चंद्रमा पृथ्वी की छाया में आ जाए। आंशिक चंद्र ग्रहण – जब चंद्रमा का कुछ भाग ही छाया में हो। उपछाया चंद्र ग्रहण – जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया (Penumbra) में प्रवेश करता है। 3. वैज्ञानिक महत्व यह हमें खगोलीय पिंडों की गति और उनकी स्थिति को समझने में मदद करता है।…

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